
अगर आप रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं, तो भारतीय रेलवे की यह नई पहल आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। रेलवे ने अनारक्षित टिकटों पर भारी छूट की घोषणा की है। RailOne मोबाइल ऐप के जरिए बुकिंग करने पर यात्रियों को 3 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा। यह ऑफर डिजिटल इंडिया को मजबूत करने और कागज रहित यात्रा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लाखों दैनिक यात्रियों के लिए यह राहत साबित हो सकता है, खासकर मेरठ जैसे शहरों से दिल्ली आने-जाने वालों के लिए।
डिस्काउंट की समय सीमा और शर्तें
यह डिस्काउंट 14 जनवरी 2026 से शुरू हो चुका है और अगले तीन महीनों तक, यानी 14 जुलाई 2026 तक चलेगा। रेल मंत्रालय ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) को पत्र लिखकर इसकी सॉफ्टवेयर अपडेट के निर्देश दिए थे। पहले यह लाभ केवल R-वॉलेट से भुगतान करने वालों को 3 प्रतिशत कैशबैक के रूप में मिलता था।
अब इसे विस्तार दिया गया है- UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे सभी डिजिटल माध्यमों पर सीधे 3 प्रतिशत की छूट लागू होगी। R-वॉलेट यूजर्स को पुरानी कैशबैक स्कीम भी जारी रहेगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह छूट सिर्फ RailOne ऐप पर ही उपलब्ध है, अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे IRCTC या प्राइवेट ऐप्स पर नहीं।
RailOne ऐप की खासियतें
RailOne ऐप क्या है, यह समझना जरूरी है। यह रेलवे का आधिकारिक ‘वन-स्टॉप’ डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो यात्रियों को एक ही जगह सारी सुविधाएं देता है। अनारक्षित टिकट बुकिंग के अलावा यहां आरक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, लाइव ट्रेन स्टेटस, PNR ट्रैकिंग, कोच पोजीशन, देरी की जानकारी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। NTES, UTS, Rail Madad और ट्रेन में फूड ऑर्डर जैसी सुविधाएं इंटीग्रेटेड हैं। यात्रा के दौरान टिकट कैंसलेशन, रिफंड स्टेटस चेक या शिकायत दर्ज करना भी बेहद आसान है। ऐप से सीट पर खाना मंगवाना भी संभव है, जो लंबी यात्राओं को आरामदायक बनाता है।
लाभ उठाने का आसान तरीका
डिस्काउंट का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले RailOne ऐप गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। रजिस्टर करें, स्टेशन और तारीख चुनें, अनारक्षित टिकट सिलेक्ट करें। डिजिटल पेमेंट चुनते ही 3 प्रतिशत छूट ऑटोमैटिक लग जाएगी। QR कोड स्कैन कर स्टेशन पर वैलिडेट करें। ध्यान दें, काउंटर या अन्य ऐप्स से यह छूट नहीं मिलेगी। रेलवे का मकसद डिजिटल बुकिंग को प्रोत्साहित करना है, ताकि कतारों में खड़े होने की मजूरी न हो। इससे सालाना करोड़ों रुपये की बचत होगी और पर्यावरण को फायदा भी।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। ऐप में कभी-कभी ग्लिच की शिकायतें आई हैं, लेकिन रेलवे लगातार अपडेट कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्कीम सफल रही तो इसे स्थायी किया जा सकता है। यात्रियों से अपील है कि आधिकारिक ऐप ही इस्तेमाल करें, फर्जी ऐप्स से बचें। कुल मिलाकर, यह पहल आम आदमी की जेब पर बोझ कम करने वाली है। ट्रेन सफर अब न सिर्फ सस्ता, बल्कि स्मार्ट भी हो गया है।









