
शेयर बाजार में अस्थिरता और अप्रत्याशित गिरावट से निराश हो चुके लाखों छोटे निवेशक अब एक बार फिर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की राह देख रहे हैं। डिजिटल माध्यमों सहित बैंकों के डेटा से साफ झलकता है कि 2025-26 के अंतराल में FD खाते खुलवाने वाले ग्राहकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, खासकर 1-5 साल की अवधि वाली जमाओं में।
इसी दौरान देश के कई स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB), प्राइवेट बैंक और सरकारी बैंक ऐसी ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं, जहाँ निवेशक को 7-8% तक का वार्षिक रिटर्न मिल सकता है, बिना बाजार के उतार‑चढ़ाव के डर के।
SFB में 8% तक का आकर्षक ऑफर
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday SFB) जैसे नए‑पुराने SFB ने यू‑फाइनेंस वाले निवेशकों को खासा आकर्षित किया है। इस बैंक 1 साल से 5 साल की जमा अवधि के लिए वार्षिक लगभग 8.10% तक के ब्याज दर ऑफर कर रहा है, जो बड़े प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तुलना में काफी आगे है। लगभग इसी रेंज में जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana SFB) भी 1-5 साल की जमा अवधि पर 8% तक का ब्याज दे रहा है, जबकि ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक भी 1 से 5 साल के लिए लगभग 8% वार्षिक ब्याज ऑफर करता है।
Shivalik स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD दरें 7.80% तक और Slice स्मॉल फाइनेंस बैंक की 7.75% तक की रेंज में चल रही हैं, जो डिजिटल‑सेवी युवा और रिटायर्ड निवेशकों दोनों के लिए आकर्षक विकल्प बनाती हैं।
प्राइवेट बैंकों में भी 7% से ज्यादा रिटर्न
प्राइवेट सेक्टर बैंकों में भी रेटें अब काफी बेहतर हैं। IDFC FIRST Bank 1 से 5 साल की FD पर लगभग 7.40% तक की दर दे रहा है, तो SBM Bank India इसी अवधि के लिए 7.30% तक, Bandhan Bank लगभग 7.25%, RBL Bank 7.20% और DCB Bank 7.15% तक की ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। ये बैंक आमतौर पर थोड़े जोखिम वाले निवेशकों के लिए उच्च‑रिटर्न और ब्रांड ट्रस्ट से जुड़ा मिश्रित विकल्प बनाते हैं।
सरकारी बैंकों में थोड़ा कम, लेकिन ज्यादा सुरक्षात्मक
सरकारी बैंकों की बात करें, तो ये रेटें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन इनकी दृढ़ सुरक्षा और ब्रांड भरोसा बनाए रखता है। पंजाब एंड सिंध बैंक 1-5 साल की जमा अवधि पर 6.75% तक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र 6.65% तक, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक दोनों 6.60% तक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 6.45% तक की वार्षिक ब्याज दरें दे रहे हैं। इन बैंकों की FD RBI‑insured होती हैं (₹5 लाख तक प्रति बैंक), जिससे बुजुर्ग और कंजर्वेटिव निवेशकों के लिए यह विकल्प खासी प्राथमिकता रखता है।
FD दरें अलग‑अलग, तुलना जरूरी
फिलहाल बाजार ट्रेंड यह दिखाता है कि जो निवेशक शेयर मार्केट के झटकों से दूर बनना चाहते हैं, वे या तो SFB में थोड़ा ज़्यादा रिटर्न या बड़े सरकारी बैंकों में सुरक्षित, हालांकि थोड़ा कम रिटर्न चुन रहे हैं। इसलिए FD दरें अलग‑अलग बैंकों में काफी अलग हैं और निवेश करने से पहले अपने एमाउंट, उम्र और निवेश अवधि के हिसाब से हर बैंक की रेटें तुलना करना अब जरूरी हो गया है।
ऑनलाइन फिक्स्ड डिपॉजिट प्लैटफॉर्म और बैंक की एप्स इस तुलना को आसान बना रही हैं, लेकिन फाइनल डिसीजन लेने से पहले ब्रांच या ऑफिशियल वेबसाइट से रेट की कन्फर्मेशन लेना ज़रूरी है, क्योंकि दरें अक्सर समय‑समय पर संशोधित होती रहती हैं।









