
भारत में आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे PPF, NSC, SCSS और सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरें जस की तस बनी हुई हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए सरकार ने इन्हें अपरिवर्तित रखा है- PPF पर 7.1%, SCSS और सुकन्या पर 8.2%। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद तुरंत बदलाव की संभावना कम है, क्योंकि ये दरें निवेशकों को रियल रिटर्न दे रही हैं और सरकार अपनी उधारी लागत को नियंत्रित रखना चाहती है।
ब्याज दरों का गणितीय आधार
स्मॉल सेविंग्स की दरें श्यामला गोपीनाथ समिति के फॉर्मूले से तय होती हैं, जो पिछले चार तिमाहियों के G-Sec यील्ड (सरकारी बॉन्ड रिटर्न) के औसत पर आधारित है। महंगाई बढ़ने पर RBI रेपो रेट बढ़ाता है, जिससे G-Sec यील्ड ऊपर जाती है और अगली समीक्षा में बचत दरें प्रभावित होती हैं। फरवरी 2026 में महंगाई 3.21% रही, जो RBI के 4% लक्ष्य से नीचे है। ऐसे में 7-8.2% दरें 3.5-5% रियल रिटर्न दे रही हैं- रियल रिटर्न फॉर्मूला: 1+महंगाई1+नॉमिनल रेट−1。
उदाहरण लें: ₹1 लाख PPF में 15 साल के लिए निवेश। 7.1% पर मैच्योरिटी अमाउंट A=100000(1+0.071)15≈₹3,08,000 (लाभ ₹2.08 लाख)। अगर महंगाई समायोजित 4% पर रेट 8% हो जाए, तो A≈₹3,17,000 (अतिरिक्त ₹9,000 लाभ)। यह स्थिरता छोटे निवेशकों, सीनियर सिटीजन और रिटायर्ड लोगों के लिए वरदान है, जो इन पर निर्भर हैं।
सरकार की रणनीति और विशेषज्ञ मत
सरकार इन स्कीम्स से सस्ता फंड जुटाती है। अगर दरें अचानक बढ़ें, तो उधारी महंगी हो जाएगी। लगातार सात तिमाहियों से दरें स्थिर हैं, जो बचत को प्रोत्साहित करता है। ईटी के अनुसार, Adhil Shetty कहते हैं, “G-Sec यील्ड के आसपास प्रीमियम जोड़कर आकर्षक रखा जाता है।” Foram Naik Sheth का मत है कि नियंत्रित महंगाई में बड़े बदलाव जरूरी नहीं।
TV9 की रिपोर्ट भी यही कहती है- महंगाई का असर अप्रत्यक्ष है, तुरंत बदलाव नहीं। अप्रैल-जून 2026 में बदलाव संभव, लेकिन फिलहाल स्थिरता।
वर्तमान दरें और निवेश टिप्स
| योजना | ब्याज दर (%) | विशेषता |
|---|
| योजना | ब्याज दर (%) | विशेषता |
|---|---|---|
| PPF | 7.1 | 15 साल, टैक्स-मुक्त |
| SCSS | 8.2 | 5 साल, सीनियर के लिए |
| सुकन्या | 8.2 | 21 साल, लड़की बचत |
| NSC | 7.7 | 5 साल, टैक्स लाभ |
| KVP | 7.5 | 115 माह, दोगुना |
निवेशक लंबी अवधि वाली योजनाएं चुनें। FD से बेहतर, क्योंकि सुरक्षित और टैक्स-फायदेमंद। महंगाई >6% पर अप्रत्यक्ष लाभ होगा।









