
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों ने आखिरकार योगी सरकार की नींद तोड़ दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम उपभोक्ता ईमानदार होता है, बिना किसी गलती के उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाए। विशेषज्ञ समिति गठित कर शिकायतों की गहन जांच कराई जाएगी, ताकि ओवरबिलिंग और अचानक डिस्कनेक्शन जैसी परेशानियां खत्म हो सकें।
स्मार्ट मीटर शिकायतों की जांच के निर्देश
बैठक में सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि यदि उपभोक्ता को सही बिल दिया जाए तो वह निश्चित रूप से भुगतान करेगा। स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों- जैसे अचानक बढ़ते बिल, प्रीपेड रिचार्ज खत्म होते ही कटौती और तकनीकी खराबी- पर तत्काल ध्यान दिया जाए। ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के एमडी को फील्ड विजिट का आदेश दिया गया है, जहां वे सीधे उपभोक्ताओं से मिलकर समस्याओं का जायजा लेंगे।
हेल्पलाइन नंबर हमेशा सक्रिय रखने और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए। सरकार की प्राथमिकता निर्बाध और पारदर्शी बिजली आपूर्ति है, जिसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राहत
यह फैसला प्रीपेड स्मार्ट मीटरों से जूझ रहे लाखों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है। पहले रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कट जाती थी, जिससे घर-व्यापार ठप हो जाते। अब नई गाइडलाइंस के तहत नेगेटिव बैलेंस पर 50 प्रतिशत राशि जमा करने मात्र से तीन दिन की बिजली बहाली संभव होगी। रिचार्ज के दो घंटे के अंदर कनेक्शन चालू करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। मीटर को प्रीपेड मोड में जबरन शिफ्ट करने की मजबूरी भी खत्म हो गई- अब उपभोक्ता की सहमति जरूरी होगी। बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाने पर उपभोक्ता आयोग ने भी रोक लगा दी है।
बिजली आपूर्ति और गर्मी की तैयारी
योगी सरकार बिजली सुधारों पर लगातार जोर दे रही है। डिस्कॉम्स की राष्ट्रीय रेटिंग में सुधार हुआ है, लेकिन गर्मी के मौसम में पीक डिमांड पूरी करने की चुनौती बरकरार है। सीएम ने साफ कहा कि कटौती बर्दाश्त नहीं होगी- तैयारी पूरी रखें। कृषि फीडरों का पृथक्करण समयबद्ध पूरा हो, न्यूनतम पांच आवास वाले मजरों में विद्युतीकरण सुनिश्चित हो और पीएम कुसुम योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए। विजिलेंस को सख्त हिदायत दी गई कि आम आदमी परेशान न हो- ट्रांसफार्मर बदलने से लेकर अन्य मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई हो।
उपभोक्ताओं के लिए बड़ा संकेत
उपभोक्ता संगठनों ने इसे स्वागतयोग्य कदम बताया है। मेरठ, कानपुर जैसे शहरों में स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध बढ़ रहा था, जहां मीटर की खराबी से बिल हजारों में पहुंच जाते थे। UPPCL ऐप से रीडिंग चेक करने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, ‘बिजली काटने से पहले 10 बार सोचो’ का संदेश अधिकारियों तक पहुंच गया है। यह कदम न केवल उपभोक्ता-विरोधी कार्रवाइयों पर अंकुश लगाएगा, बल्कि बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा। गर्मियों से पहले यह राहत लाखों परिवारों के लिए वरदान साबित होगी।









