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UP Ration News: यूपी में राशन के नियमों में बड़ा बदलाव! फरवरी में गेहूं कम और चावल मिलेगा ज्यादा; जानें आपके जिले का नया कोटा

उत्तर प्रदेश के करोड़ों राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर! क्या आप जानते हैं कि फरवरी में आपके कोटे का गणित पूरी तरह बदल गया है? अब आपको गेहूं की जगह थैले में ज्यादा चावल लेकर घर लौटना होगा। जानें अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड पर हुई इस कटौती की पूरी सच्चाई और अपने जिले की नई लिस्ट।

By Pinki Negi

UP Ration News: यूपी में राशन के नियमों में बड़ा बदलाव! फरवरी में गेहूं कम और चावल मिलेगा ज्यादा; जानें आपके जिले का नया कोटा।
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फरवरी महीने में कोटे की दुकानों से राशन लेने वाले लाभार्थियों के लिए वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। खाद्य आयुक्त के नए निर्देशों के अनुसार, अब अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को पहले के मुकाबले गेहूं की मात्रा कम दी जाएगी, जबकि उसके बदले चावल की मात्रा बढ़ा दी गई है।

शासन द्वारा खाद्यान्न वितरण प्रणाली में यह संशोधन सरकारी गोदामों में अनाज की उपलब्धता और नई नीति के तहत किया गया है। इसलिए, इस बार राशन की दुकान पर जाने से पहले कार्डधारक अपनी बदली हुई मात्रा की जानकारी जरूर कर लें।

अंत्योदय कार्डधारकों को झटका

नई व्यवस्था के तहत अंत्योदय कार्डधारकों को मिलने वाले कुल 35 किलो राशन का गणित बदल गया है। अब फरवरी महीने से लाभार्थियों को 14 किलो के बजाय केवल 10 किलो गेहूं ही मिलेगा। गेहूं में की गई इस 4 किलो की कटौती की भरपाई चावल से की गई है, जिससे अब चावल की मात्रा 21 किलो से बढ़कर 25 किलो हो गई है। हालांकि कुल राशन अभी भी 35 किलो ही मिलेगा, लेकिन गेहूं कम और चावल ज्यादा मिलने से कार्डधारकों की रसोई के बजट और खान-पान पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

अब प्रति यूनिट मिलेगा सिर्फ 1 किलो गेहूं

पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के लिए भी राशन का कोटा बदल गया है। अब प्रति व्यक्ति मिलने वाले कुल 5 किलो राशन में गेहूं की मात्रा 2 किलो से घटाकर केवल 1 किलो कर दी गई है। इसकी जगह अब लाभार्थियों को 4 किलो चावल दिया जाएगा। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फरवरी माह के लिए कोटे की दुकानों पर नए अनुपात के अनुसार अनाज की सप्लाई भेज दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा आवंटित मात्रा के अनुसार ही वितरण करना अनिवार्य है, इसलिए अब सभी श्रेणियों के कार्डधारकों को इस महीने गेहूं की कमी और चावल की अधिकता का सामना करना होगा।

गेहूं की मांग ज्यादा, चावल कैसे बांटें?” सरकारी आदेश के बाद बढ़ी मुश्किलें

राशन की मात्रा में बदलाव के कारण कोटेदारों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल है। कोटेदारों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्डधारक गेहूं की मांग अधिक करते हैं, ऐसे में चावल की मात्रा बढ़ाने और गेहूं घटाने से उन्हें लोगों को समझाने में काफी दिक्कत होगी।

कुछ कोटेदारों का तो यहाँ तक मानना है कि यदि सरकार को कटौती करनी ही थी, तो पूरा चावल ही आवंटित किया जाता, जिससे वितरण प्रक्रिया सरल रहती। हालांकि, खाद्य विभाग ने साफ कर दिया है कि फरवरी माह का वितरण इसी नए नियम के तहत होगा, क्योंकि शासन ने अनाज की आपूर्ति इसी अनुपात में की है और इसमें कोई बदलाव संभव नहीं है।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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