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किसानों की मौज! सरकार की इन 5 योजनाओं में मिल रही है बंपर सब्सिडी, खाद से लेकर मशीनरी तक सबकुछ होगा सस्ता

सरकार की पांच बड़ी योजनाएं- पीएम‑किसान, पीएम‑फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि मशीनीकरण और पीएम‑कृषि सिंचाई योजना- 2026 में किसानों को नकदी सहायता, जोखिम से बचाव, सस्ता कर्ज, मशीनरी पर सब्सिडी और बेहतर सिंचाई सुविधा दे रही हैं। इससे खेती सस्ती, सुरक्षित और ज्यादा मुनाफेदार बन रही है।

By Pinki Negi

top 5 government schemes for farmers subsidy details

भारत आज भी अपने आप को “किसानों की देश” कहलवाता है, लेकिन खेती की आर्थिक दुनिया में किसान अकेले नहीं लड़ रहे हैं। बढ़ती लागत, अस्थिर मौसम, सस्ते दरों पर फसल बेचने की मजबूरी और मशीनों की महंगाई के बीच सरकार ने ऐसी योजनाएं खड़ी की हैं, जो सीधे तौर पर खेती की लागत घटा रही हैं और किसानों को “मौज” वाली जिंदगी की तरफ धकेल रही हैं। 2026 की स्थिति में पीएम किसान, पीएम–कुसुम, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि मशीनीकरण जैसी योजनाएं उन पांच बड़े स्तंभों की तरह काम कर रही हैं, जिन पर नया किसान अपना बजट, जोखिम और तकनीकी विकास टिकाकर चल रहा है।

पीएम‑किसान सम्मान निधि

पहली और सबसे सीधी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM‑KISAN) है, जो हर वर्ष योग्य जमींदार किसान परिवार को 6000 रुपये की आय–सहायता देती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में तीन किस्तों में पहुंचती है, ताकि बीज, खाद, छोटे सिंचाई उपकरण या घर का आवश्यक खर्च निकाला जा सके। इस छोटी सी रकम से साहूकारों से लिए जाने वाले ब्याजदार कर्ज का दबाव कम होता है और खेत में लगाई गई मेहनत पर नियंत्रण बना रहता है।

सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 तक इस योजना से लाखों किसान परिवारों को रिकरिंग नकदी लाभ मिल चुका है, जिससे ग्रामीण खपत और स्थानीय बाजारों में मांग दोनों बढ़ी है।

पीएम‑फसल बीमा

दूसरी बड़ी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) है, जो मौसम, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि या कीट‑प्रकोप से उत्पन्न नुकसान के खिलाफ किसान को बचाव की तरह खड़ी है। इस योजना के तहत किसान कम प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा कर सकता है; अगर नुकसान होता है तो आंकलित नुकसान के अनुपात में मुआवजा सीधे बैंक खाते में आता है।

इससे न केवल नकदी झटका कम होता है, बल्कि किसान के मन में यह भी आता है कि अगली बार वह बेहतर बीज या उन्नत तकनीक अपना सकता है, क्योंकि जोखिम का बोझ पूरा उसके ऊपर नहीं रहता। आज के दौर में जब मौसम अस्थिर है, PMFBY खेती को जोखिम‑मित्रता देने वाली सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में गिनी जा रही है।

किसान क्रेडिट कार्ड

तीसरी योजना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऐसी चाबी है, जो खेती के लिए “ऑन‑डिमांड पूंजी” देती है। KCC के तहत बैंक किसान को एक निश्चित सीमा तक लोन उपलब्ध कराता है, जिस पर ब्याज दर सामान्य कमर्शियल लोन से कम होती है। समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त ब्याज छूट भी मिल सकती है, जो छोटे किसान के लिए बहुत बड़ी राहत है। इस लोन का उपयोग किसान बीज, खाद, सिंचाई उपकरण, ट्रैक्टर, यहां तक कि छोटे पशुपालन या डेयरी व्यवसाय पर भी कर सकता है। KCC ने बैंकिंग जगत के लिए खेती को भी एक व्यवसाय जैसा दिखाया है और इससे ग्रामीण लोनिंग‑सिस्टम भी मजबूत हुआ है।

कृषि मशीनीकरण योजना

चौथी योजना कृषि मशीनीकरण योजना (SMAM / Krishi Yantra Subsidy) आज के किसान के लिए सबसे ताकतवर उपहार है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटोवेटर, सीडर, पैडी‑स्ट्रॉ चॉपर और छोटी‑बड़ी अन्य मशीनों पर सरकार 50 से 80 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है। खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों को अधिक सब्सिडी देकर उन्हें भी आधुनिक मशीनरी तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इससे खेत में मेहनत कम होती है, समय बचता है और एक निश्चित खेत की उपज बढ़ती है।

कई राज्यों में तो कस्टम हायरिंग सेंटर (किराए पर मशीन देने वाले केंद्र) भी सब्सिडी पर बनाए जा रहे हैं, जिससे वह किसान भी जो खुद ट्रैक्टर नहीं खरीद सकता, वह भी महंगी मशीन का फायदा उठा सके।

पीएम‑कृषि सिंचाई योजना

पांचवी बड़ी योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) है, जिसका ब्रांडिंग “हर क्षेत्र को पानी” और “प्रति बूंद, अधिक फसल” के नारे के साथ जुड़ा है। इस योजना के तहत देश के लाखों हेक्टेयर खेतों को सिंचाई की नई व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों पर सरकार सब्सिडी देती है, जिससे किसान उसी पानी से ज्यादा फसल उगा सकता है।

यह योजना न सिर्फ जल बचत कराती है, बल्कि पानी की अनियमितता के कारण होने वाली फसल विफलता को भी कम करती है। PMKSY के तहत नाले, बांधों के जल को कुशल तरीके से खेतों तक पहुंचाने की संरचना बनाई जा रही है, जिससे खेती कमान बेहतर बनती है और फसल की गुणवत्ता भी सुधरती है।

खेती को बनाने की दिशा में आगे का रास्ता

निष्कर्ष रूप में, ये पांच योजनाएं मिलकर आज के किसान को तीन बड़े उपहार दे रही हैं – नियमित नकदी (PM‑KISAN), जोखिम से सुरक्षा (PMFBY), आसान और सस्ता कर्ज (KCC), आधुनिक मशीनरी (SMAM) और पानी की भरोसेमंद आपूर्ति (PMKSY)। अगर आज के किसान इन योजनाओं के फायदे उचित तरीके से उठाएं, तो खेती सिर्फ जीवनोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि एक लाभदायक व्यवसाय बन सकती है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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