
दुनिया के सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने अपने प्लेटफॉर्म पर एक बड़ा अपडेट रोलआउट कर दिया है। अब स्टेटस अपडेट्स और चैनल्स के बीच स्पॉन्सर्ड विज्ञापन दिखाई देने लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 4 अरब यूजर्स वाले इस ऐप पर यह बदलाव ग्लोबली लागू हो गया है, जिसमें भारत जैसे बड़े मार्केट भी शामिल हैं। मेटा की इस पहल से बिजनेस की पहुंच बढ़ेगी, लेकिन यूजर्स की प्राइवेसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यह खबर उन करोड़ों भारतीय यूजर्स के लिए खास है जो रोजाना वॉट्सऐप पर स्टेटस चेक करते हैं। पहले स्टेटस टैब सिर्फ दोस्तों-रिश्तेदारों के अपडेट्स तक सीमित था, लेकिन अब ‘Updates’ टैब में “Sponsored” लेबल वाले ऐड्स फंस जाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव यूजर्स को नए बिजनेस और चैनल्स से जोड़ने के लिए है, जिससे लोकल दुकानें, सर्विस प्रोवाइडर्स और ब्रांड्स आसानी से ग्राहक बना सकें।
नए फीचर्स का विस्तार से परिचय
वॉट्सऐप के लेटेस्ट अपडेट में ‘Status Ads’ और ‘Promoted Channels’ मुख्य आकर्षण हैं। स्टेटस सेक्शन में दोस्तों के अपडेट्स के बीच स्पॉन्सर्ड पोस्ट्स दिखेंगी, जो लोकेशन, भाषा, चैनल सब्सक्रिप्शन और स्टेटस इंटरैक्शन पर आधारित होंगी। उदाहरण के लिए, अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और लोकल शॉपिंग चैनल फॉलो करते हैं, तो पास की दुकानों के ऐड्स प्रायोरिटी में आएंगे। प्रमोटेड चैनल्स यूजर्स को सर्च और चैट शुरू करने की सुविधा देंगे, जहां सवाल पूछकर तुरंत जवाब मिल सकेगा।
खास बात यह है कि ये ऐड्स सिर्फ Updates टैब तक सीमित रहेंगे। पर्सनल चैट्स, ग्रुप्स, कॉल्स या वॉइस मैसेज पर कोई विज्ञापन नहीं आएगा। वॉट्सऐप ने स्पष्ट किया कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बरकरार रहेगा, यानी आपकी निजी बातचीत पूरी तरह सुरक्षित है। यूजर्स ऐड पर टैप करके प्रोफाइल देख सकते हैं, हाइड कर सकते हैं या रिपोर्ट कर सकते हैं। सेटिंग्स में जाकर प्राइवेसी > ऐड्स से पर्सनलाइजेशन कंट्रोल भी किया जा सकता है।
बिजनेस और यूजर्स को क्या फायदा?
इस अपडेट से बिजनेस कम्युनिटी को सबसे ज्यादा लाभ होगा। छोटे व्यापारी, जैसे गाजियाबाद की लोकल सोलर पैनल दुकानें या ऑनलाइन स्टोर, अब वॉट्सऐप पर डायरेक्ट विजिबिलिटी पा सकेंगे। पहले फेसबुक या इंस्टाग्राम पर ऐड चलाने पड़ते थे, लेकिन अब वॉट्सऐप के 4 अरब यूजर्स तक पहुंच आसान हो गई। कंपनी के मुताबिक, यह टूल्स बिजनेस की सेल्स बढ़ाएंगे और यूजर्स को पसंदीदा प्रोडक्ट्स की खोज में मदद करेंगे।
यूजर्स के लिए फायदे भी कम नहीं। नई रेसिपी, डिस्काउंट ऑफर या सरकारी स्कीम्स से जुड़े चैनल्स आसानी से मिलेंगे। रिपोर्ट/हाइड ऑप्शन से स्क्रीन क्लीन रखी जा सकेगी। हालांकि, कुछ यूजर्स को इससे जलन हो सकती है, खासकर जो ऐड-फ्री एक्सपीरियंस चाहते हैं। यूरोप जैसे क्षेत्रों में सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध है, जहां ऐड्स हटाने के लिए मासिक फीस देनी पड़ती है। भारत में यह सुविधा जल्द आ सकती है, लेकिन अभी फ्री वर्जन ही मुख्य है।
यूजर्स कैसे मैनेज करें विज्ञापन?
वॉट्सऐप ने यूजर कंट्रोल पर जोर दिया है। स्टेटस प्राइवेसी सेटिंग्स से कॉन्टैक्ट्स चुनें। ऐड दिखने पर:
- लंबे प्रेस करके हाइड या रिपोर्ट करें।
- सेटिंग्स > प्राइवेसी > ऐड्स में डेटा शेयरिंग बंद करें।
- अपडेट टैब में सिर्फ फॉलो किए चैनल्स दिखाने का ऑप्शन चुनें।
भविष्य की संभावनाएं और चिंताएं
मेटा की यह रणनीति व्हाट्सबिज और चैनल्स को मोनेटाइज करने की है। आने वाले महीनों में और फीचर्स, जैसे पेड सब्सक्रिप्शन या इन-ऐप शॉपिंग आ सकते हैं। लेकिन प्राइवेसी एडवोकेसी ग्रुप्स सतर्क हैं, हालांकि कंपनी का दावा है कि डेटा सेफ रहेगा। भारतीय यूजर्स, जो यूपीआई और डिजिटल पेमेंट्स पर निर्भर हैं, इस बदलाव को सकारात्मक लेंगे अगर कंट्रोल मजबूत रहे।
वॉट्सऐप लगातार अपडेट्स ला रहा है ताकि यूजर्स सक्रिय रहें। अगर आपके फोन पर यह दिख रहा है, तो सेटिंग्स चेक करें। क्या यह बदलाव वाकई फायदेमंद साबित होगा? कमेंट्स में बताएं।









