
गुजरात सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘नमो लक्ष्मी योजना’ के तहत 1250 करोड़ रुपये का बजट जारी करने का बड़ा फैसला लिया है। इस योजना के जरिए शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली 12 लाख से अधिक छात्राओं को सीधा आर्थिक लाभ दिया जाएगा। राज्य शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से लड़कियां अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें। इस मदद से अब राज्य की बेटियां बिना किसी वित्तीय रुकावट के अपनी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी कर सकेंगी।
4 सालों में बेटियों को मिलेंगे ₹50,000, जानिए पात्रता के नियम
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू हुई इस खास योजना की कमान शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा और राज्य शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा संभाल रहे हैं। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि GSHSB और CBSE दोनों बोर्ड के स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं इसका लाभ ले सकती हैं।
साथ ही, यदि कोई छात्रा पहले से ही किसी दूसरी सरकारी स्कॉलरशिप का फायदा उठा रही है, तो भी वह इस योजना के लिए पात्र मानी जाएगी। ‘नमो लक्ष्मी योजना’ के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को उनकी पढ़ाई के चार महत्वपूर्ण वर्षों के दौरान कुल 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
किश्तों में मिलेगी ₹50,000 की मदद
नमो लक्ष्मी योजना के तहत छात्राओं को मिलने वाली ₹50,000 की राशि को पढ़ाई के चरणों के आधार पर बांटा गया है। कक्षा 9वीं और 10वीं के दौरान कुल ₹20,000 मिलेंगे, जिसमें हर साल ₹5,000 (₹500 महीना) उपस्थिति के आधार पर दिए जाएंगे और बाकी ₹10,000 की एकमुश्त राशि 10वीं बोर्ड पास करने पर मिलेगी।
इसी तरह, कक्षा 11वीं और 12वीं में कुल ₹30,000 की मदद दी जाएगी, जिसमें हर साल ₹7,500 (₹750 महीना) मिलेंगे और ₹15,000 की अंतिम राशि 12वीं पास करने के बाद दी जाएगी। इस योजना का दोहरा लाभ है—यह न केवल शिक्षा को बढ़ावा देती है, बल्कि बेटियों के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य का भी ख्याल रखती है।
नमो लक्ष्मी योजना का लाभ कौन ले सकते है ?
गुजरात सरकार ने नमो लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए हैं। यदि आप इस योजना के तहत ₹50,000 की सहायता राशि पाना चाहते हैं, तो छात्रा को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- पिछली शिक्षा: छात्रा ने कक्षा 1 से 8वीं तक की पढ़ाई किसी सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) स्कूल, या फिर प्राइवेट स्कूल में RTE (Right to Education) कोटे के तहत पूरी की हो।
- निवास स्थान: छात्रा का गुजरात का स्थायी निवासी (Permanent Resident) होना अनिवार्य है।
- पारिवारिक आय: योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी सालाना आय ₹6 लाख से कम है।
आवेदन करने का आसान तरीका, इन 4 स्टेप्स को करें फॉलो
गुजरात सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल रखा गया है। यदि आप पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स के जरिए अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं:
- फॉर्म प्राप्त करें: सबसे पहले छात्रा को अपने स्कूल प्रशासन (School Office) से संपर्क करना होगा और वहां से नमो लक्ष्मी योजना का आवेदन फॉर्म लेना होगा।
- जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट्स जोड़ें: फॉर्म में मांगी गई सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियाँ सही-सही भरें। इसके साथ अपने जरूरी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और मार्कशीट) की फोटोकॉपी जरूर लगाएं।
- फॉर्म जमा करें: पूरी तरह से भरे हुए फॉर्म को अपने स्कूल के माध्यम से या सीधे जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के ऑफिस में जमा कराना होगा।
- रसीद जरूर लें: फॉर्म जमा करने के बाद वहां से पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) लेना न भूलें। यह रसीद भविष्य में आपके आवेदन की स्थिति ट्रैक करने के काम आएगी।









