
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक ऐसा बदलाव लाने जा रहा है, जो पीएफ निकासी की पुरानी जटिल प्रक्रिया को हमेशा के लिए अलविदा कह देगा। अब हफ्तों या महीनों का इंतजार खत्म। मई के अंत तक शुरू हो रही UPI आधारित निकासी सुविधा से सदस्य पलक झपकते ही अपने बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा ईपीएफओ के नए आधुनिक केंद्रीकृत आईटी सिस्टम ‘CITES 2.0‘ पर आधारित होगी, जो पुराने कंप्यूटर सिस्टम की कमियों को पूरी तरह दूर कर देगा।
यह बदलाव तब आ रहा है जब ईपीएफओ के 8 करोड़ से अधिक सदस्य लंबे समय से क्लेम सेटलमेंट में देरी और कागजी घमासान से त्रस्त हैं। अभी तक पीएफ निकासी के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना, नियोक्ता सत्यापन, और 10-20 दिनों का इंतजार आम बात है। लेकिन CITES 2.0 लागू होते ही सब कुछ बदलेगा। अधिकारी के मुताबिक, “सदस्यों को अब दफ्तरों के चक्कर या जटिल प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। UPI पिन डालते ही पैसा खाते में आ जाएगा, जैसे दैनिक भुगतान करते हैं।” यह सुविधा न केवल आंशिक निकासी को आसान बनाएगी, बल्कि नौकरी बदलने पर ट्रांसफर प्रक्रिया को भी तेज करेगी।
CITES 2.0: छह मॉड्यूल्स की ताकतवर मशीनरी
ईपीएफओ का यह नया सिस्टम छह अलग-अलग मॉड्यूल्स पर आधारित है, जो सदस्य खातों का प्रबंधन, नियोक्ताओं की फाइलिंग, क्लेम सेटलमेंट, पेंशन वितरण, वित्तीय लेन-देन और शिकायत निवारण को कवर करते हैं। राहत की बात यह है कि पांच मॉड्यूल्स का काम पूरा हो चुका है। आखिरी मॉड्यूल, जो शिकायत निपटारे से जुड़ा है, अभी अंतिम परीक्षण चरण में है। इससे डेटा ट्रांसफर की गति कई गुना बढ़ जाएगी और क्लेम सेटलमेंट का समय घटकर महज कुछ घंटों या 48 घंटों तक सिमट जाएगा। पुराने सिस्टम में डेटा साइलो और असंगति की वजह से देरी होती थी, लेकिन CITES 2.0 रीयल-टाइम अपडेट्स और एआई-आधारित वैलिडेशन लाएगा।
दो दिनों का शटडाउन: वीकेंड पर डेटा माइग्रेशन
नए सिस्टम को पूरी तरह लाइव करने के लिए डेटा माइग्रेशन जरूरी है। इसके तहत ईपीएफओ दो दिनों का शटडाउन ले सकता है, जिसमें कोई ट्रांजेक्शन या क्लेम प्रोसेसिंग नहीं होगी। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह शटडाउन वीकेंड पर रखा जाएगा ताकि सदस्यों को न्यूनतम असुविधा हो। इस दौरान 20 करोड़ से अधिक खातों का सारा डेटा पुराने सॉफ्टवेयर से नए प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जाएगा। ईपीएफओ खुद इसकी निगरानी करेगा, जिसमें साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की टीम शामिल होगी। सदस्यों को सलाह दी गई है कि वे इसकी आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।
नया मोबाइल ऐप और 75% निकासी
सुविधा को और आसान बनाने के लिए ईपीएफओ जल्द अपना स्वतंत्र मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जो वर्तमान UMANG ऐप से अलग होगा। यह ऐप सीधे BHIM और अन्य UPI प्लेटफॉर्म्स (जैसे PhonePe, GPay) से इंटीग्रेट होगा। नई व्यवस्था में सदस्य अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक UPI रूट से निकाल सकेंगे। पहले 50% की सीमा थी, लेकिन अब बढ़ाकर 75% किया गया है, ताकि इमरजेंसी या बड़े खर्चों में राहत मिले। बाकी 25% सुरक्षित रहकर चक्रवृद्धि ब्याज (8.25%) कमाता रहेगा। ATM निकासी की सुविधा भी आएगी, लेकिन UPI मुख्य फोकस रहेगा।
यह बदलाव ईपीएफओ 3.0 का हिस्सा है, जो डिजिटल इंडिया को मजबूत करेगा। छोटे शहरों और ग्रामीण सदस्यों के लिए यह वरदान साबित होगा, जहां बैंकिंग पहुंच सीमित है। हालांकि, निकासी पर टैक्स नियम वही रहेंगे- 5 साल से कम सर्विस पर TDS लागू। ईपीएफओ ने सदस्यों से आग्रह किया है कि वे आधार, बैंक डिटेल्स और UPI आईडी को अपडेट रखें। मई अंत तक यह सुविधा रोलआउट होने से करोड़ों परिवारों को वित्तीय स्वतंत्रता मिलेगी। कुल मिलाकर, पीएफ अब ‘फंड लॉक्ड’ नहीं, बल्कि ‘फंड फ्री’ हो जाएगा।









