Tags

सावधान! क्या आप भी 24 घंटे प्लग में लगा छोड़ देते हैं चार्जर? ये छोटी सी गलती पड़ सकती है बहुत महंगी

क्या आप भी चार्जर को 24 घंटे प्लग में लगा छोड़ देते हैं? यह छोटी सी गलती आपको पड़ सकती है बहुत महंगी। चार्जर लगातार प्लग में रहने से बिजली की बर्बादी होती है, चार्जर जल्दी खराब होता है और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि उपयोग के बाद चार्जर को तुरंत अनप्लग कर दें। यह छोटी सी आदत न केवल आपके बिजली बिल को कम करेगी, बल्कि आपके घर की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।

By Pinki Negi

सावधान! क्या आप भी 24 घंटे प्लग में लगा छोड़ देते हैं चार्जर? ये छोटी सी गलती पड़ सकती है बहुत महंगी

आजकल लगभग हर घर में स्मार्टफोन और लैपटॉप रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। इन डिवाइस को चार्ज करने के लिए उनके चार्जर अक्सर बिजली के सॉकेट में लगे ही रहते हैं। कई लोग सुविधा के लिए चार्जर को निकालने की बजाय हमेशा प्लग में लगा रहने देते हैं और जरूरत पड़ने पर बस फोन कनेक्ट कर लेते हैं। लेकिन क्या यह आदत पूरी तरह सुरक्षित है या इससे बिजली की खपत, चार्जर की उम्र और घर की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है? कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि चार्जर को लगातार प्लग में रखना सही है या नहीं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

क्या इससे फोन या लैपटॉप की बैटरी खराब होती है?

आज के समय में स्मार्टफोन और लैपटॉप चार्जर पहले की तुलना में काफी स्मार्ट तकनीक के साथ बनाए जाते हैं। जब कोई डिवाइस पूरी तरह चार्ज हो जाती है, तो चार्जर अपने आप करंट को कम कर देता है या चार्जिंग लगभग रोक देता है। इसके साथ ही आधुनिक बैटरी में ओवरचार्जिंग से बचाने के लिए विशेष सुरक्षा सर्किट भी लगाए जाते हैं।

इसी वजह से अगर चार्जर सॉकेट में लगा हुआ है और फोन उससे जुड़ा नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं कि करंट लगातार पास हो रहा है। आधुनिक डिवाइस इस स्थिति को सुरक्षित तरीके से संभाल लेते हैं। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इससे बैटरी को सीधे नुकसान होने की संभावना बहुत कम होती है ।

होती रहती है बिजली की खपत

अगर चार्जर सॉकेट में लगा है लेकिन उससे कोई डिवाइस कनेक्ट नहीं है, तब भी वह थोड़ी बहुत बिजली इस्तेमाल करता रहता है। इसे तकनीकी भाषा में ‘वैंपायर एनर्जी’ या ‘स्टैंडबाय पावर’ कहा जाता है। यह बिजली की मात्रा बहुत कम होती है, अक्सर कुछ ही वाट। लेकिन अगर घर में कई चार्जर, टीवी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमेशा स्टैंडबाय मोड में रहते हैं, तो समय के साथ यह छोटी खपत भी बिजली के बिल में थोड़ा फर्क डाल सकती है। इसलिए ऊर्जा बचाने के लिहाज से जरूरत न होने पर चार्जर निकाल देना बेहतर माना जाता है ।

लगातार प्लग में रहने से चार्जर हो सकता है खराब

चार्जर लंबे समय तक सॉकेट में लगा रहने पर हल्का गर्म हो सकता है। खासकर अगर चार्जर पुराना हो या उसकी गुणवत्ता अच्छी न हो, तो यह गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है। लगातार गर्म रहने से चार्जर के अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा धीरे-धीरे इससे चार्जर की उम्र कम हो सकती है और वह जल्दी खराब भी हो सकता है। कुछ मामलों में सस्ते या खराब क्वालिटी वाले चार्जर सुरक्षा जोखिम भी पैदा कर सकते हैं। इसलिए हमेशा अच्छी क्वालिटी वाले और भरोसेमंद ब्रांड के चार्जर का इस्तेमाल करना जरूरी होता है ।

सुरक्षा के लिहाज से क्या सावधानी रखना जरूरी है

चार्जर को हमेशा ऐसे सॉकेट में लगाना चाहिए जो मजबूत और सही स्थिति में हो। ढीले सॉकेट, गीले स्थान या ज्वलनशील चीजों के पास चार्जर लगाना सुरक्षित नहीं माना जाता। अगर घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर हैं, तो लगातार प्लग में लगा चार्जर दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। हालांकि अच्छी क्वालिटी वाले चार्जर के साथ जोखिम बहुत कम होता है, लेकिन फिर भी थोड़ी सावधानी रखना जरूरी है। अगर चार्जर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो उसे सॉकेट से निकाल देना एक अच्छी आदत मानी जाती है। इससे बिजली की बचत भी होती है और घर की सुरक्षा भी बेहतर बनी रहती है ।

क्या करें, क्या न करें?

अगर कभी-कभी चार्जर प्लग में लगा रह जाए तो इससे तुरंत कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। आधुनिक डिवाइस और चार्जर इस स्थिति को संभालने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। लेकिन ऊर्जा बचाने, चार्जर की उम्र बढ़ाने और संभावित जोखिम से बचने के लिए यह अच्छी आदत है कि जब चार्जर का उपयोग न हो तो उसे सॉकेट से निकाल दिया जाए। यह एक छोटा सा कदम है, लेकिन इससे बिजली की बचत हो सकती है और घर की सुरक्षा भी थोड़ी बेहतर हो सकती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि रात में सोते समय या घर से बाहर जाते समय चार्जर को अनप्लग करना सबसे सुरक्षित विकल्प है ।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें