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1 फरवरी से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम! LPG सिलेंडर से लेकर राशन कार्ड और FASTag तक; तुरंत निपटा लें अपने जरूरी काम

तैयार हो जाइए! 1 फरवरी से आपकी जेब और रसोई पर सीधा असर पड़ने वाला है। फास्टैग के नए नियमों से लेकर एलपीजी सिलेंडर के दाम और राशन कार्ड केवाईसी तक, सरकार 5 बड़े बदलाव कर रही है। भारी नुकसान और असुविधा से बचने के लिए जानें क्या हैं ये नए नियम और आपको आज ही कौन-से काम निपटा लेने चाहिए।

By Pinki Negi

1 फरवरी से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम! LPG सिलेंडर से लेकर राशन कार्ड और FASTag तक; तुरंत निपटा लें अपने जरूरी काम
1 फरवरी से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम

कल यानी 1 फरवरी से आम आदमी की जेब और रोजमर्रा के कामों से जुड़े कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। नए नियमों के तहत फास्टैग (FASTag), जमीन की रजिस्ट्री, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और केवाईसी वेरिफिकेशन की प्रक्रियाओं में अहम बदलाव किए जाएंगे। इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर वाहन मालिकों और प्रॉपर्टी के खरीदार-बेचदारों पर पड़ेगा। यदि आपने समय रहते इन नियमों को नहीं समझा या अपने अधूरे काम पूरे नहीं किए, तो आपको आर्थिक नुकसान या कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप आज ही इन अपडेट्स की पूरी जानकारी ले लें।

फास्टैग नियमों में बड़ा बदलाव

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने वाहन चालकों को बड़ी राहत देते हुए 1 फरवरी से फास्टैग की ‘नो योर व्हीकल’ (KYV) प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब ग्राहकों को फास्टैग एक्टिव होने के बाद बार-बार वाहन वेरिफिकेशन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

सरकार ने अब इसकी पूरी जिम्मेदारी बैंकों को सौंप दी है। इसका मतलब है कि टैग जारी करने से पहले ही बैंक वाहन से जुड़े सभी दस्तावेजों और विवरणों की जांच पूरी कर लेंगे, जिससे फास्टैग इस्तेमाल करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगी।

अब बार-बार नहीं कराना होगा वेरिफिकेशन

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में पहले से फास्टैग लगा हुआ है, उन्हें अब किसी भी तरह की नियमित (Routine) KYV प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। अब यूजर को तब तक किसी वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी, जब तक कि उनके टैग को लेकर कोई विशेष शिकायत न मिले।

दोबारा जांच केवल तभी की जाएगी जब टैग के गलत इस्तेमाल, टैग के अपनी जगह से ढीला होने या किसी तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत दर्ज होगी। सामान्य तौर पर, वाहन मालिक बिना किसी रुकावट के अपने मौजूदा फास्टैग का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे।

फास्टैग बनेगा और भी हाईटेक

1 फरवरी से लागू होने जा रहे नए नियमों के अनुसार, अब फास्टैग जारी करने से पहले ही बैंक वाहन के डेटा का मिलान केंद्रीय वाहन डेटाबेस से करेंगे। यदि डेटाबेस में जानकारी नहीं मिलती है, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के जरिए गहन वेरिफिकेशन किया जाएगा। यह नियम ऑनलाइन फास्टैग खरीदने वालों पर भी सख्ती से लागू होगा। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हाईवे पर यात्रियों को बार-बार डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने या वेरिफिकेशन के लिए टोल पर रुकने की झंझट नहीं होगी। अब पूरा सिस्टम पूरी तरह टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा, जिससे टोल पेमेंट की प्रक्रिया और भी तेज और सुगम हो जाएगी।

अब अंगूठा लगाते ही पकड़े जाएंगे फर्जी खरीदार-बेचदार

1 फरवरी से प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसके तहत अब आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, रजिस्ट्री के दौरान केवल खरीदार और विक्रेता ही नहीं, बल्कि गवाहों (Witnesses) का भी मौके पर ही आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा। इसके लिए सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें लगा दी गई हैं, जो सीधे UIDAI सर्वर से जुड़ी होंगी। जैसे ही कोई व्यक्ति अंगूठा लगाएगा, उसकी पहचान की तुरंत पुष्टि हो जाएगी। इस कड़े कदम से फर्जी आधार कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और गलत तरीके से जमीन हड़पने की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

फिंगरप्रिंट नहीं मिले तो चेहरा होगा स्कैन

जमीन की रजिस्ट्री के दौरान यदि किसी बुजुर्ग या कड़ी मेहनत करने वाले व्यक्ति के फिंगरप्रिंट घिसने के कारण मैच नहीं होते हैं, तो सरकार ने उनके लिए फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा स्कैन) की विशेष सुविधा दी है। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) भेजकर भी पहचान की पुष्टि की जा सकेगी।

इन नई सुविधाओं से जहाँ एक तरफ बेनामी संपत्तियों और फर्जी गवाहों पर नकेल कसेगी, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों को कानूनी विवादों से सुरक्षा मिलेगी। साथ ही, फास्टैग के नए नियमों से वाहन चालकों को भी बार-बार की कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिल जाएगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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