
मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को हरी झंडी दिखाई। इस किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1500-1500 रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी गई। कुल 1836 करोड़ रुपये की यह बड़ी सौगात डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेजी गई, जो प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित बनाती है।
राशि में वृद्धि का लाभ
पहले इस योजना में महिलाओं को प्रतिमाह 1250 रुपये दिए जाते थे, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया, जिससे लाभार्थियों को अब हर महीने अतिरिक्त 250 रुपये का लाभ मिल रहा है।
आष्टा कार्यक्रम की झलक
आष्टा में हुए कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “लाड़ली बहना योजना हमारी सरकार की सबसे लोकप्रिय पहल है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। यह राशि न केवल घरेलू खर्चों में मदद करेगी, बल्कि महिलाओं को छोटे-मोटे कारोबार शुरू करने का हौसला भी देगी।” कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों ने अपनी कहानियां साझा कीं, जहां उन्होंने बताया कि इस योजना से उनके परिवार का जीवन स्तर नाटकीय रूप से सुधरा है।
योजना की सफल यात्रा
योजना की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2023 में शुरू हुई इस स्कीम ने अब तक 34 किस्तें सफलतापूर्वक वितरित कर चुकी है।
स्टेटस चेक में देरी की आशंका
हर महीने 10 से 12 तारीख के आसपास राशि खातों में आ जाती है, लेकिन इस बार 12 अप्रैल को जारी किस्त कुछ महिलाओं के खातों में तुरंत न दिखने से चिंता की लहर दौड़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग प्रक्रिया में सामान्य देरी के कारण ऐसा होता है।
बैंक मैसेज न आने पर उपाय
अगर आपके मोबाइल पर बैंक का एसएमएस नहीं आया, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले अपने बैंक की पासबुक में एंट्री अपडेट करवाएं। एटीएम या मोबाइल बैंकिंग ऐप जैसे एसबीआई वाईओएनओ, पीएनबी वन या अन्य के जरिए बैलेंस जांचें। इसके अलावा, आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर समग्र आईडी या आवेदन नंबर डालकर स्टेटस देख सकते हैं। यहां ओटीपी सत्यापन के बाद पूरी जानकारी मिल जाती है।
पात्रता के मानदंड
इस योजना का लाभ मध्य प्रदेश की उन महिलाओं को मिलता है जो राज्य की स्थायी निवासी हों, विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता हों। उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम हो। परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी या आयकर दाता न होने की शर्त भी है।
सशक्तिकरण का सरकारी लक्ष्य
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता पर खर्च कर सकें। अब तक लाखों महिलाओं ने इस योजना से लाभ उठाया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
संभावित समस्याओं का समाधान
हालांकि, कुछ मामलों में ई-केवाईसी अधूरी होने या बैंक विवरण गलत होने से समस्या आ सकती है। ऐसी स्थिति में समग्र पोर्टल पर अपडेट करें या हेल्पलाइन 0755-2553329 पर संपर्क करें। जन सेवा केंद्रों पर भी सहायता उपलब्ध है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। आने वाले दिनों में सरकार इसे और विस्तार देने की योजना बना रही है।









