
उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल 2026 को हरदोई जिले के बिलग्राम तहसील स्थित सलेमपुर गांव में बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह 594 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर है, जिसकी आधारशिला दिसंबर 2021 में शाहजहांपुर के रोजा में रखी गई थी।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रियों के लिए वरदान है, बल्कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर और किसानों के लिए भी क्रांतिकारी साबित होगा।
एक्सप्रेसवे की डिजाइन और विशेषताएं
पहले मेरठ के बिजौली गांव से प्रयागराज के जुदापुर दांदू तक का सफर नेशनल हाईवे पर 10 से 12 घंटे ले लेता था, लेकिन अब 100-120 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड वाले इस 6-लेन वाले एक्सप्रेसवे पर यह दूरी महज 6 से 7 घंटे में तय हो जाएगी। वर्तमान में 6-लेन वाला यह कॉरिडोर भविष्य में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 8-लेन तक विस्तार योग्य है। टोल की बात करें तो कार, जीप या वैन के लिए प्रति किलोमीटर 2.55 रुपये की दर तय हुई है, यानी मेरठ से प्रयागराज एक तरफ का टोल करीब 1,515 रुपये पड़ेगा।
हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए 4.05 रुपये प्रति किमी, बस-ट्रक पर 8.15 रुपये, भारी वाहनों पर 12.55 रुपये और 7 एक्सल वाले ट्रकों के लिए 16.05 रुपये प्रति किमी लगेगा। FASTag अनिवार्य होने से बिना रुकावट सफर संभव होगा, जिससे ईंधन और समय की बड़ी बचत होगी।
मार्ग और जिले
यह एक्सप्रेसवे गंगा नदी के समानांतर चलता हुआ 519 गांवों और 12 जिलों को जोड़ेगा। आपकी गाड़ी मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से गुजरेगी। खास फीचर के तौर पर शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप बनाई गई है, जहां मई 2025 में भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स और ट्रांसपोर्ट विमानों का सफल लैंडिंग टेस्ट हो चुका है। यह सड़क सुरक्षा के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी।
आर्थिक प्रभाव
आर्थिक मोर्चे पर यह प्रोजेक्ट गेम-चेंजर साबित होगा। लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी। पश्चिमी यूपी के किसान अपनी फल-सब्जियों को दिल्ली-एनसीआर मंडियों तक कम समय में पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे। प्रयागराज के धार्मिक स्थलों और माघ मेला जैसी घटनाओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन को उछाल मिलेगा।
स्थानीय व्यवसायों को नई रफ्तार मिलेगी, जबकि सप्लाई चेन मजबूत बनेगी। वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55 प्रतिशत यूपी में है, जो पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।
उद्घाटन की तैयारी
उद्घाटन से पहले UPEIDA ट्रायल रन और फिनिशिंग कार्य पूरा कर रहा है। हरदोई प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल का जायजा ले लिया है। यह एक्सप्रेसवे योगी सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति का प्रतीक है, जो यूपी को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यात्रियों से अपील है कि FASTag अपडेट रखें और नियमों का पालन करें। गंगा एक्सप्रेसवे न केवल सड़कें जोड़ेगा, बल्कि सपनों को भी नई गति देगा।









