Tags

आप भी करते हैं गाड़ी का Third Party Insurance? तो बड़ी गलती कर रहे आप, समझें कैसे जानें नियम

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कानूनी अनिवार्य है, लेकिन आपकी गाड़ी को असुरक्षित छोड़ देता है। सिर्फ़ थर्ड पार्टी का नुकसान कवर, चोरी-दुर्घटना में OD जरूरी। 50% वाहन बिना वैध कवरेज! जुर्माना ₹2000-4000। Arham Secure के सुशील कुमार: शराब/नाबालिग पर क्लेम रिजेक्ट। कॉम्प्रिहेंसिव चुनें- पूर्ण सुरक्षा, लचीलापन।

By Pinki Negi

आप भी करते हैं गाड़ी का Third Party Insurance? तो बड़ी गलती कर रहे आप, समझें कैसे जानें नियम

भारत के सड़कों पर रोज़ाना सैकड़ों हादसे होते हैं, और मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 146 के तहत हर वाहन के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है। इसे एक्ट-ओनली इंश्योरेंस भी कहा जाता है, जो वाहन मालिक (फर्स्ट पार्टी), इंश्योरेंस कंपनी (सेकंड पार्टी) और पीड़ित (थर्ड पार्टी) के बीच संतुलन बनाता है।

अगर आपकी गाड़ी से किसी तीसरे पक्ष को चोट, मौत या संपत्ति नुकसान होता है, तो कंपनी भरपाई करती है। लेकिन क्या ये अकेला पर्याप्त है? हालिया सर्वे बताते हैं कि 50% से अधिक वाहन बिना वैध थर्ड पार्टी चल रहे हैं, जो भारी जुर्माने (पहली बार ₹2000, दोबारा ₹4000 तक) और कानूनी पचड़े का कारण बन रहा है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के फायदे

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के फायदे साफ़ हैं। ये किफायती है- 1000cc कार के लिए सालाना ₹2000-2500 का प्रीमियम। वित्तीय बोझ से बचाता है, क्योंकि दुर्घटना में दूसरे पक्ष का मेडिकल बिल, वाहन मरम्मत या मुआवज़ा कंपनी वहन करती है। IRDAI के अनुसार, ये सार्वजनिक सुरक्षा की बुनियाद है।

थर्ड पार्टी की सीमाएं

लेकिन सीमाएं भी उतनी ही गहरी हैं। ये आपकी अपनी गाड़ी को किसी सुरक्षा कवच में नहीं लपेटता। चोरी, आग, बाढ़ या खुद की गाड़ी का नुकसान- सब आपके जेब पर। Arham Secure के ब्रांच मैनेजर सुशील कुमार बताते हैं, “कई बार क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। शराब पीकर ड्राइविंग, बिना लाइसेंस या नाबालिग चालक के हादसे में कंपनी पैसा देने से इनकार कर सकती है।”

वास्तविकता और बेहतर विकल्प

वास्तविकता चौंकाने वाली है। थर्ड पार्टी केवल थर्ड पार्टी को कवर करता है, न कि आपके वाहन को। मान लीजिए, आपकी कार किसी और से टकराई और खुद भी क्षतिग्रस्त हो गई- मरम्मत का लाखों का खर्चा आपका। विशेषज्ञों का कहना है कि ये ‘बड़ी गलती’ है, क्योंकि कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस (थर्ड पार्टी + ओन डैमेज) ही पूर्ण सुरक्षा देता है। इसमें जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन जैसे ऐड-ऑन जोड़े जा सकते हैं। 2025-26 में IRDAI ने प्रीमियम में 18-25% बढ़ोतरी की, लेकिन OD अलग खरीदने का विकल्प लचीलापन देता है।

तुलना तालिका

विशेषताथर्ड पार्टीकॉम्प्रिहेंसिव
कवरेजकेवल थर्ड पार्टीअपनी गाड़ी + थर्ड पार्टी
अपनी गाड़ी सुरक्षानहींहां (चोरी, दुर्घटना, आपदा)
प्रीमियम₹2000-8000/सालअधिक, लेकिन वैल्यूफुल
क्लेम रिजेक्शनशराब/नाबालिग/बिना लाइसेंसकम, व्यापक कवरेज

आंकड़े और सलाह

परिवहन मंत्रालय के आंकड़े चिंताजनक हैं- बिना इंश्योरेंस के वाहनों से सालाना हज़ारों मामले। सलाहकार कहते हैं, IDV चेक करें, ऑनलाइन तुलना करें और कम से कम OD ऐड करें। दिल्ली जैसे शहरों में ट्रैफिक घनत्व के कारण रिस्क दोगुना। थर्ड पार्टी शुरूआत है, लेकिन समझदारी कॉम्प्रिहेंसिव में है। नियमित रिन्यूअल भूलें नहीं, वरना पुराने नियम लागू होंगे। सुरक्षित ड्राइविंग और सही इंश्योरेंस ही सच्ची ढाल है। 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें