घर में बुजुर्ग हैं? ये हेल्थ पॉलिसी जरूर जानें, वक्त पड़ने पर बेहद काम आएगी!

अगर आपके घर में माता-पिता या दादा-दादी रहते हैं तो ये खास हेल्थ पॉलिसी प्लान्स जानना आपके लिए जरूरी है। मेडिकल इमरजेंसी में ये पॉलिसी बन सकती है बड़ी मदद और बचा सकती है हजारों-लाखों रुपये। जानिए कौन-सी पॉलिसी है बेस्ट, क्या हैं फायदे और कैसे करें सही चुनाव। पढ़ें पूरी जानकारी यहां!

By Pinki Negi

घर में बुजुर्ग हैं? ये हेल्थ पॉलिसी जरूर जानें, वक्त पड़ने पर बेहद काम आएगी!

बढ़ती उम्र के साथ-साथ कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ने लगती है, खासतौर पर यदि घर में कोई बुजुर्ग व्यक्ति है तो उनकी सेहत का अधिक ख्याल रखना बेहद ही जरुरी हो जाता है। सेहत से जुडी तकलीफें नजरअंदाज करने से कई बड़ी बिमारी भी बन सकती है, जिससे इलाज का खर्चा उठा पाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। ऐसे में भविष्य के लिए पहले से तैयारी करना बेहद ही जरुरी है।

अपने घर के बुजुर्ग व्यक्ति के लिए एक सही हेल्थ पॉलिसी लेना समझदारी का काम हो सकता है। यह न केवल समय पर गंभीर बिमारी के इलाज के समय आपको बड़े खर्चे से बचाती है, बल्कि आपको मुश्किल वक्त में बड़ा सहारा भी बनता है। तो चलिए जानते हैं बुजुर्गों के लिए कौन सी हेल्थ पॉलिसी है सबसे बेहतर।

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बुजुर्गों के लिए अपनाएं ये पॉलिसी

बता दें, यदि आप अपने घर के किसी बड़े बुजुर्ग व्यक्ति के लिए हेल्थ पॉलिसी लेना चाहते हैं तो आयुष्मान वय वंदना योजना उनके लिए बेहद ही फायदेमंद साबित हो सकती है। इस योजना के तहत 70 साल या उससे अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को किसी गंभीर बिमारी में इलाज के लिए वार्षिक 5 लाख रूपये तक का कवर मिलता है। इसमें भर्ती से लेकर दवाइयों और इलाज का पूरा खर्च शामिल होता है।

इस योजना के तहत बीमारी के इलाज के लिए सरकारी या निजी किसी भी अस्प्ताल से फायदा उठाया जा सकता है। इसके अलावा योजना में किसी प्रीमियम की आवश्यकता नहीं होती केवल आधार कार्ड और आयु की शर्तें पूरी होनी जरुरी है।

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राज्य सरकारें भी चला रही हैं योजनाएं

बता दें, देशभर में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी बुजुर्गों के इलाज हेतु ऐसी योजनाएं चला रही है। इनमें राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी अलग-अलग नाम से लोगों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस या निशुल्क इलाज प्रोग्राम चलाए जाते हैं, जिनके जरिए हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर दवाइयों तक का खर्चा निशुल्क होता है। इसके अलावा कई राज्यों में तो एम्बुलेंस सेवा के साथ जाँच भी मुफ्त होता है।

प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस भी हैं उपलब्ध

यदि कोई व्यक्ति सरकारी योजना के लिए पात्र नहीं माना जाता तो वह प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस भी ले सकते हैं। बाजार में बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग कंपनियों की कई पॉलिसियां मौजू हैं तो उन्हें जैसे प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज या दे-केयर ट्रीटमेंट, निशुल्क इलाज की सुविधा देती हैं। आप अपने बजट के हिसाब से अपने लिए सही पॉलिसी का चयन कर अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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