
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। विशेष रूप से 5 मार्च 2026 (गुरुवार) और 6 मार्च 2026 (शुक्रवार) को निर्धारित परीक्षाओं पर यह रोक लगाई गई है। सीबीएसई ने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी, जिसमें छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताई गई।
क्षेत्र में ईरान-इजरायल संघर्ष की आशंका
क्षेत्र में ईरान-इजरायल संघर्ष की आशंका और हिंसक घटनाओं ने स्थिति को जटिल बना दिया है। बोर्ड के अनुसार, ये परीक्षाएं स्थगित की गई हैं ताकि छात्रों को किसी जोखिम का सामना न करना पड़े। 5 मार्च को क्लास 10 के लिए सिंधी, मलयालम, ओड़िया, असमिया, कन्नड़ जैसी भाषा विषयों और क्लास 12 के कुछ पेपर प्रभावित हुए हैं, जबकि 6 मार्च को क्लास 10 के पेंटिंग आदि विषय शामिल हैं।
नई तारीखों की घोषणा बोर्ड द्वारा परिस्थितियों की समीक्षा के बाद की जाएगी। यह बदलाव केवल मिडिल ईस्ट क्षेत्र तक सीमित है; भारत और अन्य जगहों पर डेटशीट सामान्य बनी हुई है।
सीबीएसई का यह निर्णय छात्रों के हित में है…
सीबीएसई का यह निर्णय छात्रों के हित में है, लेकिन इससे अभिभावकों और शिक्षाविदों में चिंता बढ़ गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 5 मार्च 2026 को स्थिति की दोबारा समीक्षा होगी। इस आधार पर 7 मार्च और उसके बाद की परीक्षाओं का भविष्य तय होगा। यदि आवश्यक लगा, तो आगे के पेपर भी स्थगित हो सकते हैं।
बोर्ड का उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि परीक्षाएं शांतिपूर्ण व सुरक्षित वातावरण में आयोजित हों। पहले ही 3 मार्च के कुछ पेपरों को क्लास 10 के लिए 11 मार्च और क्लास 12 के लिए 10 अप्रैल शिफ्ट किया गया था, जो इस नीति का हिस्सा है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए CBSE के निर्देश
छात्रों और अभिभावकों के लिए सीबीएसई ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने सलाह दी है कि नवीनतम अपडेट के लिए cbse.gov.in वेबसाइट और स्कूलों से लगातार संपर्क में रहें। सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी खबरें, जैसे परीक्षाओं के पूर्ण रद्द होने के दावे, से बचें। केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। तैयारी जारी रखें, क्योंकि नई तारीखें जल्द घोषित हो सकती हैं। यह सलाह विशेष रूप से मिडिल ईस्ट के हजारों भारतीय प्रवासी परिवारों के लिए उपयोगी है, जो पहले से ही क्षेत्रीय अस्थिरता से जूझ रहे हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उचित है
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उचित है। डॉ. एके सिंह, पूर्व सीबीएसई अधिकारी, ने कहा, “छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे फैसले से परीक्षा की गुणवत्ता प्रभावित नहीं होती।” हालांकि, देरी से छात्रों का मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पिछले वर्ष कोविड के दौरान भी सीबीएसई ने इसी तरह लचीला रुख अपनाया था। वर्तमान में मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है- ईरान के हालिया हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने स्थिति बिगाड़ दी है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स भी यात्रा सलाह जारी कर रही हैं।
सीबीएसई की आगामी परीक्षाओं पर नजर
सीबीएसई न केवल वर्तमान, बल्कि भविष्य की परीक्षाओं पर भी नजर रखे हुए है। 7 मार्च के बाद के शेड्यूल पर फैसला 5 मार्च की मीटिंग में होगा। यदि तनाव कम न हुआ, तो और बदलाव संभव हैं। छात्रों को सलाह है कि रिवीजन पर फोकस करें और अफवाहों से दूर रहें।









