Tags

Railway Coach Capacity: ट्रेन के किस डिब्बे में होती हैं सबसे ज्यादा सीटें? स्लीपर से लेकर 3rd AC तक, यहाँ देखें हर बोगी का सीट गणित

क्या आपकी ट्रेन के डिब्बे में 72 सीटें हैं या 80? पुराने ICF और नए LHB कोचों के बीच छिपे 'सीटों के अंतर' को समझें। जानें स्लीपर, 3-एसी और नई इकोनॉमी क्लास की क्षमता और एक पूरी ट्रेन में कुल कितने यात्री कर सकते हैं सफर।

By Pinki Negi

Railway Coach Capacity: ट्रेन के किस डिब्बे में होती हैं सबसे ज्यादा सीटें? स्लीपर से लेकर 3rd AC तक, यहाँ देखें हर बोगी का सीट गणित।
Railway Coach Capacity

भारतीय रेलवे, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, रोजाना करीब 1.3 करोड़ से अधिक यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुँचाता है। यात्रियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि जिस कोच में वे सफर कर रहे हैं, उसमें कुल कितनी सीटें होती हैं और क्या सभी ट्रेनों में यह संख्या एक समान रहती है? हमारी विशेष पड़ताल में सामने आया है कि कोच की तकनीक (ICF बनाम LHB) और श्रेणी ही यह तय करती है कि एक बोगी में कितने यात्री बैठेंगे।

कोच के प्रकार

रेलवे अब धीरे-धीरे पुराने नीले डिब्बों (ICF) को हटाकर नए आधुनिक लाल डिब्बों (LHB) को अपना रहा है। LHB कोच न केवल सुरक्षित और तेज हैं, बल्कि इनकी लंबाई ICF कोचों से लगभग 2 मीटर अधिक होती है, जिससे इनमें सीटों की संख्या भी बढ़ जाती है।

किस कोच में कितनी सीटें? (श्रेणीवार विवरण)

श्रेणी (Class)ICF कोच (सीटें)LHB कोच (सीटें)मुख्य कारण
स्लीपर (SL)7280LHB में एक अतिरिक्त बे (Bay) जोड़ी गई है।
थर्ड एसी (3A)6472साइड बर्थ की व्यवस्था के कारण संख्या बढ़ी है।
सेकेंड एसी (2A)4652-54अधिक स्पेस और प्राइवेसी के लिए सीटें कम होती हैं।
3-एसी इकोनॉमी (3E)81-83नई श्रेणी, कम जगह में अधिक सीटें।
जनरल (GS)90100+बैठने के साथ-साथ खड़े होने की जगह अधिक होती है।

एक पूरी ट्रेन की क्षमता

एक सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेन में डिब्बों की संख्या 18 से 24 के बीच होती है।

  • लंबी दूरी की ट्रेनें: यदि किसी ट्रेन में 24 कोच हैं और उनमें स्लीपर की संख्या अधिक है, तो उस ट्रेन की कुल रिजर्वेशन क्षमता 1500 से 2000 यात्रियों तक हो सकती है।
  • वंदे भारत एक्सप्रेस: इसकी तुलना में 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन में करीब 1100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है क्योंकि इसमें केवल चेयर कार (2×3 और 2×2 कॉन्फ़िगरेशन) होती है।

रिजर्वेशन और वेटिंग का खेल

रेलवे के नियमों के अनुसार, हर कोच की क्षमता के हिसाब से वेटिंग लिस्ट का कोटा तय होता है। आमतौर पर स्लीपर और थर्ड एसी जैसे हाई-डिमांड कोचों में सीटों की संख्या अधिक होने के बावजूद, मांग इतनी ज्यादा होती है कि यात्रियों को 60 से 90 दिन पहले टिकट बुक करना पड़ता है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें