
लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा भविष्य के लिए बचत करते हैं और अच्छे निवेश विकल्प तलाशते हैं। शेयर बाजार, बैंक FD, पोस्ट ऑफिस स्कीम्स या म्यूचुअल फंड, हर विकल्प के अपने जोखिम और फायदे हैं। लेकिन बीते 5 साल में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने सेंसेक्स (16%), बैंक FD (6-7%), पोस्ट ऑफिस (7-7.5%) और EPF (8.25%) को पीछे छोड़ते हुए 25-33% तक का धमाकेदार रिटर्न दिया। खासकर निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप फंड ने 32-33% का रिटर्न अर्जित कर निवेशकों को करोड़पति बनाने का रिकॉर्ड बनाया।
सेंसेक्स का उतार-चढ़ाव भरा सफर
शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को परेशान किया। बजट में ऑप्शन ट्रेडिंग टैक्स बढ़ने और ग्लोबल अनिश्चितताओं से 1 फरवरी को सेंसेक्स में भारी गिरावट आई। फिर भी, लंबी अवधि में यह मजबूत रहा, पिछले 5 साल में 16% और 3 साल में 11%+ रिटर्न। लेकिन म्यूचुअल फंड्स ने इसे आसानी से मात दी।
बैंक FD और पोस्ट ऑफिस
बैंक FD पर 5 साल में 6-7% और 3 साल में 6-7.5% ब्याज मिला, जो मुद्रास्फीति से मुश्किल से तालमेल रख पाया। पोस्ट ऑफिस स्कीम्स ने भी 7-7.5% का स्थिर रिटर्न दिया, जो 1 साल में 7-8% तक पहुंचा। ये विकल्प जोखिम-मुक्त हैं, लेकिन महंगाई के दौर में पूंजी वृद्धि सीमित रखते हैं।
EPF की स्थिरता
सरकारी EPF योजना ने हर साल 8.25% का फिक्स्ड रिटर्न दिया, जो नौकरीपेशा लोगों के लिए भरोसेमंद है। कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान से यह लंबे समय का सुरक्षित निवेश है, लेकिन हाई ग्रोथ की तलाश में पीछे रह गया।
म्यूचुअल फंड्स ने दिया इतना रिटर्न
इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने बाजी मारी। 5 साल में 15-25% औसत रिटर्न के साथ कुछ फंड्स 32%+ पर पहुंचे। निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप (32-33%), महिंद्रा मैनुलाइफ मल्टीकैप (28%) और ICICI प्रू मल्टीकैप (26%) ने लार्ज, मिड व स्मॉल कैप मिक्स से डायवर्सिफिकेशन का फायदा उठाया। 3 साल में भी 15-22% रिटर्न ने इन्हें अव्वल बनाया। 10,000 रुपये मासिक SIP से 5 साल में लाखों-करोड़ों की पूंजी बनी।
| विकल्प | 5 साल रिटर्न (%) | 3 साल रिटर्न (%) |
|---|---|---|
| सेंसेक्स | 16 | 11+ |
| बैंक FD | 6-7 | 6-7.5 |
| पोस्ट ऑफिस | 7-7.5 | 7-7.5 |
| EPF | 8.25 | 8.25 |
| इक्विटी म्यूचुअल फंड | 15-33 | 15-22 |
निवेशकों के लिए सीख
हाई रिटर्न के साथ हाई रिस्क है, मार्केट क्रैश में नुकसान संभव। 50% फंड्स बेंचमार्क से पीछे रहे। लॉन्ग टर्म SIP, टॉप AMC चयन और फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूरी। 2025-26 में इक्विटी फंड्स ने बाजार उतार पर भी मजबूती दिखाई। स्मार्ट निवेश से मालामाल बनें, लेकिन जोखिम समझें।









