
फिक्स्ड डिपॉजिट या FD एक ऐसा निवेश खाता है, जहाँ आप अपनी जमा पूँजी को एक तय समय के लिए एकमुश्त (Lumpsum) जमा करते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ब्याज की दर पहले से तय होती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता। आप किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान में आसानी से FD खाता खुलवा सकते हैं। अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखकर उसे बिना किसी जोखिम के बढ़ाना चाहते हैं, तो यह एक बेहतरीन और स्थिर विकल्प है।
समय से पहले FD तुड़वाने के नियम
जब आप FD खुलवाते हैं, तो बैंक आपको एक रसीद देता है जिसे FDR (Fixed Deposit Receipt) कहते हैं। यह इस बात का सबूत है कि आपने पैसा जमा किया है और इसमें आपकी राशि, ब्याज दर व मैच्योरिटी की तारीख लिखी होती है। हालांकि, इमरजेंसी में अगर आप मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालते हैं, तो बैंक इसे ‘प्रीमैच्योर विड्रॉल’ मानकर आप पर जुर्माना (Penalty) लगाते हैं।
यह जुर्माना आपकी कुल राशि या ब्याज दर में कटौती के रूप में हो सकता है, जो अलग-अलग बैंकों की पॉलिसी और समय सीमा पर निर्भर करता है। इसलिए FD तोड़ने से पहले पेनल्टी के नियमों को समझना बहुत जरूरी है।
FD तोड़ने का आसान तरीका और जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- आवेदन के तरीके: आप बैंक ब्रांच जाकर, नेट बैंकिंग पोर्टल या मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए FD बंद कर सकते हैं।
- जरूरी दस्तावेज: अपने साथ ओरिजनल FD रसीद (FDR), आधार कार्ड, पैन कार्ड और एड्रेस प्रूफ (बिजली बिल या पासपोर्ट) जरूर रखें।
- विड्रॉल फॉर्म: ऑफलाइन प्रक्रिया के लिए बैंक से ‘प्रीमैच्योर विड्रॉल फॉर्म’ लेकर उसमें सही जानकारी और पैसे निकालने की वजह भरें।
- पेनल्टी कैलकुलेशन: बैंक आपकी जमा अवधि और ब्याज दर के आधार पर जुर्माना (Penalty) तय करता है, जिसे कुल राशि से काट लिया जाता है।
- भुगतान प्रक्रिया: जुर्माना काटने के बाद बची हुई राशि आपके सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है या कुछ मामलों में कैश दी जाती है।









