
जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल संघर्ष तेज हो रहा है, वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव से भारत में LPG सिलेंडरों की किल्लत गहरा गई है। ऐसे में केंद्र सरकार ने सोमवार (30 मार्च 2026) को 60-दिन की आपातकालीन योजना की घोषणा की, जिसमें पेट्रोल पंपों पर सुपीरियर केरोसिन ऑयल (SKO) उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान) में PDS के जरिए लागू होगा, जहां केरोसिन को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया गया था।
पेट्रोल पंपों पर केरोसिन बिक्री की नई व्यवस्था
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 29 मार्च गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंप (पब्लिक सेक्टर कंपनियों के) को 5,000 लीटर तक SKO स्टोर करने की मंजूरी मिली है। पेट्रोलियम नियम 2002 के स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट व डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस में अस्थायी ढील दी गई है, लेकिन सुरक्षा मानक वही रहेंगे। स्थानीय प्रशासन जिला-स्तर पर वितरण केंद्र तय करेंगे। सरकार ने तय कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन मंजूर किया है, जो खाना पकाने व रोशनी के लिए होगा। इससे ग्रामीण व गरीब परिवारों को LPG वैकल्पिक ईंधन मिलेगा।
मिडिल ईस्ट संकट: LPG किल्लत की जड़
मिडिल ईस्ट युद्ध ने कतर की गैस फील्ड्स व होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावित किया है। भारत, जो 88% कच्चा तेल आयात करता है, पर पेट्रोल-डीजल-LPG कीमतें चढ़ रही हैं। सरकार का दावा है कि घरेलू LPG सप्लाई स्थिर है-94% बुकिंग पूरी हो रही हैं-लेकिन वैश्विक बाधाओं से कमी हुई। 94,000 मीट्रिक टन LPG वाले दो टैंकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचे हैं। रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने, घरेलू गैस प्राथमिकता के आदेश हैं।
अन्य राहत उपाय व निगरानी
सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 2,900 जगहों पर छापे मारे, 1,000 सिलेंडर जब्त किए। राज्यों को कंट्रोल रूम, दैनिक मीटिंग व अफवाहों का खंडन करने को कहा। बुकिंग अंतर 21 से 25 दिन किया। PNG को बढ़ावा देते हुए 6,000 उपभोक्ताओं ने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए। इंडस्ट्रियल सेक्टर को 80% कोटा, उर्वरक प्लांट्स 75% क्षमता पर। अतिरिक्त LNG कार्गो की व्यवस्था हो रही है।
यह योजना 60 दिनों तक या अगले आदेश तक चलेगी। उपभोक्ता स्थानीय पेट्रोल पंप व राशन दुकानों से संपर्क करें। सरकार ने अपील की-अफवाहों से बचें, सहयोग करें। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के ये कदम लाखों परिवारों को राहत देंगे।









