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CM किसान दुर्घटना योजना: खेती के दौरान हादसे पर सरकार देगी ₹5 लाख तक की मदद, जानें ऑनलाइन आवेदन और पेमेंट की पूरी प्रक्रिया

किसानों के लिए खुशखबरी! खेती के दौरान होने वाले हादसों पर अब सरकार देगी ₹5 लाख तक का मुआवजा। बिजली गिरने, सांप के काटने या मशीनरी से चोट लगने पर कैसे उठाएं इस योजना का लाभ? जानें ऑनलाइन आवेदन और पेमेंट की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया।

By Pinki Negi

CM किसान दुर्घटना योजना: खेती के दौरान हादसे पर सरकार देगी ₹5 लाख तक की मदद, जानें ऑनलाइन आवेदन और पेमेंट की पूरी प्रक्रिया
CM किसान दुर्घटना योजना

उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ (जिसे सामान्यतः CM किसान दुर्घटना योजना के नाम से जाना जाता है) किसानों के लिए एक जीवन रक्षक योजना है। खेती-किसानी के दौरान होने वाले अनपेक्षित हादसों से निपटने के लिए यह सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी पहल है।

CM किसान दुर्घटना योजना

खेती एक जोखिम भरा काम है, जहाँ मशीनरी के इस्तेमाल, बिजली के झटके या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। ऐसे में किसान के परिवार को आर्थिक रूप से टूटने से बचाने के लिए सरकार ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

योजना के मुख्य लाभ (Benefits)

इस योजना के तहत सहायता राशि दुर्घटना की गंभीरता के आधार पर तय की जाती है:

  • मृत्यु होने पर: यदि किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को ₹5 लाख की एकमुश्त राशि दी जाती है।
  • पूर्ण विकलांगता: दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आँखें खोने पर भी ₹5 लाख की मदद मिलती है।
  • आंशिक विकलांगता: शरीर के किसी एक अंग की क्षति होने पर विकलांगता के प्रतिशत के आधार पर ₹1 लाख से ₹2.5 लाख तक की सहायता दी जाती है।

कौन सी दुर्घटनाएं इसमें शामिल हैं?

यह योजना केवल सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निम्नलिखित स्थितियां भी शामिल हैं:

  • खेती के दौरान मशीन (जैसे थ्रेशर या ट्रैक्टर) से चोट लगना।
  • सांप के काटने या किसी जहरीले जानवर के हमले से नुकसान।
  • आकाशीय बिजली गिरना, आग लगना या बाढ़ में बह जाना।
  • गैस रिसाव या बिजली का करंट लगना।

पात्रता मानदंड (Eligibility)

  • आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • व्यवसाय: मुख्य रूप से वह व्यक्ति किसान होना चाहिए जिसका नाम खतौनी (Land Records) में दर्ज हो।
  • निवास: आवेदक संबंधित राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश) का मूल निवासी होना चाहिए।
  • बटाईदार भी पात्र: कई राज्यों में अब भूमिहीन किसान या बटाई पर खेती करने वाले मजदूरों को भी इसमें शामिल किया गया है।

आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया

अब इस योजना के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले संबंधित राज्य के राजस्व विभाग या ‘e-District’ पोर्टल पर जाएं।
  2. फॉर्म चुनें: ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ या ‘दुर्घटना सहायता’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. विवरण भरें: किसान का नाम, आधार नंबर, खतौनी का विवरण और बैंक खाता जानकारी दर्ज करें।
  4. दस्तावेज अपलोड करें: नीचे दिए गए जरूरी कागजात स्कैन करके अपलोड करें।
  5. सबमिट करें: फॉर्म जमा करने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज (Required Documents)

  • किसान का आधार कार्ड और राशन कार्ड।
  • मृत्यु की स्थिति में Post-Mortem Report और FIR की कॉपी।
  • विकलांगता की स्थिति में सीएमओ (CMO) द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (ताकि पैसा सीधे खाते में आ सके)।
  • खतौनी (जमीन के कागजात)।
Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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