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Toll Free Flow: टोल पर खत्म होगा जाम! मैसूरु-बेंगलुरु हाईवे पर नया ‘ANPR’ सिस्टम लॉन्च; अब बिना रुके सीधे FASTag से कटेगा टैक्स

मैसूरु-बेंगलुरु हाईवे पर अब टोल प्लाजा के बैरियर आपका रास्ता नहीं रोकेंगे! अत्याधुनिक ANPR और GPS तकनीक के साथ अब आपकी गाड़ी बिना रुके सरपट दौड़ेगी और टैक्स अपने आप कट जाएगा। जानिए कैसे काम करता है यह नया 'फ्री फ्लो' सिस्टम।

By Pinki Negi

Toll Free Flow: टोल पर खत्म होगा जाम! मैसूरु-बेंगलुरु हाईवे पर नया 'ANPR' सिस्टम लॉन्च; अब बिना रुके सीधे FASTag से कटेगा टैक्स

मैसूर-बेंगलुरु हाईवे (NH-275) पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) यहाँ एक अत्याधुनिक ‘बैरियर-फ्री’ टोल सिस्टम (MLFF) शुरू करने जा रही है, जिससे अब टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के अनुसार, इस नए सिस्टम का काम शुरू हो चुका है और जून तक यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा। फिलहाल वीकेंड और छुट्टियों के दौरान यहाँ 2 किलोमीटर तक का लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, लेकिन इस नई तकनीक के आने के बाद गाड़ियां बिना रुके सीधे निकल सकेंगी और सफर काफी तेज और आसान हो जाएगा।

सैटेलाइट और हाई-टेक कैमरों से लैस होगा हाईवे

मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम के आने के बाद हाईवे पर अब पुराने टोल बूथ और बैरियर नजर नहीं आएंगे। इनकी जगह सड़क के ऊपर लोहे के बड़े स्ट्रक्चर (गैंट्री) लगाए जाएंगे, जो सैटेलाइट-आधारित GPS टेक्नोलॉजी, हाई-परफॉर्मेंस FASTag रीडर और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से लैस होंगे। जैसे ही आपकी गाड़ी इन गैंट्री के नीचे से गुजरेगी, ये सेंसर और कैमरे बिना गाड़ी रोके आपकी नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन कर लेंगे और टोल की राशि अपने आप कट जाएगी। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि सफर भी पूरी तरह से बाधा मुक्त (Barrier-free) हो जाएगा।

गुजरात के सफल मॉडल पर आधारित होगा नया हाईवे सिस्टम

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वाबाले के अनुसार, मैसूर-बेंगलुरु हाईवे पर लागू होने वाला यह नया सिस्टम गुजरात के NH-48 (चोर्यासी प्लाजा) की तर्ज पर बनाया गया है, जहाँ यह पहले से ही सफल रहा है। इस ‘बैरियर-फ्री’ सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि गाड़ियाँ बिना रुके अपनी सामान्य गति (Fast Speed) से निकल सकेंगी और हाई-परफॉर्मेंस RFID रीडरANPR कैमरे गाड़ी के नंबर और फास्टैग को ऑटोमैटिक पहचान कर टोल काट लेंगे। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली गाड़ियों की लंबी कतारें हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी और यात्रियों का कीमती समय बचेगा।

हाई-टेक गैन्ट्री से आसान होगा सफर

हाईवे से अब पुराने टोल बूथ हटाकर उनकी जगह आधुनिक ओवरहेड गैन्ट्री (सड़क के ऊपर लगे लोहे के बड़े फ्रेम) लगाई जाएंगी। इन गैन्ट्री में GPS आधारित तकनीक, बेहद तेज RFID रीडर और ANPR कैमरे फिट होंगे। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि टोल चुकाने के लिए आपको अपनी गाड़ी को धीमा करने या रोकने की बिलकुल भी जरूरत नहीं होगी। जब आपकी गाड़ी सामान्य स्पीड से इन कैमरों के नीचे से गुजरेगी, तो सिस्टम अपने आप आपकी पहचान कर लेगा और खाते से पैसे काट लेगा। इससे न केवल जाम खत्म होगा, बल्कि आपका सफर भी सुपरफास्ट हो जाएगा।

95% की सटीकता के साथ लागू होगा नया MLFF सिस्टम

मैसूर-बेंगलुरु हाईवे पर अब गाड़ियों को टोल बूथ के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। प्रोजेक्ट डायरेक्टर वाबाले के अनुसार, मौजूदा टोल प्लाजा से पहले ही MLFF गैन्ट्री लगाई जाएंगी, जो सीधे आपके फास्टैग (FASTag) अकाउंट से पैसे काट लेंगी। इस सिस्टम की कार्यक्षमता अद्भुत है और इसने 95 प्रतिशत की सफलता दर (Efficiency Rate) दिखाई है। हर लेन में दो ऑटोमैटिक नंबर प्लेट कैमरे, दो हाई-डेफिनिशन स्पीड रीडर और जीपीएस ट्रैकर लगे होंगे, जो रियल टाइम में गाड़ी की पहचान कर तुरंत पेमेंट प्रोसेस कर देंगे।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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