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क्या वाकई सफेद कार के मुकाबले काली कार में ज्यादा लगती है गर्मी? वैज्ञानिकों ने खोल दिया राज

गर्मियों में काली कारें सफेद से 10-20°C ज्यादा गर्म हो जाती हैं। Berkeley Lab शोध बताता है कि काला रंग 95% सूर्य प्रकाश सोख लेता है, सफेद मात्र 40%। टेस्ट में SUV का केबिन 55°C vs 45°C मापा गया। इंटीरियर, टिंट और AC ज्यादा असरदार। हल्के रंग चुनें माइलेज बचाने को।

By Pinki Negi

क्या वाकई सफेद कार के मुकाबले काली कार में ज्यादा लगती है गर्मी? वैज्ञानिकों ने खोल दिया राज

गर्मियों का मौसम आते ही कार मालिकों की चिंता बढ़ जाती है। जब वाहन घंटों धूप में खड़ा रहता है, तो अंदर का तापमान भट्टी जैसा हो जाता है। लेकिन क्या कार का रंग इस गर्मी का जिम्मेदार है? खासकर काली और सफेद कारों की तुलना पर सवाल उठते हैं। Berkeley Lab के शोध के अनुसार, काली कारें सूर्य की रोशनी का केवल 5% ही परावर्तित करती हैं, जबकि सफेद कारें 60% तक रोशनी वापस फेंक देती हैं । इससे साबित होता है कि गहरे रंग ज्यादा गर्मी सोखते हैं।

विज्ञान के पीछे का राज

सूर्य की किरणें विजिबल लाइट और इंफ्रारेड रेडिएशन से बनी होती हैं, जो गर्मी पैदा करती हैं। काला रंग इन तरंगों को अवशोषित कर लेता है और उन्हें ऊष्मा में बदल देता है। वहीं सफेद रंग परावर्तन (रिफ्लेक्ट) करता है, जिससे बॉडी का तापमान कम रहता है। एक टेस्ट में टोयोटा SUV पर प्रयोग किया गया: एक घंटे धूप के बाद काली कार का इंटीरियर 55°C तक पहुंच गया, जबकि सफेद का 45°C रहा। AC चालू करने पर भी काली कार 33°C पर अटक गई । एक रिपोर्ट के मुताबिक, काले रंग की कारें सफेद से 20-30 डिग्री ज्यादा गर्म हो सकती हैं ।

यह फर्क इसलिए महसूस होता है क्योंकि गर्म बॉडी से निकलने वाली ऊष्मा केबिन में घुस जाती है। ग्रीनहाउस इफेक्ट से धूप खिड़कियों से अंदर आती है, डैशबोर्ड और सीट्स को गर्म करती है, और बाहर नहीं निकल पाती। एक विश्लेषण में पाया गया कि गहरे रंग की सतह सफेद से ज्यादा गर्म होती है, जो केबिन को प्रभावित करती है ।

इंटीरियर का योगदान

बाहरी रंग जितना मायने रखता है, उतना ही इंटीरियर भी। गहरे रंग का लेदर या फैब्रिक ज्यादा गर्मी सोखता है और देर तक गर्म रहता है। India TV की रिपोर्ट कहती है कि लाइट कलर की कारें कम अवशोषित करती हैं, लेकिन डार्क इंटीरियर सब बिगाड़ देता है । विशेषज्ञ सलाह देते हैं: टिंटेड ग्लास, सनशेड्स, वेंटिलेटेड सीट्स और मजबूत AC सिस्टम इस्तेमाल करें। ये रंग से ज्यादा असरदार हैं।

रोजमर्रा का असर और माइलेज पर प्रभाव

दैनिक जीवन में फर्क 5-10 डिग्री का होता है, जो असहज कर सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, काली कारों में AC ज्यादा चलता है, जिससे माइलेज 10-15% कम हो जाता है । गर्म इलाकों जैसे दिल्ली-राजस्थान में यह समस्या गंभीर है। छांव में पार्किंग या रिफ्लेक्टिव कवर ज्यादा फायदेमंद हैं।

कार खरीदते समय टिप्स

गर्म क्षेत्रों में सफेद, सिल्वर या हल्के रंग चुनें। लेकिन रंग के अलावा इंटीरियर मटेरियल, ग्लास क्वालिटी और कूलिंग फीचर्स देखें। कुल मिलाकर, रंग एक फैक्टर है, लेकिन समग्र डिजाइन ज्यादा मायने रखता है। वैज्ञानिक शोध साफ कहते हैं: हल्के रंग गर्मी से राहत देते हैं, लेकिन स्मार्ट आदतें जरूरी हैं ।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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