
उत्तर भारत में समय से पहले गर्मी ने तांडव मचा दिया है। राजधानी दिल्ली में शनिवार (7 मार्च) को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो पिछले 50 वर्षों में मार्च के पहले सप्ताह का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। सफदरजंग मौसम केंद्र पर यह आंकड़ा सामान्य से 7.3 डिग्री ऊपर रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक) दर्ज हुआ।
IMD अधिकारी ने पुष्टि की कि 1999 में 5 मार्च को 34.8 डिग्री का पुराना रिकॉर्ड टूट गया। 2016 का दूसरा रिकॉर्ड (33.6 डिग्री) भी पीछे छूटा।
रिकॉर्ड टूटने के पीछे की कहानी
IMD के 50 साल पुराने आंकड़ों के अनुसार, मार्च के पहले सात दिनों में कभी इतनी गर्मी नहीं पड़ी। साफ आसमान, तेज धूप और पश्चिमी विक्षोभ की कमी ने तापमान को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया। दिल्ली में लंबे समय से बारिश न होने से धरती की नमी खत्म हो गई, जिससे जून जैसी गर्मी मार्च में ही दस्तक दे दी। पड़ोसी हिसार (हरियाणा) में 36.3 डिग्री, देहरादून में अधिकतम 31.5 डिग्री (सामान्य से 5 डिग्री अधिक) और न्यूनतम 17.8 डिग्री रहा। जम्मू में 30 डिग्री, कटरा में 28 डिग्री और ऊना (हिमाचल) में 32.8 डिग्री दर्ज। उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल में भी पारा सामान्य से ऊपर।
गर्मी के प्रभाव: जनजीवन बेहाल
दिल्लीवासी पसीने से तरबतर हो गए। सुबह से ही तेज धूप ने बाहर निकलना मुहाल कर दिया। बाजारों में सन्नाटा, लोग एसी-कूलर की शरण ले रहे। बुजुर्गों और बच्चों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया। यातायात प्रभावित, वाहन ओवरहीट हो रहे। AQI खराब होने से सांस लेना दुष्वार। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जलवायु परिवर्तन का संकेत है, जहां सर्दियां छोटी और गर्मियां लंबी हो रही हैं।
IMD का पूर्वानुमान: राहत कब?
IMD ने चेतावनी जारी की कि 8-11 मार्च तक तापमान 34-37 डिग्री के बीच रहेगा। हल्के बादल संभव, लेकिन राहत सीमित। 10-12 मार्च से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है, जिससे हल्की बारिश और गिरावट की उम्मीद। हालांकि, गर्म हवाओं का दौर जारी। शिमला कार्यालय ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन में गर्म हवाएं चलने का अलर्ट दिया। दिल्लीवालों को हाइड्रेटेड रहने, दोपहर 12-4 बजे बाहर न निकलने की सलाह।
विशेषज्ञों की राय
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो प्रभाव और ग्लोबल वॉर्मिंग से मार्च में ही ग्रीष्मकालीन लहर आ गई। पिछले साल मार्च के दूसरे हफ्ते में 35 डिग्री था, लेकिन इस बार पहले हफ्ते में ही रिकॉर्ड। IMD के मुताबिक, अप्रैल-मई में 45 डिग्री तक संभव। सरकार ने स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। यह गर्मी फसलों और जल संकट को भी प्रभावित करेगी।









