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Aadhaar Refund Rules: आधार अपडेट की रिक्वेस्ट कैंसिल होने पर क्या वापस मिलेगा पैसा? जानें UIDAI की 2026 की नई रिफंड पॉलिसी

आधार अपडेट की एक गलती और आपकी मेहनत की कमाई पर पानी फिर सकता है! क्या आप जानते हैं कि 2026 के नए नियमों के तहत एप्लिकेशन रिजेक्ट होने पर UIDAI आपकी फीस वापस नहीं करता? जानें क्यों इसे 'प्रोसेसिंग फीस' माना जाता है और रिजेक्शन से बचने के लिए आपको किन 3 बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

By Pinki Negi

Aadhaar Refund Rules: आधार अपडेट की रिक्वेस्ट कैंसिल होने पर क्या वापस मिलेगा पैसा? जानें UIDAI की 2026 की नई रिफंड पॉलिसी।
Aadhaar Refund Rules

आजकल हर छोटे-बड़े काम के लिए आधार कार्ड का अपडेट होना बहुत जरूरी है, लेकिन कई बार जानकारी अपडेट करते समय एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अपडेट के लिए दी गई फीस (जैसे ₹50 या ₹75) वापस मिलेगी? UIDAI के नियमों के अनुसार, आधार अपडेट के लिए ली जाने वाली फीस असल में एक ‘प्रोसेसिंग चार्ज’ है।

इसका मतलब है कि सिस्टम ने आपके दस्तावेजों की जांच की और प्रक्रिया पूरी की, इसलिए एप्लिकेशन रिजेक्ट होने पर भी यह फीस रिफंड नहीं की जाती। हालांकि, अगर पेमेंट करते समय कोई तकनीकी खराबी (Technical Error) आती है और रसीद जेनरेट नहीं होती, तो वह पैसा 21 दिनों के भीतर वापस मिल जाता है। लेकिन अगर रिक्वेस्ट ‘रिजेक्ट’ हुई है, तो आपको दोबारा फीस देकर ही आवेदन करना होगा।

आधार अपडेट के नाम पर बार-बार कट रही फीस? जानें X पर यूजर ने UIDAI से क्या पूछा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर डॉ. अनुराग (@Feelnature13) नाम के एक यूजर ने अपनी समस्या साझा करते हुए UIDAI को टैग किया है। उन्होंने बताया कि अपने आधार कार्ड में पता बदलने के लिए उन्होंने वैध वोटर आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया और हर बार ₹75 की फीस भरी।

इसके बावजूद, उनकी रिक्वेस्ट लगातार तीन बार रिजेक्ट कर दी गई। परेशान होकर उन्होंने सीधा सवाल किया कि यदि तकनीकी खामी या किसी कारणवश आधार अपडेट नहीं हो पा रहा है, तो उनके द्वारा दिए गए पैसे वापस कब मिलेंगे? यह मामला उन लाखों यूजर्स की चिंता को दर्शाता है जो आधार अपडेट रिजेक्शन के बाद अपनी फीस डूबने से परेशान हैं।

सावधान! आधार अपडेट रिजेक्ट होने पर नहीं मिलेगी फूटी कौड़ी

अगर आप यह सोच रहे हैं कि आधार अपडेट रिजेक्ट होने पर आपके पैसे वापस आ जाएंगे, तो आप गलत हैं। UIDAI के नियमों के मुताबिक, आधार अपडेट के लिए ली जाने वाली फीस असल में एक ‘प्रोसेसिंग चार्ज’ है। इसका सीधा मतलब यह है कि जब आप अप्लाई करते हैं, तो विभाग आपके दस्तावेजों की जांच और डेटा वेरिफिकेशन में अपने संसाधन खर्च करता है।

चाहे आपका अपडेट अप्रूव हो या किसी कमी के कारण रिजेक्ट, विभाग की प्रोसेसिंग प्रक्रिया पूरी मानी जाती है। इसी वजह से ₹50 या ₹75 की यह फीस नॉन-रिफंडेबल होती है। यानी, रिक्वेस्ट रिजेक्ट होने की स्थिति में आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा और दोबारा आवेदन करने के लिए फिर से पैसे देने होंगे।

नियम नहीं बल्कि अपवाद है पैसा वापस मिलना

आधार अपडेट के मामले में पैसा वापस मिलना बहुत ही दुर्लभ है। सीधा नियम यही है कि फीस ‘प्रोसेसिंग’ के लिए ली जाती है और वह वापस नहीं होती। हालांकि, अगर आपको पूरा भरोसा है कि आपके दस्तावेज सही थे और सिस्टम की तकनीकी खराबी या बिना किसी वैध कारण के आपकी रिक्वेस्ट रिजेक्ट हुई है, तो आप इसे चुनौती दे सकते हैं।

जैसे कि सोशल मीडिया वाले मामले में UIDAI ने खुद यूजर से URN (Update Request Number) माँगा है, जिसका मतलब है कि विशेष परिस्थितियों में विभाग मैनुअल जांच कर सकता है। अगर सिस्टम की गलती साबित होती है, तभी रिफंड या समाधान की कोई उम्मीद की जा सकती है।

आधार अपडेट में न करें ये छोटी गलतियां

आधार अपडेट रिक्वेस्ट रिजेक्ट होने की वजहें अक्सर बहुत मामूली होती हैं, लेकिन नियमों के हिसाब से वे काफी अहम हैं। सबसे आम गलतियों में आधार और सहायक दस्तावेजों (Documents) में नाम की स्पेलिंग का अलग होना, पते का सही फॉर्मेट न होना, धुंधली फोटो या पुराने दस्तावेज अपलोड करना शामिल है।

UIDAI के सिस्टम में जरा सी भी विसंगति होने पर आवेदन तुरंत रद्द कर दिया जाता है। चूंकि इसकी फीस वापस नहीं मिलती, इसलिए समझदारी इसी में है कि आप दस्तावेज अपलोड करने से पहले उन्हें दो बार अच्छी तरह चेक कर लें। सुनिश्चित करें कि स्कैन की गई कॉपी बिल्कुल साफ हो और वह UIDAI की लेटेस्ट गाइडलाइन के मुताबिक हो, ताकि आपका समय और पैसा दोनों बच सकें।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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