
दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पिछली कड़ी तेजी के बाद कीमतों में थोड़ा संतुलन बन रहा है। आज यानी 30 मार्च 2026 को दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,48,080 प्रति 10 ग्राम (लगभग ₹14,808 प्रति ग्राम) पर दर्ज हुई, जबकि चांदी का भाव ₹2,44,900 प्रति किलोग्राम (लगभग ₹244.90 प्रति ग्राम) पर आ गया। शुद्ध चांदी (999 purity) की दर भी इसी रेंज में टिकी हुई है।
स्थानीय भाव और बदलाव
दिल्ली के प्रमुख ज्वेलरी हब्ज में आज के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने के बाद 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,35,740 प्रति 10 ग्राम (यानी ₹13,574 प्रति ग्राम) दर्ज की गई। इसका मतलब है कि दोनों ही कैटेगरी में पिछले कुछ दिनों की ऊंची चढ़त के बाद अब रेट में थोड़ी मृदु गिरावट दिखाई दे रही है। वहीं चांदी के लिहाज से भी 1 किलो के लिए 2,44,900 रुपये की दर ने पिछले सत्रों की तीव्र तेजी के मुकाबले थोड़ा रिकॉर्ड बनाने वाला दबाव कम कर दिया है।
बाजार में गिरावट का रुख
कमोडिटी मार्केट के दृष्टिकोण से यह गिरावट मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के कारोबार से साफ‑साफ देखी गई। रिपोर्ट्स के हिसाब से MCX पर सोने और चांदी दोनों में लगभग 0.81% की गिरावट दर्ज हुई, जिससे स्पॉट बाजार में भी तुरंत असर दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार (Correction) ग्लोबल फैक्टर्स के कारण आया है, नहीं कि घरेलू मांग में गिरावट के चलते।
अंतरराष्ट्रीय फैक्टर्स का दबाव
वैश्विक स्तर पर मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने बुलियन मार्केट पर दबाव बनाया हुआ है। जब डॉलर तेज होता है और बॉन्ड रिटर्न बढ़ते हैं, तो सोने का आकर्षण कम हो जाता है, क्योंकि उसे रिटर्न देने वाली “ब्याज‑युक्त” परिसंपत्तियां ज्यादा आकर्षक लगने लगती हैं। इसी कारण से अंतरराष्ट्रीय गोल्ड और सिल्वर प्राइस में थोड़ी रुकावट और गिरावट दिखी, जिसका असर भारतीय बाजार में भी तुरंत दिखा।
निवेशकों के लिए संकेत
पिछले कुछ सत्रों में भारी तेजी के बाद आज की गिरावट को बाजार विशेषज्ञ “सामान्य सुधार” या “खरीदारी का मौका” जैसे संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनके मुताबिक, जो निवेशक लंबे अवधि के लिए सोने या चांदी में एंट्री करना चाहते हैं, उनके लिए यह भाव थोड़ा बेहतर बेस प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, अर्थव्यवस्था पर चल रही अनिश्चितताएं, ब्याज‑दर नीतियां और जियो‑पॉलिटिकल तनाव जैसे फैक्टर अभी भी बाजार को उतार‑चढ़ाव भरा रखने की संभावना बताते हैं।
शादी‑साज बनाम निवेश
ज्यादातर दिल्ली के शॉपिंग हब्ज में आज भी 22 कैरेट मिस्री‑ज्वेलरी की डिमांड ज्यादा है, जहां लोग शादी‑समारोह और गिफ्टिंग के लिए खरीदारी करते हैं; यहां मेकिंग चार्ज और GST जोड़ने से एक्स‑शो‑रूम कीमतें ऑनलाइन रेट से थोड़ा ऊपर रहती हैं। इसके बजाय अगर निवेश का फोकस है, तो निवेशकों को गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Fund) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इनमें मेकिंग चार्ज और हाथों‑हाथ बिक्री की लागत नहीं होती और लिक्विडिटी भी बेहतर होती है।
संक्षेप में, दिल्ली में आज सोने और चांदी में दर्ज गिरावट बाजार की गर्मजोशी को थोड़ा शांत कर रही है, लेकिन इसे पूर्ण उलटे रुख के रूप में नहीं लिया जा रहा। निवेशकों के लिए यह एक ऐसी झलक है जहां न तो बेहोशी भरी तेजी है और न ही ठहराव, बल्कि संतुलित रूझान बनाने की कोशिश।









