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Induction Care: सालों-साल चलेगा आपका इंडक्शन! बस गांठ बांध लें ये 5 बातें, कभी नहीं टूटेगा कुकटॉप का कांच

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध से मिडिल ईस्ट तनाव चरम पर, भारत में LPG संकट गहराया। लाखों घरों ने अपनाया इंडक्शन चूल्हा- तेज, किफायती लेकिन सेरामिक ग्लास संवेदनशील। थर्मल शॉक, गलत बर्तन, खाली गर्म करना जैसी लापरवाही से क्रैक हो जाता है। सही बर्तन, धीरे पावर एडजस्ट, लिक्विड साफ, फैन चलने दें- ये 5 टिप्स अपनाएं। विशेषज्ञ: सावधानी से 5-10 साल चलेगा। स्टेबलाइजर यूज करें।

By Pinki Negi

Induction Care: सालों-साल चलेगा आपका इंडक्शन! बस गांठ बांध लें ये 5 बातें, कभी नहीं टूटेगा कुकटॉप का कांच

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनावपूर्ण युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। मिडिल ईस्ट में तेल सप्लाई चेन बाधित होने से भारत में भी LPG सिलेंडर की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ रहा है। ऐसे में लाखों घरों में बिजली आधारित इंडक्शन चूल्हे ने LPG का मजबूत विकल्प ले लिया है। यह न केवल तेजी से खाना पकाता है बल्कि बिजली बिल में भी किफायती साबित हो रहा है।

लेकिन इसकी चमकदार सेरामिक ग्लास सतह, जो इसकी सबसे बड़ी ताकत है, वही सबसे संवेदनशील हिस्सा भी बन जाती है। जरा सी लापरवाही से यह ग्लास क्रैक हो सकता है या पूरी तरह चूर-चूर। विशेषज्ञों के मुताबिक, सही देखभाल से इंडक्शन 5-10 साल आसानी से चल सकता है।

इंडक्शन की बढ़ती लोकप्रियता और चुनौतियां

इंडक्शन की लोकप्रियता बढ़ने के साथ बाजार में Prestige, Philips, Havells जैसे ब्रांड्स के मॉडल बिक रहे हैं। लेकिन उपयोगकर्ता अक्सर अनजाने में गलतियां करते हैं, जो महंगे में भारी पड़ती हैं। आइए जानें वे 5 प्रमुख टिप्स जो आपके इंडक्शन को सालों-साल सुरक्षित रखेंगे।

सही बर्तन ही चुनें, ओवरहीटिंग से बचाएं

इंडक्शन की लाइफ बर्तनों पर निर्भर करती है। हमेशा फ्लैट-बॉटम वाले मैग्नेटिक स्टील या इंडक्शन-कम्पैटिबल नॉन-स्टिक बर्तन इस्तेमाल करें। गोल तले के चाइनीज कढ़ाई या रफ बॉटम वाले बर्तन से बचें, क्योंकि ये असमान दबाव डालते हैं और इंडक्शन को ज्यादा पावर खींचनी पड़ती है। नतीजा? ओवरहीटिंग और ग्लास पर क्रैक। साथ ही, इंडक्शन के साथ मिली जाली जरूर लगाएं ताकि वजन समान बंटे।

थर्मल शॉक न दें, पावर धीरे-धीरे एडजस्ट करें

थर्मल शॉक इंडक्शन का सबसे बड़ा दुश्मन है। पावर को कभी अचानक मैक्सिमम या मिनिमम न करें- धीरे-धीरे बढ़ाएं-घटाएं। खाना बनने के बाद गर्म ग्लास पर ठंडा पानी या गीला कपड़ा न लगाएं। तापमान में अचानक बदलाव से ग्लास में सूक्ष्म दरारें पड़ जाती हैं, जो बाद में फैलकर तोड़ देती हैं। गर्म बर्तन उठाते समय घिसटाएं नहीं, सीधे हवा में उठाएं।

लिक्विड स्पिल का तुरंत निपटारा करें

खाना बनाते वक्त उबलता दूध, पानी या करी अगर ग्लास पर गिरे तो इंडक्शन तुरंत ऑफ कर सूखे कपड़े से पोंछ लें। गर्म ग्लास पर लिक्विड इलेक्ट्रिकल सर्किट तक पहुंचकर शॉर्ट सर्किट कर सकता है, जो ग्लास को फोड़ देता है। वेंट्स को ब्रश से साफ रखें ताकि नमी फंसे नहीं।

खाली बर्तन कभी न गर्म करें

खाली बर्तन पर इंडक्शन ऑन करना घातक है। बिना कंटेंट के बर्तन सेकंडों में रेड-हॉट हो जाता है, जो सीधे सेरामिक ग्लास को नुकसान पहुंचाता है। हमेशा तेल, पानी या सामग्री डालकर शुरू करें। कई मॉडल्स में ऑटो-कटऑफ होता है, लेकिन भरोसा न करें- सावधानी बरतें।

स्विच तुरंत ऑफ न करें, फैन चलने दें

खाना बनने के बाद इंडक्शन का बटन दबाकर ऑफ करें, लेकिन मुख्य स्विच या प्लग 1-2 घंटे बाद ही निकालें। आंतरिक फैन ग्लास को कूल करता रहता है। तुरंत पावर काटने से गर्मी फंसकर थर्मल स्ट्रेस पैदा होता है। रेसिडुअल हीट इंडिकेटर बंद होने का इंतजार करें।

इन टिप्स को अपनाकर न सिर्फ ग्लास सुरक्षित रहेगा, बल्कि बिजली की बचत भी होगी। विशेषज्ञ सलाह देते हैं- स्टेबलाइजर यूज करें और सर्विसिंग समय पर करवाएं। LPG संकट के दौर में इंडक्शन आपका भरोसेमंद साथी बनेगा, बशर्ते सावधानी बरतें। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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