
रंगों और गुलाल के इस त्योहार होली पर घर-घर मिठाइयों की महक छा जाती है। मावा से बनी गुजिया, पेड़ा और बर्फी हर परिवार की थाली सजाते हैं। लेकिन सावधान! बाजारों में घातक मिलावट का काला कारोबार जोरों पर है। नकली मावा, जो मिल्क पाउडर, वनस्पति तेल और केमिकल्स से बनाया जाता है, खाने वालों की जान ले सकता है। हालिया छापों ने इस खतरे को बेनकाब कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने भोपाल में 27 क्विंटल संदिग्ध मावा और 45 किलो पनीर जब्त किया, जबकि गाजियाबाद में 1500 किलो नकली मावा-पनीर पकड़ा गया। दिल्ली में भी 66 सैंपल जांच के दायरे में हैं।
मिलावटखोरों का जाल
होली की भारी मांग का फायदा उठाकर मिलावटखोर कम लागत में नकली मावा तैयार कर बेच रहे हैं। भोपाल की कार्रवाई में थोक बाजारों से आने वाली खेपें टोल नाकों पर पकड़ी गईं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया, “मिल्क पाउडर, स्टार्च और वनस्पति घी मिलाकर मावा बनाया जा रहा है। सैंपल लैब भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने पर सख्त एक्शन होगा।”
इसी तरह उत्तराखंड में दूध उत्पादों की सप्लाई पर नजर रखी जा रही है, जहां कारों से छिपकर माल भेजा जा रहा। पिछले साल जयपुर में 1380 किलो मिलावटी मावा नष्ट किया गया था। विशेषज्ञ चेताते हैं कि यह मावा पेट दर्द, उल्टी, किडनी फेलियर तक पहुंचा सकता है।
घर पर करें आसान टेस्ट
सौभाग्य से, घर पर ही मावे की शुद्धता जांच सकते हैं। पहले सूंघें: असली मावा दूध जैसी ताजा खुशबू देता है, नकली में सिंथेटिक या अजीब गंध आती है। रंग देखें: हल्का क्रीम रंग वाला असली, ज्यादा सफेद-चमकदार नकली। दबाकर टेस्ट करें: असली नरम टूटता है, नकली रबर जैसा चिपचिपा। पानी में डालें: गर्म पानी में असली धीरे घुलता है, नकली दूधिया घोल बना देता है। स्वाद लें: हल्का मीठा असली, कड़वा या केमिकल जैसा नकली। आग पर रखें: असली पिघलकर भूरा होता है, नकली काला जलता है।
प्रशासन की मुहिम तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वास्थ्य पहले’ अभियान के तहत FSSAI ने होली पर विशेष ड्राइव शुरू की है। राज्यों में संयुक्त टीमें थोक बाजारों, दुकानों पर छापे मार रही हैं। भोपाल SDM ने कहा, “त्योहार पर जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।” लोग FSSAI ऐप पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विशेषज्ञ सलाह
डॉ. लाल पैथलैब्स के विशेषज्ञों के अनुसार, घर पर मावा बनाएं या विश्वसनीय दुकानों से लें। चांदी वर्क रगड़कर जांचें- असली सलेटी धब्बा छोड़ता है। स्ट्रीट फूड से बचें, ज्यादा पानी पिएं। वैकल्पिक रूप से, सूखे मेवे या फल आधारित मिठाइयां चुनें।
इस होली पर मिलावटखोरों को करारा जवाब दें। शुद्ध भोजन से त्योहार मनाएं, अपनों को सुरक्षित रखें। जागरूकता ही सबसे बड़ा रंग है। FSSAI हेल्पलाइन 1800112100 पर कॉल करें। सुरक्षित होली की शुभकामनाएं!









