
UPI पिन बार-बार भूल जाते हैं? या भीड़भाड़ वाली दुकान पर खड़े होकर हर बार पिन टाइप करना आपको परेशान करता है? अब इस झंझट से कुछ हद तक छुटकारा मिल सकता है, क्योंकि BHIM UPI ऐप में एक नया बायोमेट्रिक फीचर शुरू किया गया है, जिसकी मदद से यूजर्स बिना पिन डाले भी पेमेंट कर सकेंगे- वो भी सुरक्षित तरीके से।
क्या है BHIM का नया बायोमेट्रिक फीचर?
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के UPI प्लेटफॉर्म पर चलने वाले BHIM ऐप ने अब पेमेंट ऑथेंटिकेशन के लिए बायोमेट्रिक सपोर्ट देना शुरू कर दिया है। इस फीचर के तहत यूजर अपने मोबाइल फोन के फिंगरप्रिंट सेंसर या फेस लॉक (Face Unlock / Face ID) के जरिए UPI ट्रांजैक्शन को मंजूरी दे सकेगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि इसके लिए हर बार UPI पिन टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। छोटे और फ्रीक्वेंट पेमेंट्स को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा फिलहाल 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन के लिए लागू की गई है। यानी 5,000 रुपये तक आप सिर्फ फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन से पेमेंट कर सकेंगे, जबकि इससे अधिक अमाउंट पर अभी भी UPI पिन डालना जरूरी रहेगा।
रोजमर्रा के छोटे पेमेंट होंगे और आसान
डिजिटल पेमेंट्स के मौजूदा दौर में हजारों यूजर्स दिनभर में कई बार UPI का इस्तेमाल करते हैं- कभी सब्ज़ी वाले के QR कोड पर पेमेंट, कभी दफ्तर जाते समय ऑटो या कैब का किराया, तो कभी ऑनलाइन फूड ऑर्डर या मोबाइल रिचार्ज। ऐसे में हर बार पिन डालना न सिर्फ समय लेता है, बल्कि कई बार गलती से गलत पिन डालने पर ट्रांजैक्शन फेल भी हो जाता है।
BHIM के नए फीचर के बाद इन स्थितियों में बड़ी आसानी हो सकती है। यूजर को बस QR स्कैन करना होगा या रिसीवर का नंबर/UPI ID चुननी होगी, अमाउंट भरना होगा और कन्फर्मेशन के समय पिन की जगह फोन अपने आप फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन की विंडो दिखाएगा। जैसे ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सफल होगा, पेमेंट तुरंत पूरा हो जाएगा। इससे प्रोसेस तेज होगा, कतार में खड़े यूजर्स का समय बचेगा और UPI पिन भूलने की दिक्कत भी कम होगी।
कितनी सुरक्षित है बिना पिन वाली यह पेमेंट?
बिना पिन पेमेंट सुनते ही सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का उठता है। लेकिन बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की खासियत ही यह है कि यह हर व्यक्ति के लिए यूनिक होता है। फिंगरप्रिंट और फेस डेटा आपके मोबाइल डिवाइस के सिक्योर हार्डवेयर या सिस्टम में स्टोर रहता है, न कि BHIM ऐप के सर्वर पर।
इसका मतलब यह है कि किसी दूसरे व्यक्ति के लिए आपकी फिंगरप्रिंट या फेस डेटा की नकल करके आपका अकाउंट ऑपरेट करना आसान नहीं है। साथ ही, 5,000 रुपये से ज्यादा की राशि भेजते समय अभी भी UPI पिन अनिवार्य रखा गया है, ताकि हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर एक अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर बनी रहे। यूजर को फिर भी यह ध्यान रखना होगा कि उसका फोन अनलॉक अवस्था में किसी और के हाथ न लगे और वह खुद किसी संदिग्ध QR कोड या लिंक पर पेमेंट न करे।
ऐसे करें नए फीचर को एक्टिव
BHIM ऐप में बायोमेट्रिक ट्रांजैक्शन शुरू करने के लिए यूजर को कुछ आसान स्टेप फॉलो करने होंगे:
- सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में BHIM ऐप का लेटेस्ट वर्ज़न अपडेट करें।
- ऐप खोलकर अपना लॉगिन पासकोड डालें और होम स्क्रीन पर पहुंचें।
- ऊपर या साइड में दिख रहे प्रोफाइल/मेनू सेक्शन में जाएं और वहां “Settings” या सुरक्षा से जुड़ा विकल्प चुनें।
- यहां आपको बायोमेट्रिक या “Fingerprint/Face Authentication for Payments” जैसा विकल्प दिखाई देगा।
- इस ऑप्शन को ऑन करें। इसके बाद आपका फोन आपसे फिंगरप्रिंट या फेस लॉक कन्फर्म करवाएगा, ताकि यह सिस्टम से लिंक हो सके।
- अब अपने रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट के लिए इस बायोमेट्रिक ट्रांजैक्शन विकल्प को इनेबल कर दें।
एक बार सेटअप पूरा हो जाने के बाद आप छोटे UPI पेमेंट्स के लिए सीधे फिंगरप्रिंट या फेस लॉक से पेमेंट कन्फर्म कर पाएंगे। टेस्ट के तौर पर आप किसी भरोसेमंद UPI ID या अपने ही दूसरे अकाउंट पर छोटा अमाउंट भेजकर चेक कर सकते हैं कि पिन की जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन आ रहा है या नहीं।
डिजिटल पेमेंट की अगली स्टेज
BHIM ऐप का यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम अब यूज़र एक्सपीरियंस और माइक्रो‑ट्रांजैक्शन की सुविधा को पहले से ज्यादा अहमियत दे रहा है। UPI Lite, क्रेडिट ऑन UPI और अब बायोमेट्रिक पेमेंट जैसे फीचर मिलकर छोटे, रोजमर्रा के भुगतानों को लगभग “टच‑टू‑पे” अनुभव में बदल रहे हैं।
फिलहाल यह सुविधा 5,000 रुपये तक सीमित है, लेकिन अगर यूजर्स और बैंकिंग रेगुलेटर्स को यह मॉडल सुरक्षित और सफल लगता है, तो भविष्य में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल के लिए, जो भी यूज़र UPI पिन भूल जाने से परेशान रहते हैं या हर बार टाइप करने में दिक्कत महसूस करते हैं, उनके लिए BHIM का नया फीचर निश्चित तौर पर राहत की खबर है।









