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Bihar Job Update: बिहार में रोजगार का बड़ा मौका! पंचायतों में खुलेंगे 1,000 पॉल्यूशन सेंटर, ऐसे होगा चयन

बिहार सरकार ने पंचायत-प्रखंड स्तर पर 1000 से अधिक पॉल्यूशन जांच केंद्र खोलने का फैसला लिया है। ग्रामीण वाहन मालिकों को नजदीकी सुविधा मिलेगी, रोजगार सृजन होगा। विजय कुमार सिन्हा ने ट्वीट कर कहा- गांवों तक जनसुविधा पहुंचेगी। चयन के लिए 10वीं पास, ऑनलाइन आवेदन शुरू। पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा।

By Pinki Negi

bihar government makes a big announcement 1000 pollution testing centres to be opened in panchayats

बिहार सरकार ने वाहन मालिकों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण के दोहरे उद्देश्य से राज्य भर में 1000 से अधिक नए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) केंद्र खोलने का ऐलान किया है। यह पहल पंचायत और प्रखंड स्तर पर केंद्र स्थापित करने पर केंद्रित है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन मालिकों को लंबी दूरी तय किए बिना नजदीकी PUC सर्टिफिकेट प्राप्त हो सके। बिहार विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने आज ट्विटर पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “गांव-गांव तक जनसुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।”

ग्रामीणों को बड़ी राहत!

पहले PUC केंद्र मुख्य रूप से शहरी इलाकों तक सीमित थे, जहां पटना में 264, मुजफ्फरपुर में 81 और गया में 76 केंद्र संचालित हैं। अब आबादी घनत्व के आधार पर पंचायतों में ये केंद्र खुलेंगे, जिससे दूरदराज के गांवों में रहने वाले लाखों वाहन मालिक लाभान्वित होंगे। परिवहन विभाग की “प्रदूषण जांच केंद्र प्रोत्साहन योजना” के तहत 132 प्रखंडों में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां अब तक 46 प्रखंडों को 1.05 करोड़ रुपये से अधिक अनुदान दिया गया। भभुआ में सबसे अधिक 5 केंद्र, बांका-मधुबनी में 4-4 तथा दरभंगा, गया जैसे जिलों में 3-3 केंद्र स्वीकृत हो चुके हैं। कुल 1553 PUC केंद्र राज्य में कार्यरत हैं, जो अब 2000 के पार पहुंच सकते हैं।

यह कदम वाहन प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत करेगा, क्योंकि नियमित जांच से वायु गुणवत्ता सुधरेगी। वाहन मालिकों को समय, धन और ईंधन की बचत होगी, साथ ही PUC प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने पर जुर्माने की समस्या समाप्त हो जाएगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि स्थानीय युवा इन केंद्रों का संचालन कर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

चयन प्रक्रिया: सरल और पारदर्शी

केंद्र खोलने के इच्छुक व्यक्ति न्यूनतम 10वीं/12वीं पास होने चाहिए, आयु 18-40 वर्ष। बिहार स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (BSPCB) और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से चयन करेंगे। आवेदन forestonline.bihar.gov.in या bhocmms.nic.in पर ऑनलाइन जमा करें। प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन शामिल है। आरक्षण बिहार सरकार नियमों अनुसार लागू होगा, प्रोबेशन 2 वर्ष का। प्रत्येक केंद्र के लिए 3 लाख तक अनुदान, जिसमें स्मोक मीटर और गैस एनालाइजर खरीद अनिवार्य। केंद्र कम से कम 3 वर्ष संचालित रखना होगा।

परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंप, वाहन शोरूम और सर्विस सेंटरों को प्राथमिकता दी है। योग्य उम्मीदवारों को डेपुटेशन या संविदा आधार पर नियुक्ति मिलेगी। यह योजना BSPCB के वैज्ञानिक कैडर नियमों से प्रेरित है।

पर्यावरण और रोजगार पर दोहरा प्रभाव

बिहार में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे वायु प्रदूषण चिंता का विषय बन गया। ये केंद्र वाहन उत्सर्जन पर नकेल कसेंगे, स्वच्छ भारत अभियान को गति देंगे। साथ ही, 1000+ केंद्रों से हजारों नौकरियां सृजित होंगी, खासकर ग्रामीण युवाओं के लिए। सरकार का लक्ष्य हर प्रखंड में कम से कम एक PUC सुनिश्चित करना है।

विपक्षी दलों ने स्वागत किया है, लेकिन आधिकारिक अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीतीश सरकार की “सतत विकास” नीति का हिस्सा है। फरवरी 2026 से शुरू प्रक्रिया मार्च तक गति पकड़ेगी।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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