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Meta Layoffs 2026: मार्क जुकरबर्ग ने फिर दिया झटका! 700 कर्मचारियों की हुई छंटनी, जानें क्या रही बड़ी वजह

Meta ने 700 कर्मचारियों की छंटनी की, ज्यादातर प्रभावित रियलटी लैब्स डिविजन हुआ। छंटनी से ठीक पहले टॉप एग्जीक्यूटिव्स को 921 मिलियन डॉलर का स्टॉक बोनस घोषित किया गया। कंपनी मेटावर्स से हटकर अब AI पर पूरा दांव लगा रही है, जिसके लिए भारी निवेश की योजना है।

By Pinki Negi

Meta Layoffs 2026: मार्क जुकरबर्ग ने फिर दिया झटका! 700 कर्मचारियों की हुई छंटनी, जानें क्या रही बड़ी वजह

सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी Meta ने एक बार फिर से छंटनी की कैंची लगाई है। मार्क जुकरबर्ग की अगुवाई वाली कंपनी ने अपने विभिन्न विभागों से 700 कर्मचारियों को कंपनी से बाहर कर दिया है। मेटा में छंटनी की इस ताजा खबर से टेक जगत में हलचल मच गई है। इस बार छंटनी के पीछे की बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI बना है। कंपनी का यह फैसला उस रणनीतिक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह मेटावर्स से ध्यान हटाकर पूरी तरह से AI पर दांव लगाना चाहती है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने अपने अलग-अलग विभागों से 700 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि यह छंटनी कंपनी के टॉप एग्जीक्यूटिव्स के लिए भारी-भरकम स्टॉक ऑप्शन की घोषणा के मात्र कुछ ही घंटों बाद की गई, जिससे कंपनी के भीतर और बाहर दोनों जगह विवाद खड़ा हो गया है।

रियलटी लैब्स पर गिरी गाज

इस छंटनी का सबसे बड़ा असर मेटा के ‘रियलटी लैब्स’ डिविजन पर पड़ा है। यही वह विभाग था जो मेटावर्स के सपनों को हकीकत में बदलने में लगा हुआ था। सूत्रों की मानें तो मेटा ने आने वाले साल में VR हेडसेट्स के लिए मेटावर्स डेवलपमेंट को बंद करने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि रियलटी लैब्स की वजह से कंपनी को अब तक 80 बिलियन डॉलर यानी करीब 6.7 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

रियलटी लैब्स के साथ ही रिक्रूटमेंट, सेल्स और फेसबुक मुख्य डिविजन में भी मेटा ने कटौती की है। हालांकि, कंपनी कुछ प्रभावित कर्मचारियों को दूसरे विभागों में रोल ऑफर कर रही है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी लोकेशन बदलनी पड़ सकती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “टीम्स अक्रॉस मेटा लगातार रीऑर्गनाइज करती रहती हैं ताकि वे अपने बिजनेस लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सही स्थिति में रहें। जहां संभव हो, हम प्रभावित कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक भूमिकाएं तलाशते हैं।”

अधिकारियों पर बरसेगा पैसा, कर्मचारी बेरोजगार

जहां एक ओर 700 लोग अपनी नौकरी खो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनी के टॉप अधिकारियों के लिए चांदी होने वाली है! मेटा ने एक नया स्टॉक ऑप्शन प्रोग्राम लाया है। इसमें अगर मेटा साल 2031 तक 9 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू हासिल कर लेती है, तो कुछ अधिकारियों को अगले 5 सालों में 921 मिलियन डॉलर यानी लगभग 8,660 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त मुआवजा मिल सकता है। कंपनी के मुताबिक, AI के दौर में टैलेंट को रोके रखने के लिए यह कदम बहुत जरूरी है। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला नैतिक रूप से सही नहीं है।

अब AI पर टिकी हैं जुकरबर्ग की उम्मीदें

मेटा अब अपना पूरा ध्यान और पैसा AI पर लगाना चाहती है। कंपनी ने हाल ही में Moltbook और Manus AI जैसे स्टार्टअप्स को भी इसी विजन के लिए खरीदा है। मेटा 2026 में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स पर 162 बिलियन डॉलर से 169 बिलियन डॉलर खर्च करने की तैयारी में है। इसी लागत को संतुलित करने के लिए छंटनी को अनिवार्य बताया जा रहा है।

यह 2026 में मेटा की दूसरी बड़ी छंटनी है। इससे पहले जनवरी में भी रियलटी लैब्स में करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की गई थी। अब चर्चा यह है कि कंपनी कुल वर्कफोर्स का 20% यानी 16,000 तक कर्मचारियों की छंटनी पर विचार कर सकती है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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