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World Fact: दुनिया की इकलौती नदी जो 9 देशों से गुजरती है, लेकिन 6400 KM तक नहीं बना एक भी पुल! जानें इसके पीछे का वैज्ञानिक सच

9 देशों की सरहदें और 6400 किलोमीटर का सफर, फिर भी इंसान यहाँ एक पुल तक नहीं बना पाया! क्या यह कुदरत का करिश्मा है या कोई वैज्ञानिक चुनौती? जानें दुनिया की सबसे शक्तिशाली नदी अमेज़न से जुड़े वो अनसुने सच, जो बड़े-बड़े दिग्गजों को भी हैरान कर देते हैं।

By Pinki Negi

World Fact: दुनिया की इकलौती नदी जो 9 देशों से गुजरती है, लेकिन 6400 KM तक नहीं बना एक भी पुल! जानें इसके पीछे का वैज्ञानिक सच।
World Fact

दुनियाभर में हजारों नदियां बहती हैं, लेकिन इनमें से एक ऐसी अनोखी नदी है जो दुनिया के 9 अलग-अलग देशों की सीमाओं को पार करती है। लगभग 6400 किलोमीटर लंबी यह नदी अपनी विशालता के लिए मशहूर है, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसकी पूरी लंबाई में आज तक एक भी पुल नहीं बनाया जा सका है।

यह नदी न केवल भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी अनूठी प्रकृति के कारण वैज्ञानिकों और पर्यटकों को भी हैरान करती है। अगर आप सोच रहे हैं कि यह कौन सी नदी है, तो आपको बता दें कि यह विशाल नदी कोई और नहीं बल्कि दक्षिण अमेरिका की प्रसिद्ध अमेज़न नदी (Amazon River) है।

क्या आप जानते हैं 9 देशों से होकर बहने वाली इस रहस्यमयी नदी का नाम?

दुनिया में हज़ारों नदियाँ हैं, लेकिन एक ऐसी नदी भी है जो अपनी विशालता से बड़े-बड़े दिग्गजों को हैरान कर देती है। लगभग 6400 किलोमीटर लंबी यह नदी दुनिया के 9 देशों से होकर गुजरती है। ताज्जुब की बात यह है कि इतनी लंबी होने के बावजूद इस नदी पर आज तक कोई पुल (Bridge) नहीं बन सका है। बड़े-बड़े ‘जीके’ (General Knowledge) के जानकार भी अक्सर इसका नाम बताने में चूक जाते हैं। यह कोई और नहीं, बल्कि दक्षिण अमेरिका की विशाल अमेज़न नदी (Amazon River) है। यह नदी ब्राजील, पेरू, कोलंबिया समेत कुल 9 देशों के जलक्षेत्र और सीमाओं को छूती है।

अमेज़न नदी

जब हम दुनिया की सबसे शक्तिशाली नदी की बात करते हैं, तो अमेज़न (Amazon) का नाम सबसे ऊपर आता है। दक्षिण अमेरिका की यह जीवनरेखा पेरू के ऊंचे एंडीज पहाड़ों से अपनी यात्रा शुरू करती है और अंत में विशाल अटलांटिक महासागर में जाकर समा जाती है। नील नदी के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे लंबी नदी है, जिसकी लंबाई लगभग 6400 किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई इतनी अधिक है कि कुछ जगहों पर यह 11 किलोमीटर से भी ज्यादा चौड़ी हो जाती है, जिससे इसका दूसरा छोर देखना नामुमकिन सा लगता है। बारिश के दिनों में तो यह नदी एक समुद्र की तरह नजर आती है।

एक महाद्वीप और 9 देशों से होकर गुजरती है यह जलधारा

दक्षिण अमेरिका महाद्वीप की जीवनरेखा मानी जाने वाली अमेज़न नदी का सफर जितना लंबा है, उतना ही रोमांचक भी। यह विशाल नदी पेरू की ऊँची एंडीज पर्वतमाला से निकलती है और हजारों किलोमीटर का सफर तय करते हुए अटलांटिक महासागर में विलीन हो जाती है।

अपनी इस यात्रा के दौरान यह नदी किसी एक या दो नहीं, बल्कि कुल 9 क्षेत्रों/देशों की सीमाओं को छूती या उनसे होकर गुजरती है। इनमें ब्राजील, बोलिविया, पेरू, इक्वेडोर, कोलंबिया, वेनेजुएला, गयाना, सूरीनाम और फ्रेंच गयाना शामिल हैं। इतने बड़े भू-भाग को सींचने के कारण ही इसे दुनिया का सबसे बड़ा नदी तंत्र माना जाता है।

एनाकोंडा का घर और मीठे पानी का महासागर

अमेज़न नदी को दुनिया में मीठे पानी का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है। इस विशाल नदी के दोनों ओर इतने घने और रहस्यमयी जंगल फैले हैं कि सूरज की रोशनी भी ज़मीन तक मुश्किल से पहुँच पाती है। यहाँ की मिट्टी बहुत नरम और दलदली है, जो निर्माण कार्यों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है।

लेकिन यह नदी जितनी जीवनदायिनी है, उतनी ही खतरनाक भी है। यह विशालकाय एनाकोंडा, करंट मारने वाली इलेक्ट्रिक ईल और खूंखार पिरान्हा जैसे जीवों का बसेरा है। यही कारण है कि इस नदी और इसके आसपास के जंगलों को दुनिया के सबसे दुर्गम और रोमांचक स्थानों में गिना जाता है।

आखिर 6400 किमी लंबी नदी पर क्यों नहीं है एक भी पुल?

दुनिया की दूसरी सबसे लंबी और सबसे विशाल नदी होने के बावजूद, अमेज़न पर आज तक एक भी पुल न बन पाना किसी रहस्य से कम नहीं लगता। इसका सबसे बड़ा प्राकृतिक कारण यहाँ की बेहद नरम और दलदली मिट्टी है। नदी के किनारों की ज़मीन इतनी कमज़ोर है कि वहां पुल के भारी खंभों का टिकना लगभग नामुमकिन है।

इसके अलावा, बारिश के मौसम में अमेज़न का जलस्तर अचानक 30 से 40 फीट तक बढ़ जाता है, जिससे नदी की चौड़ाई कई गुना फैल जाती है। ऐसे में यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि पुल कहाँ से शुरू किया जाए और कहाँ खत्म। घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के कारण यहाँ पुल बनाने का खर्च और जोखिम दोनों ही बहुत ज़्यादा हैं, यही वजह है कि लोग आज भी यहाँ आवाजाही के लिए नावों का ही सहारा लेते हैं।

समुद्र के खारेपन को भी मीठा कर देती है यह विशाल नदी

अमेज़न नदी अकेले नहीं बहती, बल्कि यह मदीरा, नीग्रो, टापाजोस और शिंगू जैसी हजारों छोटी-बड़ी सहायक नदियों के साथ मिलकर एक अजेय जलतंत्र बनाती है। इस नदी का जल प्रवाह इतना शक्तिशाली है कि जब यह अटलांटिक महासागर में जाकर गिरती है, तो समुद्र का खारा पानी भी इसके आगे हार मान लेता है। अमेज़न के ताजे पानी का वेग समुद्र के भीतर सैकड़ों किलोमीटर तक महसूस किया जा सकता है, जिससे उस क्षेत्र में समुद्र का पानी भी मीठा बना रहता है। यह प्राकृतिक घटना दुनिया की किसी और नदी में देखने को नहीं मिलती, जो इसे वास्तव में ‘नदियों का राजा’ बनाती है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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