रमजान के पवित्र दिनों में रोजेदार पूरे दिन भूखे प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत में लीन रहते हैं। आज 11 मार्च को उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में शाम को सूर्यास्त के साथ रोजे खुलेंगे। स्थानीय खगोलीय स्थिति के आधार पर सुन्नी और शिया समुदायों के लिए समय में हल्का फर्क देखने को मिलेगा। यह महीना सब्र, दान और भाईचारे का संदेश देता है।

शहरवार इफ्तार का समय
राज्य भर में भौगोलिक स्थिति के कारण सूर्यास्त का समय अलग अलग होता है। लखनऊ में सुन्नी रोजेदार शाम 6:08 बजे और शिया भाई शाम 6:23 बजे इफ्तार करेंगे। कानपुर के लिए सुन्नी समय 6:17 बजे तथा शिया के लिए 6:27 बजे तय है। वाराणसी में यह क्रम सुन्नी 6:05 बजे और शिया 6:15 बजे रहेगा। मेरठ में सुन्नी 6:28 बजे तथा शिया 6:32 बजे रोजा खुल जाएगा। आगरा के सुन्नी भाइयों का समय 6:26 बजे और शिया का 6:31 बजे निर्धारित है। गोरखपुर में सुन्नी 6:08 बजे और शिया 6:17 बजे इफ्तार होगा।
इफ्तार की रौनक और परंपराएं
दोपहर 4:08 बजे का समय होने से रोजेदारों को अभी लगभग ढाई घंटे का इंतजार है। इस दौरान वे कुरान पढ़ते हैं, दुआ मांगते हैं और परिवार के साथ समय बिताते हैं। इफ्तार की शुरुआत खजूर और पानी से होती है, फिर फलाहार और हल्का भोजन लिया जाता है। लखनऊ की ऐतिहासिक इमामबाड़ों और मस्जिदों में इफ्तार की महफिल सजती है। यहां गरीबों को भोजन बांटा जाता है, जो रमजान की सच्ची भावना को दर्शाता है। कानपुर के व्यस्त बाजारों में भी दान का सिलसिला चल रहा है। वाराणसी के पवित्र घाटों पर गंगा की गोद में इफ्तार की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जो सभी धर्मों के लोगों को एकजुट करती है।
मेरठ और आगरा जैसे शहरों में स्थानीय मस्जिदें इफ्तार के लिए विशेष व्यवस्था कर रही हैं। मौसम साफ होने से सूर्यास्त स्पष्ट दिखेगा, लेकिन हल्की ठंड के कारण गर्म कपड़ों का ध्यान रखें। तापमान 20 डिग्री के आसपास बना रहेगा।
सलाह और सावधानियां
रोजेदारों को सलाह दी जाती है कि स्थानीय मस्जिद या नमाज ऐप्स से अंतिम पुष्टि कर लें, क्योंकि मौसम या बादलों से समय में मामूली बदलाव हो सकता है। इफ्तार के बाद तहज्जुद और तरावीह की नमाज अदा करें। सरकार ने मस्जिद क्षेत्रों में ट्रैफिक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यह पाक महीना आत्मशुद्धि का अवसर है। सभी को रमजान मुबारक!









