
भारत सरकार ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल में क्रांतिकारी बदलाव कर दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा लागू Telecom Cyber Security Rules, 2024 के तहत 1 मार्च 2026 से व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स को एक्टिव फिजिकल सिम कार्ड से जोड़ना अनिवार्य हो गया है। अब हर यूजर को अपना व्हाट्सएप अकाउंट उसी सिम से बांधना होगा जो उसके मुख्य फोन में लगा हुआ है। सिम हटाने, बदलने या इनएक्टिव होने पर ऐप तुरंत बंद हो जाएगा।
पुरानी व्यवस्था का अंत
पहले व्हाट्सएप ‘वेरिफाई वन्स’ मॉडल पर चलता था। यूजर मोबाइल नंबर दर्ज करता, OTP से एक बार वेरिफाई कर लेता और फिर सिम निकालकर भी ऐप इस्तेमाल कर सकता था। टैबलेट, लैपटॉप या वेब वर्जन पर बिना सिम के लॉगिन आसान था। लेकिन अब यह सुविधा खत्म। ऐप हर 6 घंटे में चेक करेगा कि रजिस्टर्ड सिम फोन में मौजूद है या नहीं। अगर नहीं, तो लॉगआउट हो जाएगा और दोबारा QR कोड स्कैन से वेरिफिकेशन जरूरी।
यह बदलाव उन करोड़ों यूजर्स को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा जो मल्टी-डिवाइस पर व्हाट्सएप चलाते हैं। उदाहरणस्वरूप, ऑफिस में लैपटॉप पर काम करने वाले या टैबलेट यूजर्स को बार-बार फोन पास रखना पड़ेगा। व्हाट्सएप ने पहले ही बीटा वर्जन में इस सिस्टम की टेस्टिंग शुरू कर दी है और कुछ यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजे हैं: “भारत में नियामक आवश्यकताओं के कारण सिम की जांच होगी।”
फ्रॉड के खिलाफ सरकार का हथियार
सरकार का तर्क स्पष्ट है। 2024 में साइबर फ्रॉड से 22,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग भारतीय नंबर से वेरिफाई कर विदेश से अकाउंट ऑपरेट करते थे, जिससे ट्रैकिंग कठिन हो जाती। अब KYC-वेरिफाइड सिम से बाइंडिंग सुनिश्चित करेगी कि हर अकाउंट वास्तविक डिवाइस से जुड़ा रहे। DoT के अनुसार, फर्जी अकाउंट, स्पैम और इम्पर्सनेशन रुकेंगे।
नवंबर 2025 से चर्चा में रहा यह नियम आखिरकार लागू हो गया। इकोनॉमिक टाइम्स और टाइम्स ऑफ इंडिया जैसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सएप-टेलीग्राम यूजर्स सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। जगरण ने भी 1 मार्च को हेडलाइन चलाई: “आज से बिना सिम नहीं चलेगा व्हाट्सएप।”
यूजर्स के लिए क्या करें?
- मुख्य फोन में रजिस्टर्ड सिम ही लगाएं।
- ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट रखें।
- वेब/डेस्कटॉप यूज के दौरान फोन नजदीक रखें।
- सिम बदलने पर तुरंत व्हाट्सएप री-वेरिफाई करें।
यूजर्स सुविधा प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे सिक्योरिटी के लिए जरूरी बता रहे हैं। व्हाट्सएप ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन अपडेट्स में बदलाव दिख रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
यह नियम डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाएगा, लेकिन प्राइवेसी चिंताओं पर बहस छिड़ सकती है। क्या eSIM यूजर्स को छूट मिलेगी? DoT स्पष्ट करे। फिलहाल, 140 करोड़ व्हाट्सएप यूजर्स को नया नियम अपनाना होगा। साइबर सुरक्षा मजबूत हुई, लेकिन सुविधा पर असर पड़ा।









