
देशभर में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकारों की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। अलग‑अलग राज्य अपने स्तर पर महिला सशक्तिकरण पर फोकस कर रहे हैं, लेकिन हाल ही में पंजाब सरकार ने एक बड़ी घोषणा कर महिलाओं के लिए नई नकद सहायता योजना शुरू की है। इस योजना के तहत राज्य की लाखों महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे उनके दैनिक खर्चों के लिए सीधा फाइनेंशियल रेले मिलेगा।
योजना का नाम और घोषणा कब हुई?
पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई इस नई योजना का नाम “मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना” (CM Mawan Dhiyan Satkar Yojana) रखा गया है। इसकी घोषणा राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट 2026-27 पेश करते समय की। खास बात यह है कि सरकार ने इसे महिलाओं को “आर्थिक सुरक्षा” और “जीवन स्तर में सुधार” के लिए एक बड़ा कदम बताया है। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के मौके पर की गई, जिसे महिला सम्मान और सशक्तिकरण के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
महिलाओं को कितनी राशि मिलेगी?
मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना के तहत पंजाब की महिलाओं को हर महीने नकद सहायता दी जाएगी। यह राशि तीन श्रेणियों के आधार पर अलग‑अलग है:
- सामान्य वर्ग की महिलाएं: हर महीने 1000 रुपये सीधे बैंक खाते में।
- अनुसूचित जाति (SC) की महिलाएं: हर महीने 1500 रुपये सीधे खाते में ट्रांसफर दी जाएगी।
सरकार का मकसद यह है कि इस पैसे से ज़रूरतमंद महिलाएं अपने घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, सेहत और छोटे‑मोटे आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकें। भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाएगा, जिससे “लीकेज” या भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।
योजना का लक्ष्य क्या है?
सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए:
- महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- घर‑परिवार के भीतर महिलाओं की फैसले लेने की क्षमता बढ़ेगी।
- उन्हें खुद के लिए पैसों का नियोजन करने का अनुभव मिलेगा।
इस योजना को लेकर सरकार ने बजट में लगभग 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है, जो इसकी व्यापक स्केल और गंभीर दृष्टिकोण को दिखाता है।
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता निर्धारित की गई है:
- महिला की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
- वह पंजाब की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- उसका आधार कार्ड और बैंक खाता होना आवश्यक माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार पंजाब की अधिकांश वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आ सकती हैं, लेकिन कुछ श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?
इस योजना के तहत निम्न श्रेणियों की महिलाएं लाभ नहीं ले पाएंगी:
- वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी
- सांसद या विधायक रह चुकी महिलाएं
- आयकर देने वाली महिलाएं
सरकार का मकसद यह है कि यह योजना कमजोर और दैनिक भोजन की लड़ाई लड़ रही महिलाओं को सीधे लाभ पहुंचाए, न कि उन्हें जिन्हें अलग से आर्थिक सहायता या वेतन आता है।
अन्य राज्यों की महिला‑सहायता योजनाएं
पंजाब के अलावा, देश के कई राज्य महिलाओं के लिए मासिक नकद सहायता योजनाएं चला रहे हैं, जैसे:
- मध्य प्रदेश – लाड़ली बहना योजना (महिलाओं को प्रति माह 1000-1500 रुपये)।
- गोवा – गृह आधार योजना (घर की मालिक महिला को प्रति माह 1500 रुपये)।
इन सभी योजनाओं का सामान्य उद्देश्य है कि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों और घर‑समाज में उनकी आवाज़ की गुंजाइश बढ़े।









