
होम गार्डनिंग का शौक तेजी से बढ़ रहा है। हर घर में मनी प्लांट की बेल सजावट और वास्तु के लिए पसंदीदा है। यह आसानी से उगता है, लेकिन कई लोग इसे हरा-भरा और तेजी से बढ़ाने के लिए इस्तेमाल चाय पत्ती डालते हैं। क्या यह सही है? विशेषज्ञों और गार्डनिंग टिप्स के आधार पर हम खोलते हैं इस लोकप्रिय नुस्खे का पूरा राज।
चाय पत्ती के फायदे
चाय की पत्तियां मनी प्लांट के लिए प्राकृतिक उर्वरक साबित हो सकती हैं। इनमें भरपूर नाइट्रोजन होता है, जो पत्तियों को चमकदार और हरा-भरा बनाता है। सड़ी हुई चाय पत्ती मिट्टी में ऑर्गेनिक मैटर बढ़ाती है, जिससे मिट्टी ढीली और पौष्टिक हो जाती है। पोटैशियम व सूक्ष्म तत्व जड़ों को मजबूत करते हैं, बेल लंबी खिंचती है।सस्ता और घरेलू यह तरीका 2-3 हफ्तों में नई पत्तियां निकालने लगता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट डॉ. विवेक कश्यप के अनुसार, एसिडिक प्रकृति मनी प्लांट के लिए उपयुक्त है।
फंगस और अम्लता का खतरा
हर अच्छी चीज के दो पहलू होते हैं। गीली चाय पत्ती मिट्टी में फंगस या मोल्ड लगा सकती है, खासकर मानसून में। चींटियां-कीड़े भी आकर्षित होते हैं। ज्यादा मात्रा से मिट्टी अम्लीय हो जाती है, जो पौधे को नुकसान पहुंचाती है। यूज्ड पत्ती में चीनी-दूध बाकी रहने पर समस्या बढ़ती है। इसलिए सुखाना अनिवार्य। गलत इस्तेमाल से पीली पत्तियां और जड़ सड़न हो सकती है।
सही तरीका: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
सावधानी से अपनाएं तो कमाल हो जाएगा। इस्तेमाल चाय पत्ती धोकर धूप में सुखाएं, पीसकर पाउडर बनाएं। 1 चम्मच छोटे गमले में, 2 चम्मच बड़े में मिलाएं। या 1 चम्मच को 1 लीटर पानी में 24-48 घंटे भिगोकर छान लें, हफ्ते में एक बार डालें। मिट्टी ऊपर फैलाएं, जड़ों के पास न डालें। हर 15-20 दिन में दोहराएं। पानी कम दें, अप्रत्यक्ष धूप रखे
मेरठ, 31 मार्च 2026: होम गार्डनिंग का शौक तेजी से बढ़ रहा है। हर घर में मनी प्लांट की बेल सजावट और वास्तु के लिए पसंदीदा है। यह आसानी से उगता है, लेकिन कई लोग इसे हरा-भरा और तेजी से बढ़ाने के लिए इस्तेमाल चाय पत्ती डालते हैं। क्या यह सही है? विशेषज्ञों और गार्डनिंग टिप्स के आधार पर हम खोलते हैं इस लोकप्रिय नुस्खे का पूरा राज।
एक्सपर्ट्स की पसंदीदा खादें
चाय पत्ती के अलावा एप्सम सॉल्ट (मैग्नीशियम सल्फेट) पत्तियों को बड़ा बनाता है। सीवीड लिक्विड फर्टिलाइजर ग्रोथ बूस्ट करता है। मिट्टी वाले के लिए गोबर खाद या NPK (19-19-19), पानी वाले के लिए हाइड्रोपोनिक न्यूट्रिएंट्स बेस्ट। महीने में एक बार ही दें। DAP-यूरिया जड़ मजबूत करते हैं। प्याज छिलके का ‘लाल घोल’ नाइट्रोजन देता है।









