
ग्लोबल तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चिति के बीच भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ सत्रों से भारी उतार-चालाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजारों में मंदी का माहौल रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखा गया है। पिछले एक हफ्ते में ही निफ्टी 50 में 1.8% और सेंसेक्स में 3.52% की गिरावट देखी गई है। ऐसे में निवेशक घबराहट में हैं, लेकिन बाजार के विशेषक इसे ‘बिक्री का सही मौका’ मानते हुए 10 ऐसे ‘फौलादी’ (सुस्फुत/मजबूत) शेयरों की पहचान की है, जो इस गिरावट में भी 40% तक का बंपर रिटर्न दिला सकते हैं।
बाजार की गिरावट: मौका या खतरना?
शेयर बाजार की पुरानी कहावत है: “जब बाजार डरता है, तो खरीदें।” यही स्थिति वर्तमान बाजार में भी देखी जा रही है। जहाँ एक ओर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजारों को हिलाया है, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों के लिए ‘बिकवाली’ के बजाय ‘खरीदारी’ का सही समय हो सकता है।
विशेषज्ञों की रणनीति
ब्रोकरेज हाउस और बाजार विशेषज्ञों ने अपनी ताजा रिपोर्ट्स में उन 10 कंपनियों की सूची जारी की है जो गिरते बाजार में भी मजबूत रहने की क्षमता रखती हैं। इनमें 40% तक का संभावित वृद्धि की संभावना जताई गई है।
1. एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स
मोतीलाल ओसवाल ने इस स्टॉक पर ₹1,860 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 17% की तेजी दर्शाता है। कंपनी ने ऊर्जा दक्षता नियमों और लागत दबाव के बावजूद 5-स्टार और 3-स्टार एसी की कीमतों में वृद्धि की है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
2. श्रमिक फाइनेंस
जेफरीज के अनुसार, इस स्टॉक में 21% तक का उछाल आ सकता है, जिसका टारगेट प्राइस ₹1,220 है। कंपनी का बिजनेस मॉडल स्थिर है और आने वाले समय में फंडिंग लागत में कमी से मुनाफे में सुधार की उम्मीद है।
3. रिलायंस इंडस्ट्रीज
जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि रिलायंस के शेयरों में गिरावट अत्यधिक हुई है और इसे खरीदारी का मौका बताया है। इसका टारगेट प्राइस ₹1,730 है, जो लगभग 28.6% का रिटर्न दे सकता है।
4. आदित्य बिड़ल कैपिटल
मोतीलाल ओसवाल ने इस स्टॉक के लिए ₹415 का लक्ष्य रखा है, जो लगभग 29% के अपसैंड का संकेत देता है। कंपनी के सभी प्रमुख व्यवसायों में सुधार जारी है।
5. जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग
देश की प्रमुख नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में से एक के रूप में, इसका टारगेट ₹520 है। कठोर नियमों और बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट के कारण इसमें 29% से अधिक की वृद्धि की उम्मीद है।
6. डेलीवरी
मोतील ई-कॉमर्स वॉल्यूम में वृद्धि के कारण लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सुधार की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल ने ₹580 का लक्ष्य रखा है, जो 35% तक का रिटर्न दे सकता है।
7. टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस एफएमसीजी स्टॉक पर 35% की तेजी का अनुमान लगाया है। स्वास्थ्य और वेलनेस उत्पादों की बढ़ती मांग कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक है।
8. अपोलो टायर्स
एमके ग्लोबल के अनुसार, इस शेयर में 36% तक का उछाल आ सकता है। सरकारी बुनियादी सुविधाओं पर खर्चे और GST कटौती का लाभ मिल रहा है।
9. अदानी पोर्ट्स
जेपी मॉर्गन ने इस शेयर पर ₹1,944 का टारगेट दिया है, जो 36% की वृद्धि की ओर इशारा करता है। भारत के सबसे बड़े समुद्री बुनियादी ढांचे के साथ, यह सेक्टर में अग्रणी है।
10. क्रॉम्पटन ग्रीव्स
मोताल ओसवाल के अनुसार, इस कंपनी के शेयर 40% तक का भारी रिटर्न दे सकते हैं। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
निवेशक को क्या करना चाहिए?
वर्तमान बाजार की गिरावट को ‘बिकवाली’ के बजाय ‘खरीदारी’ के रूप में देखना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार के डर के समय मजबूत कंपनियों में निवेश भविष्य में शानदार नतीजे दे सकता है। हालाँकि, निवेश से पहले अपनी सहनशीलता और वित्तीय लक्ष्यों का आकलन जरूरी है।









