
गर्मी का अंधड़ जैसे ही शुरू होता है, घर-ऑफिस में एयर कंडीशनर (AC) ही सहारा बनता है। लेकिन महीनों बंद पड़े AC को सीधे चालू करना भारी पड़ सकता है। बदबू, कम कूलिंग, ज्यादा बिजली बिल या खराबी- ये समस्याएं आम हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हर साल गर्मी में सर्विस कॉल्स में 40% इजाफा इसी लापरवाही से होता है ।
स्वास्थ्य जोखिम: एलर्जी का खतरा
लंबे समय बंद रहने पर AC फिल्टर में धूल, फंगस और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। स्विच ऑन करते ही ये गंदी हवा कमरे में फैलती है, जिससे सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, सिरदर्द या एलर्जी हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 30% AC यूजर्स को ऐसी शिकायतें होती हैं । फिल्टर निकालकर पानी से धोएं, सुखाएं या बदलें। गंदा फिल्टर कूलिंग 20% कम कर देता है और बिजली खपत बढ़ाता है ।
आउटडोर यूनिट: गर्मी का दुश्मन
बाहरी यूनिट पर धूल, पत्ते या कचरा जमा होने से हीट डिसिपेशन रुक जाता है। कंप्रेसर ज्यादा मेहनत करता है, जिससे लाइफ घटती है और बिल 15-20% बढ़ जाता है। ब्रश या हल्के पानी से साफ करें, आसपास 2 फीट खाली जगह रखें। ड्रेन पाइप चेक करें- ब्लॉकेज से पानी लीक होता है, जो फिसलन या शॉर्ट सर्किट का कारण बनता है ।
बिजली सुरक्षा: शॉर्ट सर्किट से बचाव
प्लग, वायरिंग और स्टेबलाइजर जांचें। ढीले कनेक्शन से आग लगने का खतरा रहता है। वोल्टेज फ्लक्चुएशन (220-240V) वाले इलाकों में स्टेबलाइजर अनिवार्य है। खराब कंप्रेसर रिपेयर में 5-10 हजार रुपये लग सकते हैं । पहले 10-15 मिनट फैन मोड चलाएं, ताकि धूल-नमी निकल जाए और लोड कम पड़े ।
सही इस्तेमाल: लोड न डालें
टेम्परेचर 24-26°C सेट करें, न कि 16°C। इन्वर्टर AC को लगातार चलने दें- बार-बार ऑन/ऑफ से 10% बिजली बर्बाद होती है। अगर बदबू या तेज आवाज आए, तो तुरंत बंद कर सर्विस बुलाएं। प्रोफेशनल हार्ड सर्विस (गैस चेक, कॉइल क्लीनिंग) से 30% ऊर्जा बचत होती है ।
सर्विस टालें नहीं
सीजन शुरू होते ही सर्विस कराएं। गैस लीक, सेंसर फेलियर या माउंटिंग ढीलापन पहले पकड़ लें। देरी से ब्रेकडाउन महंगा साबित होता है। विशेषज्ञ कहते हैं, सालाना मेंटेनेंस AC की उम्र 5-7 साल बढ़ा देता है । दिल्ली-एनसीआर में अभी सर्विस बुकिंग शुरू कर दें, वरना गर्मी में लाइन लगेगी। गर्मी से राहत पाने के चक्कर में AC खराब न हो, इसके लिए 5 मिनट की तैयारी काफी। साफ-सुथरा AC न सिर्फ ठंडक देगा, बल्कि जेब भी बचाएगा।









