
मध्य प्रदेश के वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! अब अपनी गाड़ी का लोन चुकाने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से बैंक का नाम (Hypothecation) हटवाने के लिए न तो बैंक के चक्कर काटने होंगे और न ही आरटीओ (RTO) ऑफिस के। परिवहन विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और फेसलेस बना दिया है, यानी अब यह काम पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इस नई व्यवस्था से राज्य के करीब 5 लाख वाहन मालिकों को फायदा मिलेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेंगे।
पुरानी व्यवस्था की मुश्किलें
पहले वाहन का लोन पूरा होने के बाद मालिक को बैंक से फॉर्म-35 और एनओसी (NOC) लेने के लिए खुद बैंक जाना पड़ता था। इसके बाद परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर शुल्क जमा करना और फिर फिजिकली अपनी आरसी (RC) दफ्तर में जमा करानी पड़ती थी।
इस पूरी प्रक्रिया में बैंक की एनओसी की जांच में काफी वक्त लगता था और आवेदनों की भारी संख्या के कारण कई बार फर्जी दस्तावेजों का खतरा भी रहता था। इससे न केवल वाहन मालिकों का समय बर्बाद होता था, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से बैंक और ग्राहकों दोनों के लिए जोखिम बना रहता था।
अब घर बैठे होगा सारा काम
ट्रांसपोर्ट विभाग की नई व्यवस्था के तहत अब आपको सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करना होगा और सबसे अच्छी बात यह है कि इस सेवा के लिए अब कोई फीस नहीं लगेगी। जैसे ही आप आवेदन करेंगे, एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित Vahan पोर्टल आपके बैंक के सर्वर से सीधे जुड़कर आपके लोन की जानकारी अपने आप वेरिफाई कर लेगा।
चूंकि सारा डेटा बैंक से सीधे डिजिटल रूप में मिल जाएगा, इसलिए आपको किसी भी तरह के फिजिकल डॉक्यूमेंट या एनओसी (NOC) की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित सिस्टम है।
नए डिजिटल प्रोसेस के फायदे
| सुविधा | पहले (पुरानी व्यवस्था) | अब (नई व्यवस्था) |
| फीस | ₹75 शुल्क लगता था | बिल्कुल मुफ्त (Free) |
| दस्तावेज | बैंक से NOC और Form-35 जरूरी | कोई डॉक्यूमेंट नहीं चाहिए |
| ऑफिस जाना | बैंक और RTO के चक्कर | पूरी तरह फेसलेस और ऑनलाइन |
| वेरिफिकेशन | मैनुअल जांच में समय लगता था | बैंक सर्वर से ऑटो-वेरिफाई |
अब आरटीओ (RTO) की लेटलतीफी पर लगाम
नए नियम के मुताबिक, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद संबंधित परिवहन कार्यालय को 7 दिनों के भीतर उसे प्रोसेस करना होगा। यदि आपकी गाड़ी पर कोई कोर्ट केस या अन्य कानूनी मामला लंबित नहीं है, तो अधिकारी को इसे मंजूर करना होगा। सबसे राहत की बात यह है कि अगर अधिकारी 7 दिनों तक आपके आवेदन पर कोई फैसला नहीं लेते हैं, तो वह अपने आप (Auto-approve) मंजूर हो जाएगा। इससे अब लोगों को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।
घर बैठे डाउनलोड करें अपनी डिजिटल RC
जैसे ही आपका हाइपोथीकेशन हटने का आवेदन मंजूर होता है, आप तुरंत अपनी डिजिटल आरसी (Registration Certificate) ऑनलाइन सेव या प्रिंट कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि आपको बैंक की एनओसी से लेकर आरसी अपडेट होने तक के किसी भी स्टेप के लिए घर से बाहर निकलने की ज़रूरत नहीं है। चूंकि यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है, इसलिए आपको किसी भी तरह की फीस देने की भी ज़रूरत नहीं होगी। अब आपकी गाड़ी का दस्तावेज़ पूरी तरह आपके कंट्रोल में है।
सावधान! कुछ बैंकों के लिए अब भी पुरानी प्रक्रिया ही होगी लागू
परिवहन विभाग का नया डिजिटल सिस्टम मुख्य रूप से उन बैंकों के साथ काम करता है जिनके सर्वर सीधे ‘वाहन’ (Vahan) पोर्टल से जुड़े हैं। हालाँकि, 1 से 2 प्रतिशत बैंक ऐसे हैं जिनके पास अभी भी ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) को ऑटोमैटिकली अपलोड कर सके।
यदि आपका लोन ऐसे ही किसी बैंक से है, तो आपको पुरानी मैनुअल प्रक्रिया का ही पालन करना होगा, यानी आपको बैंक जाकर फॉर्म-35 लेना होगा और आरटीओ में फिजिकल वेरिफिकेशन कराना होगा। अच्छी बात यह है कि अधिकांश बड़े बैंक इस नए सिस्टम का हिस्सा बन चुके हैं।
फेसलेस व्यवस्था से वाहन मालिकों की राह हुई आसान
नई डिजिटल प्रणाली लागू होने से मध्य प्रदेश के लाखों वाहन मालिकों का जीवन सरल हो गया है। अब लोन की आखिरी किस्त चुकाते ही आपका काम लगभग पूरा हो जाता है। इस फेसलेस व्यवस्था के कारण न केवल बिचौलियों का चक्कर खत्म हुआ है, बल्कि एनओसी (NOC) के वेरिफिकेशन में लगने वाले हफ्तों का समय भी अब खत्म हो गया है।
चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है, इसलिए किसी भी तरह की देरी या अतिरिक्त खर्च की गुंजाइश नहीं बचती। यह कदम ‘ई-गवर्नेंस’ की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है, जहाँ सरकारी सेवा सीधे आपके मोबाइल और कंप्यूटर तक पहुँच गई है।









