
दुनियाभर में 2 अरब से ज्यादा यूजर्स वाले मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप एक ऐसे बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है, जो प्राइवेसी के नजरिए से गेम-चेंजर साबित हो सकता है। मेटा के स्वामित्व वाला यह ऐप अब एक ‘यूजरनेम’ आधारित फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसके आने के बाद यूजर्स को किसी से चैट करने के लिए अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। साल 2009 में अपनी शुरुआत से ही व्हाट्सएप पूरी तरह फोन नंबर पर निर्भर रहा है, लेकिन यह नया अपडेट इस पहचान को पूरी तरह बदलने वाला है।
कब तक लॉन्च होगा ये फीचर?
मीडिया रिपोर्ट्स और व्हाट्सएप के आधिकारिक अपडेट्स के मुताबिक, कंपनी इस फीचर को जून 2026 के आसपास आधिकारिक तौर पर रोलआउट कर सकती है। हालांकि, मेन लॉन्च से पहले यूजर्स को अपना पसंदीदा यूजरनेम रिजर्व या बुक करने का मौका दिया जा सकता है। फिलहाल यह फीचर Android Beta वर्जन 2.25.28.12 और iOS के TestFlight पर टेस्टिंग स्टेज में है। कंपनी जल्द ही इसके बारे में और अधिक जानकारी देगी।
कैसे काम करेगा यूजरनेम और प्राइवेसी?
व्हाट्सएप ने पुष्टि की है कि यह नया फीचर यूजर्स को सुरक्षा की एक अतिरिक्त लेयर देगा। अब आप अपनी पसंद का एक यूनिक यूजरनेम चुन सकेंगे, जो आपकी पहचान बनेगा। उदाहरण के तौर पर, आप @solardukan, @rahul123 या @priya_sharma जैसे यूजरनेम सेट कर सकेंगे। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप बिना नंबर बताए न सिर्फ चैट कर पाएंगे, बल्कि वॉयस और वीडियो कॉल भी कर सकेंगे।
व्हाट्सएप के एक प्रवक्ता ने इस पर जानकारी देते हुए कहा, “हम भविष्य में व्हाट्सएप पर यूजरनेम लाने को लेकर उत्साहित हैं। इससे लोग अपना फोन नंबर शेयर किए बिना नए दोस्तों, ग्रुप्स और बिजनेस से जुड़ सकेंगे।” उन्होंने आगे बताया कि यह फीचर पूरी तरह ऑप्शनल होगा, यानी यूजर खुद तय करेंगे कि उन्हें इसे इस्तेमाल करना है या नहीं। जो यूजर्स पुराने तरीके से फोन नंबर के जरिए संपर्क करना चाहेंगे, वे वैसा ही कर सकेंगे।
यूजरनेम सेट करने के नियम भी तय किए गए हैं। कम से कम 3 अक्षर और ज्यादा से ज्यादा 30 अक्षर का यूजरनेम रखा जा सकेगा। इसमें छोटे अक्षर, नंबर, डॉट (.) और अंडरस्कोर (_) का इस्तेमाल किया जा सकेगा, लेकिन यूजरनेम यूनिक होना जरूरी होगा।
बिजनेस और आम यूजर्स के लिए फायदे
पहले यह चर्चा थी कि यूजरनेम फीचर सिर्फ व्हाट्सएप बिजनेस खातों के लिए होगा, लेकिन अब साफ हो गया है कि यह सामान्य यूजर्स के लिए भी आएगा। बिजनेस के मामले में व्हाट्सएप ‘बिजनेस-स्कोप्ड यूजर आईडी’ (BSUID) पेश कर रहा है। उदाहरण के लिए, अब ग्राहक सीधे @HDFCBank, @ZomatoSupport या @AmazonIndia जैसे हैंडल खोजकर उनसे संपर्क कर पाएंगे।
इससे ग्राहकों का कंट्रोल बढ़ेगा क्योंकि उन्हें किसी कंपनी से बात करने के लिए अपना नंबर देने की मजबूरी नहीं होगी। दूसरी तरफ, कंपनियों को भी अपनी ब्रांड पहचान बनाने में इससे मदद मिलेगी। छोटे व्यापारी भी अपने स्टोर का नाम यूजरनेम के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे ग्राहक उन्हें आसानी से ढूंढ पाएंगे।
प्राइवेसी क्यों जरूरी थी?
पिछले 15 सालों से व्हाट्सएप का फोन नंबर आधारित सिस्टम कई समस्याएं पैदा कर रहा था। अनजान लोगों को नंबर शेयर करना, स्पैम मैसेज आना, और प्राइवेसी का खतरा रहना आम शिकायतें थीं। Telegram और Signal जैसे ऐप्स पहले से ही यूजरनेम फीचर दे रहे थे, जिससे उनके यूजर्स को ज्यादा सुरक्षा मिल रही थी। अब व्हाट्सएप भी इस दौड़ में शामिल हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपडेट व्हाट्सएप को और भी सुरक्षित बना देगा, खासकर उन यूजर्स के लिए जो ऑनलाइन धोखाधड़ी या हैरासमेंट का शिकार होते रहे हैं। साथ ही, यह फीचर डिजिटल इंडिया के प्राइवेसी मिशन के भी अनुकूल है।









