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UP में राशन कार्ड की छुट्टी! अब सिर्फ ‘आधार कार्ड’ से मिलेगा गेहूं-चावल, योगी सरकार ने अधिकारियों को दिया बड़ा आदेश

उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों के लिए योगी सरकार का क्रांतिकारी फैसला! अब कार्ड गुम होने या साथ न होने पर भी नहीं रुकेगा आपका अनाज। सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर कैसे मिलेगा गेहूं-चावल और प्रवासियों को इससे क्या होगा बड़ा फायदा? पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

By Pinki Negi

UP में राशन कार्ड की छुट्टी! अब सिर्फ 'आधार कार्ड' से मिलेगा गेहूं-चावल, योगी सरकार ने अधिकारियों को दिया बड़ा आदेश
राशन कार्ड

राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब अगर आपका राशन कार्ड गुम हो जाए या मौके पर न मिले, तो भी आप परेशान न हों, क्योंकि अब आप केवल अपना आधार कार्ड दिखाकर भी राशन प्राप्त कर सकेंगे। सरकार ने ई-पॉश (e-POS) मशीनों में आधार का विकल्प जोड़ दिया है और सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को इसे लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो काम के सिलसिले में घर से बाहर रहते हैं और उनके पास राशन कार्ड नहीं होता। यह नई व्यवस्था मार्च 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगी।

हाई-टेक सुविधाओं से रुकी कालाबाजारी और धोखाधड़ी

सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए लगातार बड़े बदलाव कर रही है। अब राशन कार्डों को डिजिटल कर दिया गया है ताकि फर्जीवाड़ा न हो सके। राशन तौलने में होने वाली हेराफेरी (घटतौली) को रोकने के लिए दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक तराजू अनिवार्य कर दिए गए हैं।

साथ ही, राशन लेने वाले व्यक्ति की सही पहचान के लिए अब हस्ताक्षर की जगह ई-पॉश (e-POS) मशीन पर अंगूठा लगाने (बायोमेट्रिक्स) की व्यवस्था लागू है। सभी राशन कार्डों को आधार से लिंक कर दिया गया है, जिससे राशन की कालाबाजारी पर लगाम लगी है और सही हकदार को उसका अनाज मिल पा रहा है।

राशन कार्ड ई-केवाईसी 99% पूरी

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे शुद्धिकरण अभियान में बड़ी सफलता मिली है। राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी (e-KYC) का काम 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिससे सिस्टम से मृतकों और आयकर (ITR) भरने वाले अपात्र लोगों के नाम हटा दिए गए हैं।

जनपद के 1132 कोटेदारों के माध्यम से अब 5,54,934 राशन कार्ड धारकों को सीधे लाभ मिलेगा। मुख्य बदलाव यह है कि अब कार्ड खोने या फटने का डर नहीं रहेगा; जो लोग काम के लिए बाहर रहते हैं या जिनके पास कार्ड नहीं है, वे केवल अपना आधार नंबर बताकर ही कोटे की दुकान से अपना राशन ले सकेंगे।

‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ अब आधार से हुआ और भी आसान

अक्सर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहरों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों और कामगारों के पास अपना भौतिक राशन कार्ड नहीं होता, जिसके कारण वे ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाते थे। चूंकि पहचान के तौर पर लगभग हर व्यक्ति के पास आधार कार्ड हमेशा उपलब्ध रहता है, इसलिए सरकार ने अब आधार के जरिए राशन देने की सुविधा शुरू की है। इस नई व्यवस्था से उन लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो घर से दूर रहकर भी केवल अपना आधार नंबर बताकर किसी भी सरकारी गल्ले की दुकान से अपना हक ले सकेंगे।

अब एक ही राशन कार्ड पर परिवार के सदस्य अलग-अलग शहरों में ले सकेंगे अनाज

‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना को अब और भी लचीला बना दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत, एक ही राशन कार्ड में दर्ज सदस्य अब दो अलग-अलग स्थानों पर अपना राशन ले सकेंगे। इसका सबसे बड़ा लाभ उन परिवारों को होगा जिनका कोई सदस्य काम के सिलसिले में दूसरे शहर में रहता है।

अब घर पर रह रहा परिवार अपने हिस्से का अनाज गाँव में ले सकेगा, और बाहर रह रहा सदस्य अपने हिस्से का राशन उसी कार्ड के जरिए अपने कार्यस्थल वाले शहर में प्राप्त कर सकेगा। पहले एक बार में पूरा राशन एक ही जगह से उठाना अनिवार्य था, जिससे प्रवासियों को मजबूरी में बाजार से महंगा अनाज खरीदना पड़ता था।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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