Tags

8th Pay Commission: कर्मचारियों की लॉटरी! सैलरी के साथ HRA में भी होगा भारी इजाफा; दिल्ली से पटना तक, जानें किसकी कितनी बढ़ेगी कमाई

NC-JCM ने 8वीं वेतन आयोग को सौंपे मेमोरेंडम में न्यूनतम पे 18,000 से 69,000 रुपये, HRA को X(40%), Y(35%), Z(30%) करने की मांग की। 30 अप्रैल डेडलाइन से पहले दिल्ली-पुणे मीटिंग्स तय। दिल्ली से पटना तक लेवल-1 कर्मचारियों को 5 गुना HRA फायदा, 1 करोड़ लोगों की सैलरी-पेंशन में उछाल।

By Pinki Negi

8th pay commission hra hike calculator city wise benefits

 केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वीं वेतन आयोग एक बड़ी राहत बनने को तैयार है। सुझावों की डेडलाइन 30 अप्रैल को समाप्त हो रही है, जबकि आयोग दिल्ली और पुणे जैसे शहरों में हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित करने की तैयारी में जुटा है। इसी बीच, नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने लंबी चर्चाओं के बाद अपना ‘कॉमन मेमोरेंडम’ आयोग को सौंप दिया है।

इसमें सैलरी संरचना में क्रांतिकारी बदलाव की मांग की गई है, खासकर हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भारी बढ़ोतरी। अगर ये मांगें मानी गईं, तो लेवल-1 से लेवल-18 तक के कर्मचारियों की जेब में ऐतिहासिक उछाल आएगा ।

आयोग की तैयारियां और डेडलाइन

NC-JCM ने न्यूनतम बेसिक पे को मौजूदा 18,000 रुपये से सीधे 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान 18 पे लेवल को घटाकर मात्र 7 करने की मांग है, जिससे प्रमोशन प्रक्रिया सरल हो जाएगी। फिटमेंट फैक्टर 3.83 रखने, हर साल 6% वार्षिक इंक्रीमेंट सुनिश्चित करने और पेंशन को अंतिम वेतन का 67% करने की बात कही गई है। लेकिन सबसे चर्चित मांग HRA से जुड़ी है। पिछले वर्षों में शहरों में किराए और रहन-सहन की लागत आसमान छू रही है।

DA 50% पार कर चुका है, इसलिए वर्तमान HRA दरें X शहरों के लिए 30%, Y के लिए 20% और Z के लिए 10% हैं। न्यूनतम फ्लोर भी तय है—X में 5,400, Y में 3,600 और Z में 1,800 रुपये। NC-JCM ने इन्हें क्रमशः 40%, 35% और 30% करने की सिफारिश की है। साथ ही, HRA को DA से सीधे लिंक करने का प्रस्ताव है, ताकि महंगाई बढ़ने पर भत्ता खुद-ब-खुद संशोधित हो ।

NC-JCM की प्रमुख मांगें

शहरों का वर्गीकरण आबादी पर आधारित है। X श्रेणी में 50 लाख से अधिक आबादी वाले महानगर जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे शामिल हैं। यहां L-1 कर्मचारी का बेसिक पे 18,000 पर HRA 5,400 से बढ़कर 40% पर 27,600 रुपये (3.83 FF के बाद) हो सकता है यानी 5 गुना से ज्यादा फायदा। Y श्रेणी (5-50 लाख आबादी) में पटना, लखनऊ, जयपुर, नागपुर, इंदौर, चंडीगढ़ जैसे शहर आते हैं। यहां HRA 20% से 35% पर उछलेगा।

उदाहरणस्वरूप, पटना में L-1 कर्मचारी को 3,600 से 24,105 रुपये तक का लाभ मिलेगा। Z श्रेणी 5 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहर और ग्रामीण इलाके- को सबसे ज्यादा प्रतिशत वृद्धि (10% से 30%) का फायदा होगा। एक L-1 कर्मचारी का HRA 1,800 से 20,790 रुपये पहुंच सकता है, जो कुल सैलरी का बड़ा हिस्सा बनेगा ।

शहरवार HRA का फायदा

ये बदलाव 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को प्रभावित करेंगे। पेंशन में भी समान बढ़ोतरी होगी, न्यूनतम 9,000 से 26,000+ रुपये। अन्य भत्ते जैसे TA, DA रीसेट और महंगाई राहत में भी संशोधन होगा। NC-JCM का तर्क है कि न्यूनतम मजदूरी स्वास्थ्य, उत्पादकता और गरिमा सुनिश्चित करे। हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट का है। DoPT की वेबसाइट पर अपडेट रहें। अगर मांगें पूरी हुईं, तो दिल्ली के महंगे फ्लैट से पटना के मध्यम घर तक हर कर्मचारी मुस्कुराएगा। आयोग की रिपोर्ट 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें