
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक ने संपत्ति लेन-देन को और पारदर्शी बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मंगलवार को आयोजित इस अहम बैठक में कुल 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें से 30 को मंजूरी मिल गई, जबकि 3 प्रस्तावों को होल्ड पर रखा गया। सबसे बड़ा बदलाव संपत्ति रजिस्ट्री के नियमों में आया है, जहां अब विक्रेता का नाम खतौनी या अन्य दस्तावेजों से सख्ती से मैच करना जरूरी होगा। नाम न मिलने पर जांच के बाद ही रजिस्ट्री संभव होगी, जिससे जमीन माफिया और फर्जी दस्तावेजों का खेल पूरी तरह थम सकता है।
रजिस्ट्री में खतौनी सत्यापन अनिवार्य
पहले रजिस्ट्री में सिर्फ आधार कार्ड और वोटर आईडी की औपचारिक जांच होती थी, लेकिन अब स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग प्रॉपर्टी की मालिकाना हक साबित करने के लिए खतौनी का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य करेगा। विभागी सूत्रों के अनुसार, भूलेख पोर्टल से खतौनी नंबर और ग्राम कोड चेक किया जाएगा। यदि विक्रेता का नाम खतौनी से मेल नहीं खाता, तो नामांतरण (म्यूटेशन) की स्थिति स्पष्ट करने तक रजिस्ट्री रद्द हो जाएगी।
यह कदम उन जिलों में खासतौर पर प्रभावी होगा, जहां फर्जी पट्टे और बेनामी लेन-देन की शिकायतें आम हैं। पहले से लागू OTP वेरिफिकेशन, PAN कार्ड अनिवार्यता और 1 फरवरी 2026 से शुरू आधार e-KYC के साथ यह नया नियम रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल कवच प्रदान करेगा।
सर्किल रेट और शुल्कों में संशोधन
कैबिनेट ने सर्किल रेट से जुड़े शुल्कों में भी संशोधन किया है। अब सर्किल रेट पर 1 फीसदी शुल्क और 2 फीसदी विकास शुल्क नगर निगम क्षेत्रों में अलग-अलग लगेगा। पहले ये राशियां यूसी (यूपीयूसी) जारी होने के बाद निकायों को मिलती थीं, लेकिन अब छमाही आधार पर वितरण होगा, जिससे स्थानीय विकास कार्यों में तेजी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव न केवल राजस्व बढ़ाएंगे, बल्कि ग्रामीण और शहरी संपत्ति बाजार में विश्वास बहाल करेंगे।
ग्रामीण परिवहन योजना को मजबूती
बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला ग्रामीण परिवहन को मजबूत करने वाला था। मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत प्रदेश के 59,163 गांवों तक छोटी बसें पहुंचेंगी। अभी तक 12,000 से अधिक गांवों में बस सेवा का अभाव था, लेकिन अब हर ग्राम सभा में यह सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार इस सेवा पर कोई टैक्स नहीं लगाएगी और प्राइवेट बस ऑपरेटरों को भी जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीणों को सस्ती और नियमित यातायात मिलेगा, खासकर दिल्ली जैसे पड़ोसी क्षेत्रों से जुड़े यात्रियों को फायदा होगा।
सरकार के फैसलों का व्यापक प्रभाव
योगी सरकार के ये फैसले आमजन की लंबे समय की मांगों को पूरा करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में मजबूत कदम हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रजिस्ट्री से पहले UP Bhulekh पोर्टल पर दस्तावेज अपडेट करवाएं। इन बदलावों से न केवल विवाद कम होंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश संपत्ति बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।









