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बिहार वालों के लिए बिजली बिल का नया गणित! आज से बदल गए नियम, कैलकुलेशन नहीं समझा तो उड़ जाएगी नींद

बिहार में 1 अप्रैल से स्मार्ट मीटर वाले लगभग 87 लाख उपभोक्ताओं पर टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू हो गया है। अब बिजली की दर समय के हिसाब से बदलेगी - सुबह 9 से शाम 5 तक सस्ती, शाम 5 से रात 11 तक महंगी और रात 11 से सुबह 9 तक सामान्य दर पर; इस नए गणित को समझना हर घर के लिए अब जरूरी हो गया है।

By Pinki Negi

बिहार वालों के लिए बिजली बिल का नया गणित! आज से बदल गए नियम, कैलकुलेशन नहीं समझा तो उड़ जाएगी नींद

बिहार में बिजली बिल का नया गणित अब सिर्फ यूनिट गिनने की चीज़ नहीं रहा, बल्कि यह भी तय करेगी कि आपने वह यूनिट कब इस्तेमाल की। 1 अप्रैल 2026 से राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले लगभग 87 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए ‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ (ToD) लागू हो गया है, जिसके तहत अब बिजली की दर पूरे दिन एक जैसी नहीं रहेगी, बल्कि समय के हिसाब से बदलती रहेगी। इस व्यवस्था के अनुसार दिन में बिजली सस्ती रहेगी, शाम के पीक आवर में महंगी और रात को फिर सामान्य दर पर मिलेगी।

टाइम ऑफ डे टैरिफ क्या है?

ऊर्जा विभाग का कहना है कि इस सिस्टम का मकसद शाम के महज पांच‑छह घंटों के प्रेशर से ग्रिड को राहत दिलाना और उपभोक्ताओं को दिन के समय बिजली का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए बाध्य‑प्रोत्साहित करना है। वजह यह है कि शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक घर‑घर में एसी, पंखे, टीवी, गीजर, वाटर पंप और इनवर्टर सब एक साथ चलने लग जाते हैं, जिससे ग्रिड पर भारी दबाव पड़ता है और बार‑बार लोड‑शेडिंग या वोल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या आती है; नई व्यवस्था इसी भार को समय‑समय में बांटने की कोशिश करती है।

तीन समय स्लॉट और दरें

नए नियम के तहत एक दिन को तीन स्लॉट में बांटा गया है- सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफ‑पीक हुआ, शाम 5 से रात 11 बजे तक पीक आवर और रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य स्लॉट। ऑफ‑पीक आवर में बिजली की दर में लगभग 20 प्रतिशत तक की छूट दी गई है, जिसका मतलब है कि अगर आप इसी समय इस्तेमाल बढ़ाते हैं तो उसी खपत पर बिल कम आएगा।

इस दौरान नॉर्मल रेट के आधार पर हर यूनिट पर लागत लगभग 5.94 रुपये रखी गई है, जबकि पीक शिफ्ट में वही यूनिट लगभग 8.16 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से चार्ज होगी, यानी सामान्य दर से लगभग 10 प्रतिशत अधिक। रात 11 से सुबह 9 के बीच की खपत सामान्य दर यानी लगभग 7.42 रुपये प्रति यूनिट पर ही रहेगी, न छूट न अतिरिक्त भार।

रोजमर्रा की दिनचर्या बदलने की जरूरत

स्पष्ट रूप से यह व्यवस्था घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ‘शेड्यूल‑बदलने वाली’ है। अगर आप शाम के पीक आवर में ही वॉशिंग मशीन, गीजर, पानी की मोटर, इनवर्टर, एसी जैसे भारी उपकरण ज्यादातर चलाते हैं, तो बिल ठीक वही यूनिट चलने पर भी पहले से काफी ज्यादा आ सकता है। इसके विपरीत अगर आप शाम की जगह सुबह 9-5 या रात 11-सुबह 9 के बीच ये डिवाइस चलाने का आदी बना लें, तो बिना बिजली बचाए भी बिल में नोटिसएबल कटौती दिख सकती है, क्योंकि वही यूनिट अब छूट वाले या सामान्य दर पर लगती है।

ग्रिड पर दबाव कम और बिल पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को बस बिल की आंकड़ा गणित समझने से कुछ नहीं होगा, बल्कि दिनचर्या में छोटे‑छोटे बदलाव करने होंगे- जैसे इनवर्टर चार्जिंग, वाटर हीटर, वॉशिंग मशीन और ई‑बाइक चार्जर जैसी चीजें दिन के दौरान या रात के अंतिम घंटों में रखना, शाम के मौके पर केवल जरूरी रोशनी और फैन ही चलाना और एसी जैसे भारी उपकरणों का इस्तेमाल उतना ही रखना जितना वाकई जरूरी है। सरकार का तर्क यह है कि ऐसा करने से न सिर्फ ग्रिड पर दबाव कम होगा, बल्कि लंबी अवधि में बिजली की आपूर्ति भी ज्यादा स्थिर और कम खर्चीली बनेगी।

छूट और भारी बिल का गणित

इसके साथ ही बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने घरेलू और गैर‑घरेलू उपभोक्ताओं के कुछ स्लैब भी एकीकृत कर दिए हैं, जिनसे कई श्रेणियों के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट लगभग 0.42 से 1.53 रुपये तक की राहत मिल सकती है, लेकिन यह छूट उन्हीं के लिए फायदेमंद रहेगी जो समय‑समय पर बिजली उपयोग का बंटवारा सही करेंगे। उलटा अगर आम घरों में शाम के पीक आवर में बार‑बार भार बढ़ता रहेगा, तो बिजली बिल का नया गणित उनके लिए सिर्फ ‘राहत नहीं, बल्कि आफत’ बनकर रह सकता है और महीने के बजट पर असर साफ दिखेगा।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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