
फरवरी का महीना कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा। मार्च की शुरुआत से ही गर्मी जोर पकड़ने लगेगी। घरों और गाड़ियों में AC चलने लगेंगे। घरों में चलने वाले AC बिजली खाते हैं और कार में चलने वाली AC तेल खाते हैं। यानी की पेट्रोल-डीजल की खपत करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कार के AC को एक घंटे तक लगातार चलाया जाए तो कितना तेल खर्च होगा? क्या यह लागत घरेलू AC की खपत से ज्यादा होगी या कम होगी? हमारी डीप रिसर्च से खुलासा हुआ है कि कार का AC घरेलू AC से 3-4 गुना महंगा पड़ता है।
कार AC की ईंधन भूख
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में तापमान 35 डिग्री पार कर रहा है। ट्रैफिक जाम में फंसी कारों में AC चालू रखना मजबूरी बन गया है। लेकिन इंजन से पावर लेने वाला कार AC ईंधन की भारी कीमत वसूलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, खड़ी कार (इडलिंग) में AC चलाने पर छोटी हैचबैक या सेडान (1.2-1.5 लीटर इंजन) 1 घंटे में 0.2-0.4 लीटर पेट्रोल खर्च करती है। वहीं, SUV या 2 लीटर से बड़े इंजन वाली पावरफुल कारें 0.5-0.7 लीटर पेट्रोल गटक लेती हैं।
खपत पर असर डालने वाले कारक
यह आंकड़े औसत हैं और मौसम, AC की स्थिति, इंजन टेक्नोलॉजी पर निर्भर करते हैं। गर्मी ज्यादा होने पर कंप्रेसर ज्यादा मेहनत करता है, खपत बढ़ जाती है। चलती कार में ड्राइविंग स्पीड बढ़ने पर खपत 10-20% कम हो सकती है, क्योंकि एयर फ्लो नैचुरल कूलिंग में मदद करता है। लेकिन जाम में खड़ी गाड़ी में इंजन पर लोड पड़ता है, माइलेज गिर जाता है। वर्तमान में पेट्रोल ₹100/लीटर के आसपास है, तो छोटी कार में 1 घंटे का खर्च ₹20-40 और SUV में ₹50-70 बनता है।
घरेलू AC की बिजली खपत
अब तुलना करें घरेलू AC से। एक 1.5 टन का 5-स्टार इन्वर्टर AC 1 घंटे में सिर्फ 1.2-1.3 यूनिट बिजली लेता है। 3-स्टार मॉडल में 1.5-1.7 यूनिट। दिल्ली में बिजली दर ₹8-10/यूनिट है, यानी कुल खर्च ₹12-20। मतलब, घर का AC कार AC से कई गुना सस्ता! ऊर्जा विशेषज्ञ बताते हैं कि कार AC का इंजन-चालित कंप्रेसर कम कुशल होता है, जबकि घरेलू इन्वर्टर टेक्नोलॉजी बिजली बचाती है।
लागत तुलना तालिका
| प्रकार | 1 घंटे खपत | लागत (₹100/लीटर, ₹10/यूनिट) |
|---|---|---|
| छोटी कार AC (हैचबैक) | 0.2-0.4 लीटर पेट्रोल | 20-40 |
| SUV AC | 0.5-0.7 लीटर पेट्रोल | 50-70 |
| घर का 1.5 टन 5-स्टार AC | 1.2-1.3 यूनिट बिजली | 12-20 |
| घर का 3-स्टार AC | 1.5-1.7 यूनिट बिजली | 15-17 |
सालाना खर्च का बोझ
यह फर्क सालाना हजारों रुपये का होता है। अगर आप रोज 2 घंटे कार AC चलाते हैं, तो महीने में ₹3,000-4,000 का अतिरिक्त खर्च। डीजल कारों में खपत थोड़ी कम (0.4-0.6 लीटर) होती है, लेकिन कुल मिलाकर महंगा ही है।
बचत के आसान टिप्स
- कार AC कम स्पीड पर चलाएं, फैन ज्यादा यूज करें।
- पार्किंग में इंजन बंद रखें, पोर्टेबल कूलर ट्राई करें।
- कार AC सर्विसिंग समय पर कराएं, गैस लीक न हो।
- EV कारें चुनें, जहां AC बैटरी से चलती है, पेट्रोल बचता है।
गर्मी के इस मौसम में जेब बचाने के लिए सोच-समझकर AC यूज करें। घरेलू AC ही सस्ता विकल्प है, कार में सीमित इस्तेमाल जरूरी।









