
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर को लेकर नया दौर शुरू हो चुका है। 2 मार्च को लॉन्च हुए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ ने पुरानी पिंक पेपर टिकट व्यवस्था को धीरे-धीरे बदलना शुरू कर दिया है। लेकिन कई महिलाओं के मन में सवाल उठ रहे हैं- अगर कार्ड नहीं बना तो क्या अब फ्री यात्रा बंद? अच्छी खबर यह है कि DTC ने स्पष्ट किया है कि पिंक पेपर टिकट अभी जारी रहेंगे।
पिंक टिकट सिस्टम जारी
DTC के अधिकारियों ने बताया कि जिन महिलाओं का स्मार्ट कार्ड नहीं बना, वे कंडक्टर से पुरानी तरह पिंक पेपर टिकट ले सकती हैं। यह व्यवस्था कम से कम तीन महीने चलेगी या जब तक अधिकांश पात्र महिलाओं को कार्ड न मिल जाए। दिल्ली सरकार ने भी अपील की है कि 50 केंद्रों पर भीड़ न लगाएं, क्योंकि वितरण चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। हाल ही में कश्मीरी गेट और नेहरू प्लेस डिपो पर भारी भीड़ देखी गई, जिससे कई यात्रियों को परेशानी हुई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद DTC बस में पिंक कार्ड से यात्रा कर योजना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं का सशक्तिकरण है, लेकिन जल्दबाजी की जरूरत नहीं। पिंक टिकट से यात्रा वैलिड है, बस डिजिटल कार्ड आने से प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
योजना की शुरुआत और बदलाव
पहले सभी महिलाएं (NCR शामिल) DTC बसों में फ्री सफर कर सकती थीं। लेकिन अब लाभ केवल दिल्ली निवासी महिलाओं (12+ उम्र) और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तक सीमित। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लॉन्च किया यह NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) आधारित कार्ड मुफ्त है। DTC और क्लस्टर बसों में अनलिमिटेड फ्री यात्रा देता है, जबकि मेट्रो/RRTS में पेड इस्तेमाल संभव। यह एयरटेल पेमेंट्स और मुफिनपे से एकीकृत है।
पात्रता, दस्तावेज और केंद्र
- पात्र: दिल्ली पता वाला आधार, महिलाएं/ट्रांसजेंडर।
- जरूरी दस्तावेज: आधार (मोबाइल लिंक्ड), वोटर ID।
- केंद्र: 50 जगहें जैसे DTC डिपो (कश्मीरी गेट, BBM), DM/SDM ऑफिस, DU/JNU कैंपस। समय: सुबह 9 से शाम 5। तुरंत जारी, QR कोड वाला।
| पुरानी व्यवस्था | नई स्मार्ट कार्ड |
|---|---|
| सभी महिलाओं को पेपर टिकट। | केवल दिल्ली निवासियों को। |
| कंडक्टर से मांगें। | EtM मशीन पर टैप। |
| कोई वेरिफिकेशन नहीं। | आधार अनिवार्य। |
भविष्य की संभावनाएं
एक लाख से ज्यादा कार्ड जारी हो चुके हैं। ब्लू (सामान्य) और ऑरेंज (मासिक) कार्ड भी आएंगे। यह ‘वन कार्ड मिशन’ का हिस्सा है, जो सार्वजनिक परिवहन को एकीकृत करेगा। महिलाओं ने स्वागत किया, लेकिन केंद्रों पर व्यवस्था सुधार की मांग की। DTC का कहना है कि डिजिटलीकरण से यात्रा सुरक्षित और तेज होगी।









