
बिहार बोर्ड की इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों परीक्षार्थियों के लिए इस बार नियम पहले से कहीं अधिक सख्त होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल एडमिट कार्ड ले जाना काफी नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा के विभिन्न मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
एडमिट कार्ड के साथ फोटो ID अनिवार्य
इस बार बोर्ड ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड या अन्य फोटो युक्त पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड) को साथ रखना अनिवार्य कर दिया है।
- क्यों है जरूरी? यदि किसी छात्र के एडमिट कार्ड की फोटो में गड़बड़ी है या फोटो साफ नहीं है, तो फोटो ID के जरिए उसकी पहचान सत्यापित की जाएगी। इसके बिना केंद्र में प्रवेश मिलना मुश्किल हो सकता है।
जूता-मौजा पहनने पर पूर्ण प्रतिबंध
बिहार बोर्ड ने एक बार फिर जूता-मौजा (Shoes & Socks) पहनकर परीक्षा देने पर पाबंदी लगा दी है। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही परीक्षा केंद्र पर आना होगा।
- उद्देश्य: यह नियम मुख्य रूप से नकल रोकने के लिए लागू किया गया है। अक्सर देखा गया है कि छात्र जूतों या मोजों में चिट छुपाकर ले जाते हैं, जिसे रोकने के लिए बोर्ड ने यह सख्त कदम उठाया है।
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश का समय
बोर्ड ने समय की पाबंदी को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं।
- परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुँचना होगा।
- निर्धारित समय के बाद आने वाले छात्रों को किसी भी कीमत पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची
परीक्षा हॉल में निम्नलिखित वस्तुएं ले जाना पूरी तरह वर्जित है:
- इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, हेडफोन आदि।
- स्टेशनरी: व्हाइटनर, इरेजर, ब्लेड या किसी भी प्रकार का कागज (एडमिट कार्ड के अलावा)।
- कैलकुलेटर: किसी भी प्रकार के कैलकुलेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी है।
फ्रिस्किंग (तलाशी) के दो स्तर
छात्रों की जांच दो स्तरों पर की जाएगी। पहले केंद्र के मुख्य द्वार पर और फिर परीक्षा हॉल के अंदर। महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए महिला निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी।









