
देश की सड़कों पर बढ़ते हादसों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को देखते हुए सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही है। अक्सर लोग जल्दी पहुँचने की होड़ में तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप करना, फोन पर बात करना या नशे में गाड़ी चलाने जैसी गलतियाँ करते हैं, जो जानलेवा साबित होती हैं।
इन लापरवाहियों को रोकने के लिए जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस का नया सिस्टम लागू किया जा सकता है। इस नए कानून के तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और उनके लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द भी किया जा सकता है। सरकार का मकसद सख्त नियमों के जरिए सड़क सुरक्षा को पुख्ता करना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
क्या है ग्रेडेड अंक प्रणाली और कैसे बचायेगी आपका लाइसेंस
सड़क सुरक्षा और अनुशासन बढ़ाने के लिए सरकार ‘ग्रेडेड अंक प्रणाली’ लागू करने की तैयारी में है। इस सिस्टम के तहत हर ड्राइविंग लाइसेंस पर कुछ निश्चित अंक (Points) दिए जाएंगे। यदि कोई चालक ट्रैफिक नियम तोड़ता है—जैसे तेज रफ्तार, सिग्नल जंप करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना या नशे में ड्राइविंग—तो उसके खाते से अंक काट लिए जाएंगे।
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, यदि किसी ड्राइवर के सभी अंक खत्म हो जाते हैं, तो उसका लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। लगातार लापरवाही बरतने पर लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द (Cancel) भी किया जा सकता है। यह व्यवस्था चालकों को जिम्मेदार बनाने और सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कदम है।
सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार का ‘मास्टर प्लान’
भारत में सड़क सुरक्षा एक गंभीर चुनौती है, जहाँ हर साल लाखों हादसों में हजारों लोग अपनी जान गँवा देते हैं। ओवरस्पीडिंग, सीट बेल्ट न लगाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग इन दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चालान काटने या जुर्माना बढ़ाने से लोगों की लापरवाही खत्म नहीं हो रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार अब ड्राइवर के व्यवहार को बदलने पर ध्यान दे रही है। नया ‘पॉइंट सिस्टम’ जुर्माने से कहीं अधिक प्रभावी होगा, क्योंकि जब ड्राइवरों को अपना लाइसेंस छिनने या सस्पेंड होने का डर रहेगा, तो वे खुद ही नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे। यह बदलाव सड़क पर अनुशासन लाने और अनमोल जिंदगियों को बचाने के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।









