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सावधान! इन्वर्टर की बैटरी में पानी भरते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 1 गलती? जानें सही तरीका

चढ़ती गर्मी में पावर कट बढ़े, 90% लोग इन्वर्टर बैटरी में ओवरफिलिंग या नल का पानी डालकर इसे खराब कर रहे। डिस्टिल्ड वॉटर MIN-MAX तक भरें, हर 2-3 माह चेक करें। गलत रखरखाव से 2 साल की बैटरी 1 साल में फेल! सावधानी से हजारों बचाएं।

By Pinki Negi

सावधान! इन्वर्टर की बैटरी में पानी भरते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 1 गलती? जानें सही तरीका

गर्मी ने दस्तक दे दी है और बिजली कटौती की मार ने घर-घर इन्वर्टर को जरूरी बना दिया है। कूलर, एसी और पंखों की बढ़ती डिमांड के बीच पावर कट लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्वर्टर का असली हीरो उसकी बैटरी है, जिसकी उम्र और परफॉर्मेंस पूरी तरह रखरखाव पर टिकी है? विशेषज्ञों के अनुसार, 90% लोग बैटरी में पानी भरते समय एक बड़ी गलती करते हैं – ओवरफिलिंग या गलत पानी का इस्तेमाल, जो बैटरी को समय से पहले खराब कर देता है।

गर्मी का असर: बैटरी सूखने से बैकअप घटा

जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे घरों में बिजली का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। कूलर-एसी और पंखे गर्मी में लोगों की जरूरत बन जाते हैं। गर्मी में पावर कट की समस्या सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में घर का सबसे जरूरी गैजेट इन्वर्टर बन जाता है। लेकिन अक्सर लोग इन्वर्टर लगवाने के बाद उसकी देखभाल करना भूल जाते हैं, जिससे समय से पहले ही बैटरी खराब होने लगती है।

बैटरी को लंबी लाइफ देने के लिए सबसे जरूरी है उसमें डिस्टिल्ड वॉटर का सही लेवल बनाए रखना। अगर पानी समय पर न भरा जाए तो बैटरी की प्लेट्स सूख सकती हैं, जिससे न केवल बैकअप कम हो जाता है बल्कि बैटरी खराब होने का खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है।

सबसे आम गलती: ओवरफिलिंग और गलत पानी

रिसर्च से पता चला है कि 99 फीसदी लोग पानी भरने से पहले मौजूदा लेवल चेक नहीं करते और ज्यादा भर देते हैं। इससे सल्फ्यूरिक एसिड पतला हो जाता है, जो बैटरी के प्रदर्शन को खराब करता है। दूसरी बड़ी भूल नल या RO पानी डालना है। इसमें मौजूद खनिज (कैल्शियम, मैग्नीशियम) प्लेट्स पर जमा हो जाते हैं, जो बैटरी को अंदर से खोखला कर देते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साधारण पानी बैटरी की जिंदगी आधी कर सकता है। इसके अलावा, चार्जिंग के दौरान पानी भरना या ढक्कन ठीक से न बंद करना भी खतरनाक है।

कितने दिनों में रिफिल करें?

बैटरी में पानी पूरी तरह नहीं बदला जाता, बल्कि कम होने पर रिफिल किया जाता है। इस्तेमाल पर निर्भर करता है – सामान्यत: हर 2-3 महीने या 30-45 दिन में चेक करें, गर्मी में ज्यादा सतर्क रहें। MIN लेवल से नीचे आने पर तुरंत भरें। नए मॉडल्स में वॉटर लेवल इंडिकेटर होता है, जो सफेद से काला हो जाए तो खतरे की घंटी है। कंपनी मैनुअल पढ़ें।

सही तरीका: स्टेप बाय स्टेप

  1. इन्वर्टर बंद करें, बैटरी डिस्चार्ज होने दें।
  2. ग्लव्स-चश्मा पहनें, वेंटिलेटेड जगह पर काम करें।
  3. ढक्कन खोलें, MIN-MAX चेक करें।
  4. डिस्टिल्ड वॉटर ड्रॉपर से धीरे भरें – कभी मैक्स से ऊपर न जाएं।
  5. ढक्कन कसकर बंद करें, 4-6 घंटे चार्ज करें।

एक्सपर्ट टिप्स और सावधानियां

टर्मिनल्स महीने में बेकिंग सोडा से साफ करें। ओवरचार्जिंग से बचें, स्मार्ट इन्वर्टर इस्तेमाल करें। 6-12 महीने में सर्विस करवाएं। गलत रखरखाव से 2-3 साल की बैटरी 1 साल में खराब हो जाती है।

दोसडोंट्स
दोसडोंट्स
डिस्टिल्ड वॉटर ही डालें नल/RO पानी न डालें
MIN-MAX तक भरें ओवरफिल न करें 
ऑफ करके भरें चार्ज में न छुएं
नियमित चेक इग्नोर न करें 
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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