
सीएम हेल्पलाइन 1076 में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन और कार्य परिस्थितियों को लेकर उठा विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त हस्तक्षेप के बाद पूरी तरह सुलझ गया है। कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों को मानते हुए वेतन में तीन से चार हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की सहमति दे दी है, साथ ही कार्यस्थल पर सुविधाओं में सुधार का आश्वासन दिया है। इसके बाद कर्मचारी दोबारा काम पर लौट आए हैं और अगले एक‑दो दिन के भीतर बढ़ा हुआ वेतन भी उनके बैंक खातों में जमा होने की संभावना है।
1020 कर्मचारियों की ड्यूटी और औसत सीटीसी
सीएम हेल्पलाइन 1076 के लिए आउटसोर्स काम कर रही वी‑विन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के तहत कुल 1020 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो तीन शिफ्ट में काम करते हैं। सुबह और दोपहर की शिफ्ट में 500‑500 कर्मचारी लगाए गए हैं, जबकि रात की शिफ्ट में 20 कर्मचारियों की ड्यूटी होती है। इसके अलावा 200 कर्मचारियों को रिजर्व स्टाफ के रूप में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत तैनात किया जा सके।
इन सभी कर्मचारियों की औसत सीटीसी (Cost to Company) लगभग 15,000 रुपये प्रति कर्मचारी है, जबकि कंपनी ने यूपी सरकार को टेंडर में 18,600 रुपये प्रति व्यक्ति की दर दर्शाई थी, जिसमें संचालन खर्च, उपकरणों का मेंटेनेंस और अन्य परिचालन लागत शामिल है।
200 से अधिक कर्मचारियों का प्रदर्शन और मांगें
विवाद तब तूल पकड़ा जब गुरुवार को 200 से अधिक कर्मचारियों ने कंपनी दफ्तर के बाहर वेतन और कार्य‑परिस्थितियों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप था कि भर्ती के समय उनसे 15,000 रुपये वेतन का वादा किया गया था, लेकिन वास्तविकता में उन्हें इससे कम वेतन दिया जा रहा था। साथ ही कई महीनों से वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा था, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही थी। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान सभी मोबाइल फोन को बाहर रखवाए जाने की व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को घर‑वालों से संपर्क करने में भी दिक्कत हो रही थी, जिससे उनकी मानसिक तनाव व असुरक्षा बढ़ती जा रही थी।
यूपीडेस्को और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कार्रवाई
इस विवाद को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस शिकायत का संज्ञान लिया और आवश्यक निर्देश दिए कि कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए और किसी प्रकार की लापरवाही या घिसादागी न हो।
नेहा जैन के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यूपीडेस्को ने पूरे प्रकरण की समीक्षा की और कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता की बैठकें शुरू कीं, जिसके दौरान कर्मचारियों की सभी प्रमुख मांगें रखी गईं।
वेतन बढ़ोतरी और सुविधाओं में सुधार की सहमति
वार्ता के बाद कंपनी प्रबंधन ने वेतन वृद्धि के साथ‑साथ कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर सहमति जताई। इसके तहत कर्मचारियों को मौजूदा वेतन में लगभग 3,000 से 4,000 रुपये तक की बढ़ोतरी मिलेगी, जिससे उनकी मासिक आय नोटिस और टेंडर में चल रही 15,000 रुपये की औसत सीटीसी के करीब‑करीब पहुंच जाएगी। इसके अलावा कार्यस्थल पर बेहतर बैठक, वातानुकूलन, शौचालय, देर रात की शिफ्ट में सुरक्षा और मोबाइल के उपयोग संबंधी नियमों में ढील जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की बात कही गई है।
नेहा जैन ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है और कर्मचारियों के बैंक खातों में अगले एक‑दो दिन में एजेंसी द्वारा वेतन बढ़ोतरी के साथ पैसा भेज दिया जाएगा, जिससे उन्हें ठोस आर्थिक राहत मिलेगी।
सरकारी दृष्टिकोण और भविष्य की उम्मीदें
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह मामला दिखाता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार सरकारी योजनाओं से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति कितनी संवेदनशील है। सीएम हेल्पलाइन 1076 जैसी नागरिक‑सेवा योजना जहां लोगों को त्वरित न्याय दिलाने का उद्देश्य रखती है, वहीं इसके पीछे काम कर रहे कर्मचारियों की आर्थिक और मानसिक सुरक्षा भी समान रूप से जरूरी है।
कर्मचारियों के एक वर्ग ने भी इस तेज़ समाधान को “अच्छे दिन” कहा है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इसी तरह की पारदर्शी और निष्पक्ष नीतियां बनती रहेंगी, ताकि निजी और सरकारी दोनों तरह के कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर आश्वस्त रह सकें।









